#ROARO_ONESHIFT
प्रिय योगीजी ,
सचिव बैद गुर तीनि जौं प्रिय बोलहिं भय आस
राज धर्म तन तीनि कर होइ बेगिहीं नास ॥ ३७ ॥
मंत्री, वैद्य और गुरु- ये तीन यदि भय या (लाभ की) आशा से (हित की बात न कहकर) प्रिय बोलते हैं, तो राज्य, शरीर और धर्म- इन तीन का शीघ्र ही नाश हो जाता है ॥
"सिर्फ़ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं
मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए
मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही
हो कहीं भी आग लेकिन आग जलनी चाहिए।"
~दुष्यन्त कुमार
#UPPSC_ONEDAY_ONESHIFT#NO_NORMALIZATION_UPPSC#uppsc_.