CJP के आशुतोष रांका बोले- "हिंदू-मुस्लिम और मेलोडी की बातें आपने जरूरी सुनी होंगी लेकिन 2 मिनट शिक्षा के मुद्दे पर बात कर लो, इन्हें सांप सूंघ जाता है..."
"मैंने एक शब्द भी नहीं कहा था..." कल हिरासत में ली गईं थी धुरंधर एक्ट्रेस आयशा खान, बोलीं- मुझे 4-5 महिला पुलिसकर्मियों ने पकड़ कर खींचा! बाद में हुईं रिहा!
"जो सरकार भगवान राम के नाम पर सत्ता में आई थी, वो आज भगवान को ही लूटकर ले गए. जनता तो फिर किस खेत की मूली है...”
- बजरंग पुनिया, ओलंपिक पदक विजेता पहलवान
PM मोदी ने कहा-पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनायेंगे, CJP बोली- यह फ्रैक्चर पर बैंड-एड लगाने जैसा!
रिपोर्ट- @GitaSunilPillai
https://t.co/RVn9H7a7Tn
धमेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना होगा।
आज हजारों युवा सड़कों पर हैं, उन पर लाठीचार्ज किया गया। कई युवा हॉस्पिटल में भर्ती हैं, उनके माता-पिता परेशान हैं।
इसलिए जब तक इस्तीफा नहीं होगा, चर्चा संभव नहीं है।
खबर है कि जंतर मंतर पर हिंसा कराई जाने की कोशिश की जा रही है। BJP सरकार, दिल्ली पुलिस एवं मिडिया का प्रयास है कि किसी भी तरह से हिंसा फैलाई जाए ताकि छात्रों के इस आंदोलन को कुचला जा सके। कितनी निकम्मी है सरकार!
1.काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का देश की राजधानी नई दिल्ली में संसद के नज़दीक जन्तर मन्तर में पिछले कई दिनों से, ख़ासकर मेडिकल की नीट जैसी विशेष परीक्षा आदि में पेपरलीक व अन्य गड़बडियों के दुष्परिणामों से छात्र-छात्राओं व उनके परिवार के काफी बुरी तरह से प्रभावित हो रहे जीवन को लेकर जारी अनिश्चितकालीन आन्दोलन के कारण सड़क से लेकर संसद तक में ज़बरदस्त हंगामा बरपा है और अब इसका राजनीतिकरण करने से यह मुद्दा सरकार के साथ सीधे टकराव का हो गया है, जिस विषम स्थिति से देश को निकालना ज़रूरी है, क्योंकि इससे दिल्ली में ही नहीं बल्कि विभिन्न राज्यों में भी आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
2.वैसे चाहे पूरे देश में अयोध्या श्रीराम मन्दिर में चढ़ावा चोरी/ग़बन आदि का गर्म मामला हो या फिर आल-इण्डिया व राज्यों की परीक्षाओं आदि में पेपरलीक का मुद्दा हो, यह सभी मूलतः भ्रष्टाचार के हर स्तर पर पनपने का ही परिणाम है।
3.इसके साथ ही यह संवैधानिक नैतिकता (constitutional morality) से भी जुडा़ मामला है, जिसके अभाव में यह देश को दीमक की तरह खाता चला आ रहा है, जबकि संविधान निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने गुड गवरनेन्स हेतु इस पर ख़ास ध्यान देने की ज़रूरत पर विशेष बल दिया है।
4.संक्षेप में मेरा यही कहना है कि देश व जनहित से जुड़े वर्तमान विकट हालात के सौहार्दपूर्ण समाधान हेतु सरकार तथा माननीय कोर्ट जैसी संवैधानिक संस्थाओं को अपनी भूमिका निभाने की पहल करनी चाहिये तो यह बेहतर होगा।
5.साथ ही, सीजेपी के व्यापक हो रहे आन्दोलन का अब विभिन्न राजनीतिक पार्टियों द्वारा अपने-अपने संकीर्ण स्वार्थ में राजनीतिकरण करके सड़क से लेकर संसद तक में टकराव व हिंसा किया जाना घोर अनुचित। सरकार व आन्दोलनकारी दोनों मिलकर इसका शान्ति व सौहार्दपूर्ण समाधान जितना जल्द निकालें उतना ही उचित।
यह इस देश का दुर्भाग्य है कि सरकार खुद पत्थरों का इंतेजाम करती है फिर शांतिपूर्ण आंदोलन में गुण्डे भेजकर आंदोलन को बदनाम करने के लिए पत्थर फिंकवाती है और बच्चों पर लाठी व आँशु गैस का इस्तेमाल करवाती है ! अब यह शाजिस नहीं चलेगी !
बेहद शर्मनाक !
जय संविधान ! जय भारत ! जय भीम !
2011 में रामदेव के आंदोलन को रामलीला मैदान से हटाने के लिए दिल्ली पुलिस ने तब हल्का बल प्रयोग किया था.
सुप्रीम कोर्ट ने स्वत Suo Motu के तहत संज्ञान लिया था. सुप्रीम कोर्ट ने तब कहा था, आधी रात को पुलिस की कार्यवाही सही नही थी.
आज सुप्रीम कोर्ट को Police atrocities पर सुनवाई करने के लिए तैयार नही है. वकील नर कहा atrocities के वीडियोज हैं, तब चीफ जस्टिस ने कहा हमारे पास वीडियो देखने के लिए टाइम नही है.