झारखंड: प्रदर्शन कर रहे छात्रों से राहुल ने की बात
◆ राहुल ने उनके आंदोलन को अपना समर्थन दिया और कहा कि ���रकार उन्हें कल बातचीत के लिए बुलाएगी।
#RahulGandhi #Congress || Rahul Gandhi Jharkhand
भाजपा प्रवक्ता ‘स्वांग’ की बात कर रहे थे।
तो आइए, मैं बताता हूं कि स्वांग क्या होता है—
1️⃣ स्वांग ये होता है कि ‘मन की बात’ तो करो, लेकिन 12 साल में एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस न करो।
2️⃣ स्वांग ये होता है कि जबरदस्ती झाल��ूड़ी की एक दुकान लगाओ और फिर पांच दिन तक देश की असली समस्याओं को छोड़कर झालमूड़ी पर ही चर्चा करते रहो।
3️⃣ स्वांग ये होता है कि विदेशों में जाकर ‘मेलोडी’ पर बातें करो, लेकिन अपने ही देश में अपने बच्चों से कहो कि माफी मांगो।
4️⃣ स्वांग ये होता है कि जनता के असली सवालों से बचो, लेकिन कैमरों के सामने बड़े-बड़े दावे और भाषण करते रहो।
यही स्वांग है।
और स्वांग की परिभाषा समझनी हो, तो भाजपा से बेहतर उदाहरण शायद ही कोई दे पाए।
ब्रेकिंग न्यूज़ —
लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रांची में चल रहे प्रोटेस्ट में वहाँ के छात्रों से वीडियो कॉल पर बातचीत करी।
इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि ,
“ हम सभी लोग छात्रों के साथ हैं और जो भी संभव होगा हम हर तरह से उनकी मदद करेंगे ,,
पिछले कई दिनों से ये आवाज उठ रही थी कि राहुल गांधी राँचीं में चल रहे प्रोटेस्ट पर कुछ क्यों नहीं बोलते।
आज राहुल गांधी ने उन सभी लोगो को जवाब दे दिया है।
हवा हवाई दावों के बाद
अब पेश है फर्राटा पंखे
यह 4200 करोड़ की लागत से बना वही लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे है
जो 2 दिन के अंदर बार बार ढह रहा है
अब पंखे से सुखाया जा रहा है
संसद में आज गज़ब का नज़ारा! 🍿
11:00 बजे — सदन शुरू।
स्पीकर: विपक्ष को बोलने का पूरा मौका मिलेगा, बताइए क्या चाहते हैं?
विपक्ष: अमित शाह कहाँ हैं?
2 मिनट बाद…
ओम बिरला :अरे ये क्या !
11:02 बजे — सदन स्थगित।
इतिहास के सबसे पक्षपाती स्पीकर!
“जॉब नहीं मिलेगा, तो सिंहासन हिलेगा।”
कोटा के बाद, देहरादून के बाद अब ‘छात्रों की गूंज’ प्रयागराज पहुंच रही है।
यह वो शहर है जहां लाखों नौ��वान सालों से तैयारी कर रहे हैं - फ़ॉर्म भरते हैं, फीस देते हैं, और इंतज़ार करते रहते हैं।
पेपर लीक ने उनका आज छीना। रुकी हुई भर्तियों ने उनका कल। और अभी कुछ दिन पहले, दिल्ली में इन्हीं बच्चों पर लाठियां और पैलेट चलाए गए - सिर्फ़ इसलिए कि उन्होंने अपने हक़ की बात की।
हम उनकी आवाज़ उठाते रहेंगे और उन्हें इंसाफ़ दिलाकर रहेंगे। अब बहाने नहीं चलेंगे - जवाबदेही लीजिए, या कुर्सी छोड़िए।
8 अगस्त - प्र��ागराज में मिलते हैं।
#ChhatronKiGoonj
कावड़ियों ने ट्रक लूट ली, कहा हैं किस बिल में छुपे हुए हैं सुधीर चौधरी, अंजना ओमकश्यप, रुबिका लियाकत और गोदी न्यूज चैनल वाले क्या इसपर डिबेट करेंगे?
क्या मोदी सरकार से सवाल पूछेगें?
सरकार इनकी सुविधा के लिए रास्ता बनाती है, गुलाब के फूल बरसाती है फिर भी इनकी हिंसा को रोकने का इक़बाल नहीं रखती। समाजसेवी संगठन ��ी इंतज़ाम करते हैं। कैंप लगाते हैं। तब भी ये लोग हिंसा करने से बाज़ नहीं आते। कहने का मतलब है कि ये लोग राज्य और समाज दोनों से शिकायत नहीं कर सकते कि किसी ने परवाह नहीं की, फिर इनके भीतर इतनी हिंसा क्यों भरी है।
हर साल का यही हाल है। इन लोगों क��� फेस रिकॉग्निशन से रिकॉर्ड नहीं निकाला जाता है? पुलिस क्यों नहीं इनके घर चली जाती है? कम से कम इन सभी को एक गाइड लाइन पकड़ा देती कि कोई दिक्कत हो तो रास्ते भर पुलिस खड़ी है। आप पुलिस को बुलाइये। ख़ुद से मारपीट और तोड़ फोड़ मत कीजिए। कुछ तो काउंसलिंग करनी चाहिए और फिर कार्रवाई भी। कब तक स्टेट एक्शन नहीं लेगा और ये लोग हिंसा करते रहेंगे। इन्हें ये सब करने के लिए आप जेन ज़ी को दोष नहीं दे सकते। कई ज���नरेशन से हो रहा है।
ज़रा मोदी टीम के छात्रों के बारे में कितने ऊँचे विचार हैं वह सुनिए👇
▪️कंगना: गटर छाप जनरेशन
▪️रमेश बिधूडी: पंक्चर वाले
▪️धर्मेंद्र प्रधान: दहशतगर्दों की B टीम
▪️योगेंद्र चंदेला: भेड़िए हैं
▪️मदन राठौर: भाड़े के टट्टू हैं
अध्यक्ष जी आप तो Gen-Z को वायरस, टुकड़े टुकड़े गैंग बोलकर, सबक़ सिखाने की बात कर रहे थे।
नौजवानों ने तो “बांकीपुर में आपके वोट पर ही बांका (गड़ासा) चला दिया”
मोदी जी अब समझ जाइए लाठीतंत्र से लोकतंत्र नहीं चलता।
BJP वो सीट हार गई, जहाँ 35 साल से नहीं हारी।
PK को बड़ी जीत की बधाई