भारत का मीडिया खान सर के पीछे हाथ धोकर लगा है.
खान सर को फरार बता रहा है, खान सर को फैजल खान लिख रहा हैं जबकि खान सर अपनी कोचिंग में क्लास ले रहे हैं.
सुनिए khan sir ने क्या कहा
मोदी जी के राज में विकास दर कितनी बढ़ी है आप लोग जानते हैं?
गौतम अडानी - 1000%
मुकेश अंबानी - 800%
भारतीय मीडिया - 750%
बाबा रामदेव - 600%
बीफ कंपनी - 500%
अंधभक्त। - 5 किलो राशन।
इन सभी ने भाजपा को सत्ता में लाने और बनाए रखने में पूरी मेहनत की है सबका विकास हुआ।
लेकिन ये अंधभक्तों के साथ अन्याय क्यों?
आज मैं पूरी तरह से अंधभक्तों के साथ हूं आखिर इनकी पावर को इतना कम क्यों आंक रहे हैं मोदी जी?
🚨ब्रेकिंग : याद है जब शाहरुख खान ने अंजना ओम कश्यप और गोदी मीडिया को उनके चेहरे पर उड़ा दिया था
अंजना लगभग रोने ही वाली थीं। अंजना ओम कश्यप को आईना दिखा गए किंग खान ने🗿🔥
अमेरिका में अडानी पर चल रहा फ्रॉड का केस बंद हो जाएगा.
अब साफ है कि मोदी ने अमेरिका के साथ एकतरफा डील इसलिए की ताकि अडानी को राहत मिल सके.
यही वजह है कि मोदी अमेरिका के आगे खुलकर बोल नहीं पाते हैं. ट्रंप जितना कहते हैं, मोदी उतना ही करते हैं.
मोदी पूरी तरह से compromised हैं.
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अमित शाह का वो पुराना वीडियो याद है?
तब सुवेंदु अधिकारी नारदा स्टिंग में भ्रष्टाचार का चेहरा थे।
आज वही BJP में जाकर बंगाल के CM बन गए हैं।
मोदी सरकार की washing machine में
रिश्वतखोर धुलते नहीं,
देशभक्त बनकर निकलते हैं। 🤡
कौन है मोहन भागवत, पीएम है सीएम है या कोई बड़ा सरकारी अधिकारी है?
जिस संगठन ने 52 साल तिरंगा तक नहीं फहराया, उसके अध्यक्ष पर नरेंद्र मोदी भारत की जनता के खून पसीने की कमाई क्यों लुटा रहे हैं?
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1984 में अमिताभ बच्चन चुनाव लड़ रहे थे, तो दूरदर्शन पर उनकी फिल्मों के प्रसारण तक पर रोक लगा दी गई थी।
1991 में ‘चक्र’ चुनाव चिन्ह था, तो Wheel डिटर्जेंट के विज्ञापन तक बंद करा दिए गए थे।
2014 में हाथ के पंजे और हाथी की मूर्तियों तक को ढकवा दिया गया था।
तब चुनाव आयोग निष्पक्षता दिखाने के लिए सख्त फैसले लेता था, चाहे सरकार किसी की भी हो।
लेकिन आज खुले मंचों से धार्मिक नारों पर वोट मांगे जा रहे हैं, नेताओं की तस्वीरें और प्रचार हर जगह दिखाई दे रहे हैं, मीडिया का बड़ा हिस्सा लगातार महिमामंडन में लगा है… और चुनाव आयोग लगभग मूक दर्शक बना नजर आता है।
सवाल किसी एक पार्टी का नहीं है…
सवाल यह है कि क्या हमारी संवैधानिक संस्थाएँ पहले जैसी निष्पक्ष और मजबूत बची हैं?
महिलाओं के खिलाफ अपराध में टॉप 5 राज्य
1. यूपी: 66,398 मामले
2. महाराष्ट्र: 47,954 मामले
3. राजस्थान: 36,563 मामले
4. पश्चिम बंगाल: 34,360 मामले
5. मध्य प्रदेश: 32,832 मामले
NCRB 2024 के अनुसार