जिस स्कूल के लिए CJP कार्यकर्ताओं की
पिटाई हुई, वहा की हकीकत देखिए 👇
वहा के बच्चों का भविष्य तबेले में है जहाँ जानवरो का चारा रखा है वहा बच्चों की पढ़ाई हो रही है,,
ये BJP का मॉडल है !!
दूसरों को गौमूत्र और गोबर से इलाज की सलाह देने वाले कथावाचक खुद अमेरिका के अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा लेते नजर आ रहे हैं। यह मनुवादी पाखंडियो का दोहरा मापदंड नहीं तो और क्या है?
महाराष्ट्र में पुलिस चेकिंग के दौरान एक कार रोकी गई। ड्राइवर शराब के नशे में था। कार में उसकी गर्भवती पत्नी भी थी, जिसकी डिलीवरी का इमरजेंसी केस था।
पुलिस अधिकारी ने चालान नहीं काटे, उन्होंने महिला की हालत समझी। ओर पति को पीछे बैठाया, खुद गाड़ी की स्टीयरिंग संभाली और अस्पताल पहुँचाया। वहाँ भर्ती कराया और महिला की डिलीवरी हो गई।
एक तरफ नशे में पति… दूसरी तरफ समय निकलता जा रहा था और गर्भवती पत्नी को अस्पताल पहुँचाना जरूरी था।
ऐसे वक्त में पुलिसकर्मी का मदद के लिए आगे आना उस परिवार के लिए जिंदगी भर याद रहने वाला पल बन गया।
मैं देख रहा हूं कि कुछ लोग दो-तीन हजार लोगों की भीड़ इकट्ठी करके नगीना सांसद @BhimArmyChief चन्द्रशेखर आजाद को टार्गेट कर रहे हैं 😅
उनका चन्द्रशेखर आजाद को टार्गेट करना बिल्कुल वैसे ही है जैसे "सूर्य को दिया दिखाना"
बहुजन समाज की आन-बान-शान हैं चन्द्रशेखर आजाद। 2027 में यूपी की जनता उन्हें अपना मुख्यमंत्री चुनने वाली है, विरोधी सिर्फ विरोध करते रह जाएंगे...!!
हमीरपुर
➡कलेक्ट्रेट पर GEN-ALPHA के प्रदर्शन का मामला
➡इंस्पेक्टर राम कुमार ने स्कूली बच्चों को भगाया
➡बच्चों को ‘हट-हट’ कहकर कलेक्ट्रेट से भगा दिया
➡सदर कोतवाली के क्राइम इंस्पेक्टर हैं राम कुमार
➡स्कूल आने-जाने के लिए रोड की मांग पर प्रदर्शन
➡ग्राम पंचायत चंदूपुर के रहने वाले सभी ग्रामीण
@CMOfficeUP@UPGovt@ADGZonPrayagraj@IgPrayagraj@hamirpurpolice@CJP_for_India@dmhamirpurup
मध्य प्रदेश के छतरपुर में हुआ प्रदर्शन सिर्फ़ अपनी मांगों की वजह से नहीं, बल्कि विरोध के अलग तरीकों की वजह से भी चर्चा में रहा.
लोगों ने चिताओं पर लेटकर, सांकेतिक तौर पर फंदा डालकर, कीचड़ और पानी में उतरकर प्रदर्शन किया.
इस आंदोलन का सबसे चर्चित चेहरा रहे अमित भटनागर कौन हैं?
रिपोर्टः विष्णुकांत तिवारी और लोचन माली
वीडियो एडिटिंग: सदफ़ ख़ान
उत्तराखंड में एक बहादुर बेटी ने CM पुष्कर सिंह धामी के सामने खड़े होकर BJP सरकार के भ्रष्टाचार की पोल खोल दी।
बच्ची ने बताया 👇
मैंने ताईक्वांडो में नेशनल लेवल पर गोल्ड मेडल जीता था, लेकिन मैं इंटरनेशनल खेलने नहीं जा सकी, क्योंकि मुझसे 1.5 लाख रुपए की घूस मांगी गई।
CM धामी ने ये सुनते ही बच्ची से कहा- "अच्छा, बैठ जाओ.. कोई बात नहीं"
इसके बाद इस कार्यक्रम का Live सरकार के हर प्लेटफॉर्म से डिलीट कर दिया गया, इसमें CM और BJP का सोशल मीडिया शामिल है।
BJP सरकार में घूसखोरी और घपलेबाजी युवाओं के सपनों को रौंद रही है।
और शिकायत करने पर खुद मुख्यमंत्री इस भ्रष्टाचार को दबाने में लगे हैं।
शर्म आनी चाहिए!
दौसा जिले में राजावास स्थित स्टार किड्स एकेडमी में शिक्षकों द्वारा बच्चों को किताब की जगह कांवड़ पकड़ा देना बेहद चिंताजनक है। स्कूल बच्चों को शिक्षा, तर्क और वैज्ञानिक सोच सिखाने की जगह धार्मिक गतिविधियों में क्यों धकेल रहा है? क्या फीस लेकर पढ़ाने वाले स्कूलों का काम बच्चों को धार्मिक आयोजनों के लिए तैयार करना है? बच्चों के हाथ में किताब होनी चाहिए, कांवड़ नहीं। शिक्षा के मंदिर को धार्मिक गतिविधियों का केंद्र बनाना बंद होना चाहिए।
बच्चो ने कुछ भी ग़लत किया है तो गिरफ्तार करते इस तरह जानवरों की तरह कौन मारता है ये सब के सब सस्पेंड होने चाहिए मैं तो कहता हूँ टर्मिनेट होने चाहिए
विपक्ष को ये वीडियो पार्लियामेंट में रखनी चाहिए और शकल की पहचान करवा के इन पर कार्यवाही की माँग करनी चाहिए .
ये अत्याचार है बच्चों ने कुछ भी ग़लत किया हो पुलिस केवल गिरफ्तार कर सकती है
बाड़मेर में अंबाराम मेघवाल पिछले 56 दिनों से न्याय की उम्मीद में धरने पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासन की संवेदनहीनता अब भी खत्म नहीं हुई है। भजनलाल शर्मा जी क्या एक नागरिक की आवाज सुनने के लिए 56 दिन भी पर्याप्त नहीं हैं? आखिर प्रशासन कब जागेगा? मैं दो दिन बाद बाड़मेर पहुंच कर अंबाराम मेघवाल जी से मुलाकात करूंगा और उन्हें न्याय दिलाने का हरसंभव प्रयास करूंगा।
पुलिस का यह गुंडा छात्रा के प्राइवेट पार्ट में लाठी घुसेड़ रहा है। कल प्रोटेस्ट के दौरान आई यह वीडियो मन विचलित कर देने वाली है। महिला आयोग मर गया है क्या?
नरेंद्र मोदी जी, क्या यही है आपका 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' मुहीम? यह Sexual Assault है। शर्म करो सरकार।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर सिविल ड्रेस में डंडे लेकर घूम रहे ये लोग कौन थे?
जब छात्रों ने उनकी पहचान पूछी, तो उन्होंने जवाब क्यों नहीं दिया?
क्या वे पुलिसकर्मी थे, किसी अन्य एजेंसी से थे, या किसी और के भेजे हुए लोग?
इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सच्चाई सामने आनी चाहिए।
“जल्दी निकल जाओ, वरना कपड़े फाड़कर तुम्हें नंगा भगाएंगे”
एक रोती हुई लड़की ने बताया कैसे कई पुलिसवाले सिविल ड्रेस में थे और मां-बहन की भद्दी गालियां देकर मार रहे थे
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ वालों की असलियत