इतिहास गवाह है कि अमित शाह को हल्के में लेना समझदारी नहीं है। क्योंकि गृह मंत्री अमित शाह जब भी सदन में बोलते हैं तो कांग्रेस को उसका इतिहास याद दिला देते हैं। यही वजह है कि राहुल गांधी अमित शाह को सुनना नहीं चाहते, क्योंकि उन्हें डर है कि पता नहीं इस बार अमित शाह तथ्यों के साथ कांग्रेस का कौन सा कच्चा चिट्ठा खोल दें।
पहले कहे कि गृहमंत्री का जवाब चाहिए..
जब गृहमंत्री ने जवाब देने का टाइम दिया तो बोले कि उनका लेक्चर नहीं सुनना है..
आपको कैसे पता कि वो लेक्चर देनेवाले हैं..
राहुल गांधी का हिसाब ये है कि गृहमंत्री से सवाल भी वही पूछेंगे और जवाब क्या देना है ये भी वही बताएंगे..
मीडिया उनसे वही पूछे जो वो चाहते हैं..
वो पालतू मीडिया को जैसे शू करते हैं और वो काटने दौड़ पड़ती है.. सारी मीडिया वही करे
जैसे पालतू मीडिया उनसे समोसा कैसा लगा पूछती थी.. या अब उनसे बुलेट हसीन बनवाती है.. वही सब करें..
सब इनके आदेश पर चलें.. जो ये कहें वही कहे.. जो ये सुनाएं वहीं सुने
गजबे है का अल्ट्रा प्रो मैक्स हिसाब है इनका।
देश के इतिहास में मप्र के कॉलेज ने रिकॉर्ड तोड़ दिया।
उज्जैन की यूनिवर्सिटी के रिजल्ट एक छात्र को कुल 1600 में से 1604 अंक मिले हैं।
100.25% रिजल्ट आया है छात्र का।
राहुल गांधी सही बोलते हैं इस देश का एजुकेशन सिस्टम बुरी तरह से सड़ चुका है।
राहुल जी जब तक विदेश से छुट्टी मनाकर लौटे तब तक कॉकरोच पार्टी वाले और अरविंद केजरीवाल छात्रों के मुद्दे पर बहुत लीड ले चुके थे..
अब राहुल जी उस E-20 के मुद्दे को उठा रहे जिसमें ऑलरेडी केजरीवाल लीड लिए हुए हैं... ऊपर से वीडियो उस कार के साथ बना दिए जो E-20 कंप्लायंट दिख रहा।
बीजेपी से तो बाद में.. राहुल जी को पहले केजरीवाल जी से आगे निकलने की रणनीति पर काम करना होगा.. ऐसे धीमी गति की लोकल वाली चाल से तो ना हो पाएगा बॉस..
रविशंकर भारती चाहते तो अपनी बेटी को दुर्गा वाहिनी या संस्कार भारती जैसी महान संस्था में भेज सकते थे।
VHP के मुस्लिम विरोधी अभियान,चर्च जलाने जैसे कार्यों में लगा सकते थे।
पर उन्होंने अपनी बेटी को पढ़ने के लिए बॉस्टन यूनिवर्सिटी भेज कर जो त्याग किया है, उसके लिये रविशंकर को युगों -युगों तक याद रखा जायेगा ।
विदेश से आते बेटे का वीडियो डाल रहे एमपी सरकार के मंत्री है ये वही है जो बोलते है मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में होनी चाहिए, पढ़ाई के लिए बाहर क्यों जाना !
बाकी युवाओं तुम सब लड़ मरो और फैलाओ धार्मिक उन्माद...इन्हें घंटा फर्क़ नही पड़ता।
विदेश से आते बेटे का वीडियो डाल रहे एमपी के मंत्री है ये वही है जो बोलते है मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में होनी चाहिए , पढ़ाई के लिए बाहर क्यों जाना 😂😂
बंकियों तुम सब लड़ मरो,,, और फैलाओ धार्मिक उन्माद,,,समाप्त कर दो 1 दूसरे को।
- इन्हें घंटा फर्क़ नही पड़ता 😂😂😂
महोदय का नाम है प्रेम मिश्रा👇🏻
उत्तर प्रदेश पुलिस के एक सिपाही हैं। वर्दी पहनकर डाक कांवड़ लेकर दौड़ लगा रहे हैं
खैर, सारे नियम-कानून सिर्फ दूसरी विचारधारा के लोगों के लिए ही हैं। अगर यहीं कोई मुसलमान वर्दी में नमाज पढ़ लेता तो कानून की किताब तुरंत खुल जाती।।