भाजपा के डबल इंजन शासित उत्तर प्रदेश में आरक्षण व्यवस्था को योजनाबद्ध तरीके से कमजोर किया जा रहा है।
उ०प्र० पिछड़ा वर्ग राज्य आयोग, लखनऊ द्वारा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की गई आर०ओ०/ए०आर०ओ०-2023 भर्ती के प्री. परीक्षा परिणाम में ओ०बी०सी० आरक्षण में अनियमितता और ओ०बी०सी० सीटों को सामान्य वर्ग में समायोजित किए जाने के मामले में सुनवाई तय होना स्पष्ट संकेत है कि यह कोई साधारण त्रुटि नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हस्तक्षेप है।
यह घटना किसी एक भर्ती तक सीमित नहीं, बल्कि प्रदेश की अनेक चयन प्रक्रियाओं में वंचित वर्गों के संवैधानिक अधिकारों के लगातार क्षरण की गंभीर प्रवृत्ति को उजागर करती है।
भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) छात्रों के साथ हो रही हकमारी के खिलाफ उनके साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें उनका अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
“यही हमारा भविष्य है…” लखनऊ में 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों की यह पुकार सिर्फ नौकरी नहीं, संवैधानिक आरक्षण बचाने की लड़ाई है।
सदियों का भूतकाल झाड़ू-मटका था, क्या वही भविष्य फिर तय किया जा रहा है? बीजेपी का “सबका साथ” दरअसल आरक्षण पर घात साबित हो रहा है। आरक्षण खैरात नहीं, सामाजिक न्याय का अधिकार है। अगर हक छिना, तो बराबरी का सपना भी छिन जाएगा। सवाल है - सरकार संविधान के साथ है या मनुवाद के?
जिसे अपने ही देश में देशद्रोही कहा जाता है, वही अमेरिका जाकर भारत का राष्ट्रगान गाता है।
और बाबासाहेब आंबेडकर की मूर्ति ग्वालियर हाईकोर्ट में नहीं लगने देते, लेकिन विदेश में उनकी मूर्तियाँ सबसे ज्यादा हैं।
यहाँ अगर कोई बहुजन इंजीनियर या डॉक्टर बन जाए, तो लोग उसे रिजर्वेशन का ताना मार-मार कर जीने नहीं देते।
लेकिन वही इंसान विदेश जाकर रोल्स-रॉयस खरीदता है और नंबर प्लेट पर लिखता है…
उत्तर प्रदेश के गाज़ीपुर जनपद के करंडा थाना क्षेत्र में पिछड़े काष्ठ-शिल्पी कामगार समाज की एक नाबालिग बेटी के साथ 14 अप्रैल को चार जातंकवादियों युवकों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म कर उसकी निर्मम हत्या करने की घटना अत्यंत दुखद, शर्मनाक और दण्डनीय है।
इस जघन्य अपराध के बावजूद पीड़ित परिवार को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। सबसे हैरानी और आक्रोश की बात यह है कि घटना के कई दिन बाद, 18-19 अप्रैल की रात को जाकर किसी तरह FIR दर्ज हो पाई। यह देरी साफ तौर पर प्रशासन और पुलिस की लापरवाही और संवेदनहीनता को दर्शाती है।
यदि ऐसे गंभीर मामलों में भी पुलिस तत्परता नहीं दिखाती, तो यह न्याय व्यवस्था पर गहरा सवाल खड़ा करता है।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि: सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए और उन पर सख्त से सख्त धाराओं में कार्रवाई हो।मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर जल्द से जल्द दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा, सुरक्षा और हर संभव सहायता प्रदान की जाए। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
@CMOfficeUP
“महिला आरक्षण में कोटा के भीतर कोटा नहीं होगा तो सदन में सिर्फ रानियाँ आएंगी… घास काटने वाली, पत्थर तोड़ने वाली हमारी बहनें नहीं आएंगी!” ~भगवती देवी, पूर्व दलित सांसद
मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा क्षेत्र के नारायनपुर छंगा गांव में अपनी बर्थडे पार्टी में नशे में धुत होकर आपकी पार्टी के नेता द्वारा परम पूज्य बाबा साहेब की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करना और प्रतिमा के साथ अमर्यादित कृत्य करना, विरोध करने पर दलित समाज के लोगों-खासकर एक बहन के सिर पर डंडे बरसाकर उसे लहूलुहान करना, घरों से खींच-खींचकर मारपीट करना, छतों से पथराव और फायरिंग करना- ये सब भाजपा के दोगलेपन का उदाहरण है।
घायल युवती का बयान इस बर्बरता की सच्चाई खुद बयां करता है “डंडे मारकर मेरा सिर फोड़ दिया, घर से घसीटकर दलितों को बेरहमी से पीटा गया।”
यह बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है कि जिन महापुरुष ने इस देश को संविधान दिया, उनके सम्मान को सरेआम रौंदा गया और आवाज उठाने वालों को बेरहमी से कुचला गया।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, आप सामाजिक न्याय के योद्धाओं के संबंध में 403 करोड़ रुपये देने का ढोल पीट रहे हैं उसे आप ही संभाल कर रखिए। पूरे बहुजन समाज की तरफ से साफ-साफ कहना चाहता है कि हमें दिखावे की नहीं, सम्मान और सुरक्षा की ज़रूरत है। हमारे स्वाभिमान से खिलवाड़ मत कीजिए।
हम यह भी स्पष्ट कहना चाहते हैं कि परम पूज्य बाबा साहेब की मूर्तियों पर छत डालने या दिखावटी काम कराने से ज्यादा जरूरी है उनकी वास्तविक सुरक्षा सुनिश्चित करना। बार-बार प्रतिमाओं को तोड़ा जाना और दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई न होना सरकार की विफलता को दर्शाता है।
हम साफ शब्दों में कहना चाहते हैं अगर इस मामले में तत्काल और कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह अन्याय पूरे बहुजन समाज के आत्मसम्मान पर चोट मानी जाएगी।
@UPGovt से हमारी मांगें: मामले पर सख्त कार्रवाई की जाए ।पीड़ित परिवारों को सुरक्षा और उचित मुआवजा दिया जाए। घायल बहनों का समुचित इलाज और न्याय सुनिश्चित किया जाए।
भीम आर्मी और आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के साथी मौके-ए-वारदात पर मौजूद हैं और पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं।
@CMOfficeUP
"भारतीय जनता पार्टी मूर्तियों की राजनीति बहुत करती है। उससे अच्छा है उनके विचारों पर काम करें। पिछली सरकारों में कमजोर वर्गों को जो जमीनें मिलीं थीं, वो सरकार की लापरवाही के कारण सब भू-माफियाओं ने छीन ली"
- चन्द्रशेखर आजाद, नगीना सांसद
@BhimArmyChief
उत्तर प्रदेश के जिला गाजीपुर के मरदह क्षेत्र में संत शिरोमणि जगतगुरु सतगुरु रविदास महाराज जी के मंदिर के पास किया जा रहा दीवार निर्माण केवल एक साधारण निर्माण कार्य नहीं है। इस दीवार के माध्यम से उस पवित्र स्थल को ढकने, सीमित करने और उसकी पहचान को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है, जो सीधा-सीधा सामाजिक न्याय, समानता और भारतीय संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।
संत रविदास महाराज जी का स्थान करोड़ों लोगों की आस्था, आत्मसम्मान और अधिकारों का प्रतीक है। ऐसे में इस प्रकार की कोई भी कार्रवाई न केवल अनुचित है, बल्कि यह बहुजन समाज की भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य भी है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी ,किसी भी “सुंदरीकरण” के नाम पर धार्मिक स्थलों की पहचान के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि इस मामले में जल्द, निष्पक्ष और न्यायसंगत निर्णय लिया जाए, ताकि सामाजिक सौहार्द बना रहे और किसी भी प्रकार का तनाव न बढ़े। साथ ही, संबंधित विभाग इस निर्माण कार्य की पारदर्शी जांच कर तत्काल स्थिति स्पष्ट करे। यदि दीवार से मंदिर की दृश्यता या पहुंच प्रभावित हो रही है, तो निर्माण कार्य को तुरंत रोका जाए और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
भीम आर्मी और आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के साथी मौके-ए-वारदात पर मौजूद हैं और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
सामाजिक सम्मान, आस्था और समान अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
@CMOfficeUP
मैं आपसे आग्रह करता हूं—कमर कस लो। इस साल हम इतनी मेहनत करेंगे कि जब अगली बार परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी जयंती आएगी, तो उसे पूरे सम्मान और धूमधाम से मनाया जाएगा। इतनी ताकत इस बार बना लो कि अगली बार किसी को भी परमिशन के लिए दफ्तरों के बाहर खड़ा न होना पड़े।
मैं आपको गारंटी देता हूं; उत्तर प्रदेश में जहां-जहां से जयंती के लिए आवेदन होगा, वहीं परमिशन मिलेगी। कार्यक्रम भी होगा और सम्मानपूर्वक पर्व के रूप में मनाया जाएगा।
परम पूज्य बाबा साहेब के सपनों को पूरा करने के लिए 10 महीने संघर्ष कर लो। मैं वादा करता हूं कि आने वाले समय में आपके साथ होने वाले जुल्म, अन्याय और अत्याचार की खबरें अखबारों में नहीं दिखेंगी।
मैं आपको विश्वास दिलाता हूं—मैं आपका भाई, एडवोकेट शेखर आजाद, आपके साथ खड़ा हूं।
मुकेश मोहन का नाम संसद में गूंजा। ये आवाज उठाई है AAP सांसद संजय सिंह ने।
ध्यान देने योग्य बात ये है कि बहुजन नेता भी संसद में है, एक में भी इतनी हिम्मत नहीं जो इन मुद्दों पर सरकार को घेर सके।
अभी नाम ले लेंगे तो बेचारे समर्थक टूट पड़ेंगे।
“सरकार जिन पूंजीपति दोस्तों का 26 लाख करोड़ का कर्ज़ माफ़ किया उनमें एक भी SC, ST, OBC है?
किसान 5 हज़ार का भी कर्ज ना चुका पाए तो बैंक वाले उनकी भैंस खोल ले जाते है, इनका कितना कर्ज़ माफ़ हुआ?"
~ @sanjuydv जी
हर शब्द सुनिए; वंचितों की पीड़ा अब गिनती के सांसद उठा रहे है! आप जिंदाबाद रहे!
"नेपाल में बनी नयी सरकार ने कहा कि हम दलितों से सार्वजनिक माफी मांगेंगे। यह सदन कब उनसे माफी मांगेगा जिनके साथ हजारों साल अन्याय हुआ"
- नगीना सांसद, चन्द्रशेखर आजाद
@BhimArmyChief
आज चन्द्रशेखर आजाद की दहाड़ से संसद का पूरा सदन हिल उठा 😳🔥
जाति है कि जाती नहीं 🚨
दलित समाज से आने वाले यूपी के IAS रिंकू सिंह राही ने ये कहते हुए इस्तीफा दे दिया कि उनको लंबे समय से न पोस्टिंग दी जा रही है और न कोई काम दिया जा रहा है।
हम लोगों के लिए ये बहुत ही शर्मनाक बात है