उत्तराखंड के हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे जी ने एक सभा में भाषण दिया, तो मनुवादियों ने उनकी जाति देखकर उस जगह के शुद्धिकरण के लिए हवन का आयोजन किया।
RSS, बजरंग दल, हिंदू महासभा.. किसी ने भी इसकी निंदा नहीं की। हिंदू धर्म में दलितों की यही हैसियत है।
#Nashik
These kids are saying, “Nobody pays attention to us.” All they are asking for is a good road so they can get to school safely.
This Independence Day, let’s pledge to change this.
#Nagpur
Students are demanding bus transport because their school is 7 km away.
When simply reaching school becomes a daily hardship, what hope are we giving these children for their future?
'हम ऐसा भारत चाहते हैं... जहां पर कोई बच्चा सिग्नल पर तिरंगा झंडा ना बेचे। वो तिरंगा झंडा लेकर अपने स्कूल जाए... और वहां जाकर वो राष्ट्रगान गाए' : अभिजीत दिपके, CJP
#AbhijitDipke#CJP
मैं जल्द ही केंद्रीय आईटी मंत्री माननीय @AshwiniVaishnaw जी से मिलूंगा और सोशल मीडिया पर चल रहे बेनामी, देश-विरोधी खातों पर तुरंत कार्रवाई की मांग करूंगा। जिनकी भाषा में आज हमला हो रहा है, जवाब उन्हीं की भाषा में दिया जाएगा।
अजीब बात है,🤔
सोशल मीडिया पर Campaign चल रहा है, "आरक्षण हटाओ" लेकिन RSS के Chief मोहन भागवत कहते हैं, कि हम "आरक्षण का समर्थन" करते हैं,
तो यह कौन लोग हैं जो कैंपेन चला रहे हैं आरक्षण के खिलाफ ?
Mohan Bhagwat on Reservation.
अगर माइलेज 3–5% घटेगा, तो हर 100 किमी पर जनता की जेब से और पैसा निकलेगा। बाइक चालक 6–11 रुपये और कार चालक 21–35 रुपये तक अतिरिक्त खर्च करेगा।
भुगतान ज़्यादा, माइलेज कम–आखिर E20 के नाम पर जनता की जेब पर दोहरा वार क्यों?
कीवी पत्रकार 🇳🇿: नरेंद्र मोदी प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं करते?
बाबू: क्योंकि भारत की ज़्यादातर आबादी ग्रामीण है, उन्हें सवाल-जवाब नहीं, सीधे भाषण पसंद हैं।
ये सराहना है या फिर बेज्जती 😱🥺
Paper Leak, बेरोज़गारी, महंगाई जैसे मुद्दे शायद अब खत्म हो गए हैं…
तभी तो DNA में राहुल सिन्हा और Black & White में अंजना के लिए चर्चा का विषय अब “अभिनय” रह गया है।
Rejoinder के साथ जल्द मुलाकात होगी।
तब तक…
कह लीजिए
निशाना मैं नहीं, मेरे सवाल हैं|
शिक्षकों के सम्मान में बबीता मैडम भी आ गई मैदान में..
उन्होंने जबरदस्त ढंग से अंजना को रेलते हुए कहा कि अगर अंजना टीचरों को कह रही है कि टीचर दो कौड़ी की है तो अंजना खुद फूटी कौड़ी की ठहरी..!
बुलेट ट्रेन, 5 ट्रिलियन इकोनॉमी, विश्वगुरु बनने की बाते है, और 1 लाख स्कूलों में बिजली नहीं, वही 98,500 स्कूलों में बेटियों के लिए शौचालय नहीं।
जिस देश के बच्चों को बुनियादी सुविधाएँ न दे पा रहे हो हम तो सच में आत्ममंथन की जरूरत है #education_system
अंजना जी, TRP की मंडी' में बैठकर 'शिक्षा के मंदिर' पर उंगली उठाना बहुत आसान है।
जिन बच्चों की गाढ़ी कमाई लूटने का आप आरोप लगा रही हैं, उन्हीं बच्चों के हक़ के लिए जब शिक्षक सड़कों पर लाठियां खाते हैं, तब आपका 'निष्पक्ष' कैमरा AC स्टूडियो से बाहर क्यों नहीं निकलता?
जब ट्विटर पर हमारे बच्चे महीनों तक ट्रेंड चलाते हैं, तब आपके प्राइम टाइम में क्या चल रहा होता है, ये पूरा देश जानता है।
अगर सच में आपको इन बच्चों की फिक्र है, तो इनकी असली आवाज़ बनिए। अपने शो में बेबाकी से दिखाइए कि SSC GD से लेकर UP SI के एग्जाम्स में धांधली और अव्यवस्था के नाम पर सिस्टम इनके साथ क्या खेल कर रहा है। जिस दिन आप इन मिडिल क्लास छात्रों का असली दर्द देश के सामने रखेंगी, यकीन मानिए मैडम, उस रात आपको बहुत सुकून की नींद आएगी और ऊपर वाला भी आपके इस काम को देखकर खुश होगा। गालियां देने से बेहतर है, इनका सच दिखाइए।
यह भी जान लीजिए कि मैंने अपनी ऑफलाइन कोचिंग्स बंद किए आज 7 साल से ज्यादा हो गए हैं। और ऑनलाइन Abhinay Maths[10lakh+ users] पर इस समय जो भी कोर्स उपलब्ध हैं, वे पूरी तरह निःशुल्क हैं।YouTube पर लगातार free classes पढ़ा रहा हूँ। महीने में कई करोड़ लोग उन्हें देखते हैं और comment पढ़कर मेरी teaching का आसानी से आकलन कर सकते हैं।
देश के इन हालातों के लिए इस देश की मीडिया पूरी तरह जिम्मेदार है जिसने सत्ता की एक तरफा तरफदारी की और विपक्ष और देश के मुद्दों पर सवाल करने वालों को दुश्मन की तरह पेश किया।
आज YouTube मीडिया जर्नलिस्ट तक TV मीडिया को गलत कहते और रोस्ट करते दिख जाएंगे...
आज back to back paper leak हो रहे हैं, परीक्षाएँ cancel हो रही हैं, सरकार back foot पर है, असहाय महसूस कर रही है, मगर TV मीडिया और उनके so called बड़े anchors इस दर्द को अपना दर्द मानकर सरकार को बचाने के लिए बौखलाहट में कुछ भी बयान दे रहे हैं।नैतिकता भी कोई चीज़ होती है....
जैसा अंजना ने इस व्यवस्था में सबसे बड़ा दोषी YouTube Teachers को बता दिया और 2 कौड़ी तक का कह दिया.....यदि किसी व्यक्ति विशेष से असहमति थी तो उसका नाम लेकर आलोचना करती।
इसके लिए India Today @aroonpurie को और अंजना को सार्वजनिक स्पष्टीकरण और माफ़ी जारी करनी चाहिए, India Today के हर platform का boycott होना चाहिए और किसी भी शिक्षक को कभी वहाँ नहीं जाना चाहिए।
हमें 2 कौड़ी का कह देना उन छात्र समुदाय के दिल पर भी आघात है जो हमें गुरु मानते हैं...
अगर आज आप अपने घर में पढ़ रहे बच्चों से... सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे बच्चों से पूछेंगे, तो हमारे योगदान को आपको बता पाएंगे...
पिछले 10 वर्षों से गणित पढ़ाने के साथ मैं बेरोज़गारी, भर्ती प्रक्रिया की खामियों, पेपर लीक और छात्रों के अधिकारों की लड़ाई भी लड़ रहा हूँ।
जिसने वर्षों तक पत्रकारिता को TRP, प्रोपेगेंडा और सत्ता के पक्ष-विपक्ष की लड़ाई में बदल दिया हो, उसे शिक्षकों को 'धंधेबाज' कहने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए।
शिक्षा में गलत लोग भी हैं।
लेकिन पत्रकारिता में भी हैं।
राजनीति में भी हैं।
व्यापार में भी हैं।
तो क्या कुछ गलत लोगों के कारण पूरे शिक्षक समाज को "दो कौड़ी का" कह दिया जाएगा?
anjana शिक्षक का सम्मान कमाने में वर्षों लगते हैं।
भर्तियाँ अटक रही थीं,
लाखों युवाओं की उम्र निकल रही थी,
तब आपके स्टूडियो की आवाज़ कहाँ थी?
शिक्षकों ने पैसे लेकर शिक्षा दी है।
लेकिन पैसे लेकर किसी राजनीतिक दल का प्रवक्ता बन जाना,
व्यवस्था की हर गलती पर पर्दा डालना,
और जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाना...
यह सिर्फ पत्रकारिता का पतन नहीं,
बल्कि अपने पेशे के साथ गद्दारी है।
शिक्षक फीस लेकर ज्ञान देता है,
मेहनत करवाता है,
बच्चे का भविष्य बनाता है
शिक्षकों ने पैसे लेकर पढ़ाया है,
देश के लाखों युवाओं को रोजगार तक पहुँचाया है।
लेकिन गलत को सही और सही को गलत साबित करने की कीमत लेकर काम करना,
समाज और लोकतंत्र दोनों के साथ विश्वासघात किसने किया ?