. @HemantSorenJMM जी जरा एक बार आंख खोल कर दीजिए, किस तरह संथाल परगना में देश विरोधी जिहादी लोग पनप रहे हैं।
परम आदरणीय श्री @yourBabulal जी ने इस मामले में कई बार आपको अवगत कराया था, लेकिन आपने वोट बैंक की लालसा और तुष्टिकरण की नीति के कारण मामले को गंभीरता से नहीं लिया ।
झारखंड में अपराधियों के नित्य प्रतिदिन बढ़ते हौंसले को देखिए। जमशेदपुर में पुलिस के वैन से ही युवक को खींचकर अपराधियों ने उसपर कातिलाना हमला कर दिया।
यह जंगल राज नहीं तो और क्या है?
हेमंत सरकार के रहते झारखंड की कानून व्यवस्था रसातल में चली गई है। अपराधी बेलगाम हैं। क्या यही हेमंत सोरेन के अबुआ राज का नमूना है?
@blsanthosh@BJP4India@BJP4Jharkhand@NagendraNathBJP@bjpkarmveer@yourBabulal@AdityaPdSahu
मुख्यमंत्री जी, बातें सुनने में अच्छी लगती हैं, लेकिन झारखंड की जनता अब भाषण नहीं, ज़मीनी परिणाम चाहती है।
आप कहते हैं कि विद्यालय बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित स्थान होने चाहिए, लेकिन सवाल यह है कि क्या आपकी सरकार ने उन्हें वास्तव में सुरक्षित बनाया?
• सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के हजारों पद वर्षों से खाली हैं।
• कई विद्यालय आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
• शिक्षा की गुणवत्ता लगातार चिंता का विषय बनी हुई है।
• कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी है कि अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
शिक्षकों को सरकार की "आँख, कान और नाक" बनने की सलाह देने से पहले सरकार को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। शिक्षक शिक्षा देने के लिए होते हैं, प्रशासनिक विफलताओं की भरपाई करने के लिए नहीं।
शिक्षा का उद्देश्य केवल भाषणों से पूरा नहीं होगा। इसके लिए सुरक्षित विद्यालय, पर्याप्त शिक्षक, बेहतर संसाधन और जवाबदेह शासन चाहिए।
झारखंड को उपदेश नहीं, सुशासन चाहिए।
वादा आपने हर वर्ष 5 लाख नौकरी देने का किया था, कुछ न्युक्ति देकर अपन पीठ थपथपाना बंद कीजिए हजूर, जनता आप के लॉलीपॉप को समझ चुकी है।
@yourBabulal@AdityaPdSahu
झारखंड की जल, जंगल और जमीन राज्य की अमूल्य संपत्ति हैं, लेकिन हेमंत सरकार ने इन्हें लूटने की कसम खा रखी है।
साहिबगंज जिले के नींबू पहाड़ में 1000 करोड़ रुपये से अधिक के अवैध खनन मामले को लेकर पहले भी गंभीर सवाल उठ चुके हैं। इस मामले में सत्ताधारी दल के शीर्ष नेताओं की संलिप्तता, न्यायालय की कार्यवाही और सीबीआई जांच तक की स्थिति सामने आने के बाद भी अवैध खनन को लेकर चिंता समाप्त होती नहीं दिख रही है।
अब जिले के बड़हरवा क्षेत्र में लगभग 10 एकड़ क्षेत्र में फिर से अवैध खनन की जानकारी सामने आ रही हैं। हमारे कार्यकर्ताओं ने अवैध खनन का वीडियो भी उपलब्ध कराया है। इसमें जिले के डीसी, एसपी, डीएमओ, स्थानीय पुलिस प्रशासन भी समान रूप से जिम्मेवार है।
पिछले 7 वर्षों में खदानों की नीलामी प्रक्रिया और खनन प्रबंधन को शिथिल कर हेमंत सोरेन अपने करीबियों के माध्यम से जल जंगल जमीन को लूट रहे हैं।
@dir_ed@CBIHeadquarters संज्ञान लेकर शीघ्र कारवाई करें।
@PMOIndia@HMOIndia@ANI@PTI_News@ians_india@AHindinews@BJP4Jharkhand
झारखंड में बेटी-बहनों की सुरक्षा खतरे में है और कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जमीन लूट और आदिवासी समाज की संपत्तियों पर अवैध कब्जे की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। विकास के नाम पर पिछले छह वर्षों में कुछ भी दिखाई नहीं देता।
लातेहार के किसी भी गांव में जाकर पूछ लीजिए, जनता खुद इसका जवाब दे देगी।"
: श्री @AdityaPdSahu जी, प्रदेश अध्यक्ष
झूठ बोलकर और लोगों को ठगकर सत्ता में आने का काम झारखंड मुक्ति मोर्चा ने किया है। पत्थरों की लूट हो या बालू की लूट, झामुमो ने पूरे झारखंड को 'लूटखंड' बना दिया है।
जब प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होते हैं, तब झामुमो के मुंह में दही जम जाता है। न कोई जांच होती है, न कोई कार्रवाई; उल्टे यह सरकार पूरे मामले पर लीपापोती करने में जुट जाती है।
सांसद रिश्वत कांड हो या झारखंड आंदोलन को बेचकर सरकार बचाने का मामला, झामुमो का इतिहास हमेशा दागदार रहा है। आने वाले समय में झारखंड की जनता इस अहंकारी सरकार को भी बाहर का रास्ता दिखाएगी।
-श्री @amarbauri जी, प्रदेश महामंत्री
जमशेदपुर में पुलिस के सामने खुलेआम चापड़ चली, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रही। बिष्टुपुर में हुई यह खूनी वारदात झामुमो-कांग्रेस के 'जंगलराज' की असल तस्वीर है। आखिर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं? अपराधियों को आखिर किसका संरक्षण प्राप्त है?
जहां कभी नक्सलियों का खौफ था, आज वहां रोशनी की किरण पहुंच रही है।
मोदी सरकार के देशव्यापी नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत झारखंड का पश्चिम सिंहभूम जिला अब लाल आतंक के साए से बाहर निकल रहा है। जिस क्षेत्र को माओवादियों ने दशकों तक अपना गढ़ बनाकर विकास से वंचित रखा, वहां अब बदलाव की नई कहानी लिखी जा रही है।
मोदी सरकार के सख्त अभियान से नक्सलियों की पकड़ कमजोर हुई और वर्षों से अंधेरे में डूबे बोरो गांव में अब पहली बार बिजली का बल्ब जलने जा रहा है। यह सिर्फ एक गांव तक बिजली पहुंचने की नहीं, बल्कि भय पर विकास और अंधेरे पर उजाले की जीत की कहानी है।
हेमंत है तो अपराधियों में हिम्मत है।
जमशेदपुर में पुलिस की मौजूदगी में जिस तरह अपराधियों ने जानलेवा हमला किया, उसमें करणी सेना के युवा जिलाध्यक्ष हिमांशु कुमार सिंह की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। यह घटना झारखंड की कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती है।
हमारी राय में सोरेन सरकार के कार्यकाल में अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद हुए हैं। सरकार की विफल कानून-व्यवस्था का खामियाजा आज आम और निर्दोष नागरिकों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है।
ट्रांसफर-पोस्टिंग उद्योग और पुलिस को राजनीतिक टुल की तरह इस्तेमाल करने के करण आज प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को नपुंसक बना दिया है, यदि ईमानदार अधिकारियों को किनारे कर व्यवस्था को राजनीतिक प्रभाव में चलाया जाएगा, तो अपराधियों का मनोबल बढ़ना स्वाभाविक है।
झारखंड की जनता का दुर्भाग्य है कि राज्य में एक ऐसी सरकार है जिसे आम जनता की जान का कोई कीमत नहीं है, अगर परवाह है तो सिर्फ वसूली का टारगेट का।
@HemantSorenJMM जी आखिर कब तक झारखंड में निर्दोषों का खून बहता रहेगा? कब तक परिवार उजड़ते रहेंगे?
यदि सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में असफल है, तो इसकी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।
आज जिस तरह राज्य की पुलिसिंग पर सवाल उठ रहे हैं, वह झारखंड के इतिहास का एक दुखद अध्याय बनता जा रहा है।
हेमंत जी अगर आप में तनिक भी नैतिकता बची है तो तुरंत इस्तीफा दे दे अब आपसे झारखंड नहीं संभाल रहा है।
एक परिवार ने अपना जवान बेटा खो दिया। हम दिवंगत आत्मा को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं तथा शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। घायल प्रत्युष आनंद के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।
इस मामले में शामिल सभी अपराधियों को तत्काल गिरफ्तार कर कठोरतम सजा दी जाए, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, यदि किसी भी पुलिसकर्मी की लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है, तो उसके विरुद्ध तत्काल कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।
@yourBabulal@AdityaPdSahu@bjpkarmveer@itssuniltiwari
NGT के आदेश... लेकिन बालू माफियाओं का कारोबार बेखौफ!
झारखंड में NGT की रोक के बावजूद नदियों से अवैध बालू उठाव का खेल धड़ल्ले से जारी है।
खबरें हैं कि बुंडू, तोरपा और जरियागढ़ क्षेत्र की नदियों से बालू निकालकर राजधानी रांची के बॉर्डर इलाकों में डंप किया जाता है और फिर ऊंचे दामों पर बेचा जाता है।
NGT के आदेशों का पालन कौन कराएगा?
बालू माफियाओं को संरक्षण कौन दे रहा है?
पर्यावरण और सरकारी राजस्व की इस खुली लूट पर कार्रवाई कब होगी?
यदि ये खबरें सही हैं, तो सरकार को तत्काल निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।
@HemantSorenJMM सरकार जवाब दे अगर प्रतिबंध है, तो नदियों से बालू का उठाव कैसे हो रहा है?
राजधानी रांची के आसपास बालू डंप कर ऊंचे दामों पर बिक्री किसकी निगरानी में हो रही है?
प्रशासन कार्रवाई क्यों नहीं कर पा रहा, या करना नहीं चाहता?
पर्यावरण की रक्षा के नाम पर आदेश सिर्फ कागज़ों तक सीमित क्यों हैं?
जब नदियां लुट रही हों और बालू माफिया बेखौफ हों, तब सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
झारखंड की नदियां किसी माफिया की जागीर नहीं हैं।
@yourBabulal@AdityaPdSahu@DC_Ranchi@ranchipolice@HemantSorenJMM@itssuniltiwari
कर्म का हिसाब किसी अदालत की तरह तारीख़ों पर नहीं चलता, वह हर श्वास के साथ लिखा जाता है। मनुष्य छल, झूठ, अन्याय और विश्वासघात करके कुछ समय के लिए बच सकता है, लेकिन कर्म से कभी नहीं।
काल मौन रहता है, पर अंधा नहीं। बीज की तरह कर्म भी अपने समय पर फल देता है। इसलिए किसी की चुप्पी को उसकी हार और अपने अहंकार को अपनी जीत मत समझिए।
पद, धन, सत्ता और सम्मान सब यहीं रह जाते हैं, लेकिन कर्म साथ चलता है। याद रखिए—न्याय देर से हो सकता है, पर कभी अनुपस्थित नहीं होता। कर्म प्रतीक्षा करता है, भूलता नहीं… और जब उसका समय आता है, तो सबसे बड़ा अहंकार भी तिनकों की तरह बिखर जाता है।
झामुमो सरकार में कांग्रेसी स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने पहले झारखंड की स्वास्थ्य सुविधाओं का बेड़ागर्क किया, अब स्वास्थ्य संस्थानों को भी बर्बाद करने पर उतारू हैं।
रिम्स के पूर्व निदेशक डॉ. राजकुमार के इस्तीफे ने झामुमो-कांग्रेस सरकार के भ्रष्ट और दबाव वाली कार्यप्रणाली की पोल खोल दी है। जब निदेशक ने गवर्निंग बॉडी के कथित अवैध भुगतान के दबाव को मानने से इनकार किया, तो उन्हें शोकॉज नोटिस, जांच और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।
यह सिर्फ एक अधिकारी का इस्तीफा नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि झामुमो-कांग्रेस सरकार में संस्थानों को राजनीतिक दबाव और भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया गया है
आखिरकार माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्री @IrfanAnsariMLA ने रिम्स के डायरेक्टर की बलि ले ही ली। माननीय आपको सामने आकर स्पष्ट करना चाहिए कि RIIMS को पटरी में लाने की कोशिश करने वाले डायरेक्टर को क्यों इस्तीफा देना पड़ा?क्या ये पूरा षड्यंत्र आपने अपने किसी समुदाय के व्यक्ति को बैठने के लिए किया?
जवाब दे कृपया।
JHARKHAND WANTS TO KNOW
झारखंड में लूट कथा निरंतर जारी है।
कैबिनेट में गए प्रस्ताव को बदलना एक बहुत बड़ा अपराध है।राज्य के आदिवासी मूलवासी की गाढ़ी कमाई की बंदरबांट जारी है।
कृपया संज्ञान ले माननीय मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी।
भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय 'आपातकाल' का विरोध करने और लोकतांत्रिक मूल्यों की आस्था को संजोकर रखने वाले सभी सत्याग्रहियों के साहस, त्याग और समर्पण को शत-शत नमन।
#SamvidhanHatyaDiwas
राष्ट्र की एकता, अखंडता और स्वाभिमान के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले महान राष्ट्रवादी विचारक, प्रखर शिक्षाविद एवं जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे का उनका संकल्प आज भी हर राष्ट्रभक्त के लिए प्रेरणास्रोत है।
मां भारती की सेवा और राष्ट्र की एकता के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
🙏 शत-शत नमन! 🇮🇳
Along with Rashtrapati Ji, went to Santhali Jahera and Ho Jahera in Pahadpur village.
Paid respects at these sacred groves that embody the deep spiritual traditions and harmonious relationship with nature cherished by our tribal communities. Such customs and traditions are an integral part of India’s rich cultural heritage.
We remain committed to preserving and promoting these timeless traditions for future generations.
@rashtrapatibhvn
Rashtrapati Ji and I prayed at Gosani Peeth in Pahadpur village.
Gosani Peeth has immense importance in the tribal culture. I am fortunate to have got the opportunity to be here.
@rashtrapatibhvn
भारत के इतिहास में पहली बार, देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठी महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी एवं आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने हमारे आदिवासी समाज के जाहेरस्थान/ मांझीथान में पूरे विधि- विधान से पूजा कर, देश के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
आदिवासी समाज की आस्था, अस्मिता, संस्कृति, जीवनशैली एवं परंपराओं के संरक्षण तथा संवर्धन के प्रति केन्द्र सरकार की गंभीरता को इस दृश्य से समझा जा सकता है।
काश, यह पल यहीं थम जाये। इसे देखते ही ऐसा लगा, मानो बाबा तिलका मांझी, वीर सिदो कान्हू, वीर पोटो हो, वीर टाना भगत, वीर तेलंगा खड़िया एवं धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जैसे वीरों ने देश के लिए जो बलिदान दिया था, आज कृतज्ञ राष्ट्र उनके वंशजों एवं परंपराओं के सामने नतमस्तक होकर, उनके प्रति आभार प्रकट कर रहा हो।
यह तस्वीर आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास का एक महत्वपूर्ण पन्ना है, और हम लोग इसे सदैव अपने स्वाभिमान, अस्तित्व तथा पहचान के रूप के गर्व से आने वाली पीढ़ियों को दिखाएंगे ||
@narendramodi