Struggle is life, twenty years of hard work and future is unsafe in speaking teachers are #Sikshamitras in their studies. Where the victims of politics
"हमने विधायक लुटते हुए देखे, सांसद लुटते हुए देखे, चुनाव लुटते हुए देखे, बच्चों का भविष्य लुटते हुए देखा। जल, जंगल जमीन सब लूट लिया...। हमें लगा कि भाजपा वाले अब और क्या लूटेंगे?
लेकिन इन्होंने हमें गलत साबित करते हुए प्रभु राम को भी लूट लिया।"
- अनिल यादव, कांग्रेस प्रवक्ता
आज मौसम भी कुछ खास मेहरबान है,
न बारिश की बूंदें हैं, न धूप का निशान है।
बादलों ने ओढ़ ली है आसमान पर चादर ऐसी,
लगता है प्रकृति भी आज बड़े सुकून के मूड में है।
उज्जैन में 500 करोड़ रुपये की जमीन एक ट्रस्ट को 1 रुपए में दे दी गई।
उसके ट्रस्टी श्री राम जी नाम के व्यक्ति हैं, जो मोहन यादव के सांस्कृतिक सलाहकार हैं।
भरत तिवारी जी का एनकाउंटर का Video है ...
पुलिस से लड़ रहे थे फिर माँ बाप के कहने पर खुद को
आत्मसमर्पण कर दिये थे ,,
और आत्मसर्मपण करने के बाद इनका एनकाउंटर हो
गया था ।
नहीं है भीड़ !
कौन कह रहा था बे,कौन था कि भीड़ नहीं है. बीस लोग भी नहीं जुटे हैं.
ऑनलाइन और ऑफलाइन में अंतर होता है,तो !
अब देखो भीड़,जितना भी आया, आया न।
#cocroachjantaparty
अरे कोई विधायक मैथिली जी को बताए कि अब ये गाना गाना अपराध हो गया है।
😕
अब मंहगाई डायन नहीं डार्लिंग बन चुकी है।
वैसे मैथिली गाती बहुत अच्छा हैं..कितना मधुर कंठ है..! वाह।
तीन माह में शिक्षामित्रों का स्थाई समाधान करने के लिए बचन दिया था.
ये समाधान ना तो तीन माह, ना तीन साल के तीन गुना यानि 9 वर्ष बाद भाजपा सरकार को शिक्षामित्रों की याद आई.
अब बेतन 10 हजार में बढोत्तरी के बाद #शिक्षामित्रों को 18,000 मिलेगा... बाबजूद सवाल बहुत हैं..?
प्रिय शिक्षामित्रों,
हमारे समय में आपको 40000 मिलता था और 9 साल की प्रताड़ना के बाद, शिक्षामित्रों की एकता, एकजुटता और रोष से डरकर भाजपा सरकार ने एहसान दिखाते हुए पैसे बढ़ाए भी तो केवल 18000, वो भी हार के डर से। अगर भाजपा सच में हितैषी है तो पिछले सालों का बकाया भी दे।
भाजपा सरकार की उपेक्षा के कारण शिक्षामित्रों को 22000 हर महीने का जो घाटा, सालों साल हुआ है, उसको सांकेतिक संख्या मानकर हर विधानसभा के सारे पीड़ित शिक्षामित्र मिलकर अपने परिवार, रिश्ते-नातेदारों, शुभचिंतकों और आसपास के लोगों के 22000 वोट भाजपा के ख़िलाफ़ डलवाकर भाजपा को हराने का संकल्प लेकर ‘पीडीए सरकार’ बनवाएंगे क्योंकि सबसे ज़्यादा ज्यादती शिक्षामित्रों और उनके परिवारवालों के ही साथ हुई है। जिन शिक्षामित्रों को इस भाजपाई प्रताड़ना के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी, हम भविष्य में उनके परिजनों के सहयोग-समर्थन के लिए वचनबद्ध हैं।
हर विधानसभा में भाजपा के 22000 वोट काटकर शिक्षामित्र भाजपा का SIR कर देंगे। इस SIR में ‘S’ को ‘शिक्षामित्र’ पढ़ा-समझा जाए! जब हर विधानसभा में भाजपा के 22000 वोट घट जाएंगे तो भाजपा हारकर कहाँ मुँह छिपाएगी?
पीडीए सरकार आने पर शिक्षामित्रों के मान-सम्मान-मानदेय सबमें वृद्धि होगी। शिक्षा की दुश्मन भाजपा से शिक्षामित्र कोई उम्मीद न करें।
शिक्षामित्र कहे आजका, नहीं चाहिए भाजपा!
छोटी चिट्ठी, बड़ा संदेश!
आपका
अखिलेश
#शिक्षामित्र
#जो_पीड़ित_वो_पीडीए
#बुरे_दिन_जानेवाले_हैं
'9 साल की प्रताड़ना के बाद सिर्फ 18,000,भाजपा ने एहसान नहीं, हार का डर दिखाया,40,000 मिलता था, अब घाटा 22,000 महीने,
सालों का बकाया अभी भी बाकी‘जिन्होंने जान गंवाई, उनके परिजनों के साथ खड़े हैं’शिक्षा की दुश्मन भाजपा से कोई उम्मीद नहीं,सिर्फ पीडीए सरकार चाहिए,शिक्षामित्र कह रहे हैं नहीं चाहिए भाजपा'
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की शिक्षामित्रों को चिट्ठी
#AkhileshYadav #Shikshamitra #UPPolitics @yadavakhilesh
जो पीड़ित है, वही PDA है।
"9 साल तक भाजपा सरकार ने शिक्षामित्रों का हक मारा। अब जो बढ़ाया भी वह समाजवादी सरकार से 22 हजार कम है।
अब जब भाजपा सरकार का परमानेंट रिटायरमेंट तय हो गया, तब इन्हें शिक्षामित्रों की याद आई।
शिक्षामित्र भी भाजपा को हराएंगे और PDA की सरकार बनाएंगे।
शिक्षामित्र चिंता न करें, बुरे दिन अब जाने वाले हैं।"
श्री अखिलेश यादव जी
राष्ट्रीय अध्यक्ष समाजवादी पार्टी
प्रिय शिक्षामित्रों,
हमारे समय में आपको 40000 मिलता था और 9 साल की प्रताड़ना के बाद, शिक्षामित्रों की एकता, एकजुटता और रोष से डरकर भाजपा सरकार ने एहसान दिखाते हुए पैसे बढ़ाए भी तो केवल 18000, वो भी हार के डर से। अगर भाजपा सच में हितैषी है तो पिछले सालों का बकाया भी दे।
भाजपा सरकार की उपेक्षा के कारण शिक्षामित्रों को 22000 हर महीने का जो घाटा, सालों साल हुआ है, उसको सांकेतिक संख्या मानकर हर विधानसभा के सारे पीड़ित शिक्षामित्र मिलकर अपने परिवार, रिश्ते-नातेदारों, शुभचिंतकों और आसपास के लोगों के 22000 वोट भाजपा के ख़िलाफ़ डलवाकर भाजपा को हराने का संकल्प लेकर ‘पीडीए सरकार’ बनवाएंगे क्योंकि सबसे ज़्यादा ज्यादती शिक्षामित्रों और उनके परिवारवालों के ही साथ हुई है। जिन शिक्षामित्रों को इस भाजपाई प्रताड़ना के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी, हम भविष्य में उनके परिजनों के सहयोग-समर्थन के लिए वचनबद्ध हैं।
हर विधानसभा में भाजपा के 22000 वोट काटकर शिक्षामित्र भाजपा का SIR कर देंगे। इस SIR में ‘S’ को ‘शिक्षामित्र’ पढ़ा-समझा जाए! जब हर विधानसभा में भाजपा के 22000 वोट घट जाएंगे तो भाजपा हारकर कहाँ मुँह छिपाएगी?
पीडीए सरकार आने पर शिक्षामित्रों के मान-सम्मान-मानदेय सबमें वृद्धि होगी। शिक्षा की दुश्मन भाजपा से शिक्षामित्र कोई उम्मीद न करें।
शिक्षामित्र कहे आजका, नहीं चाहिए भाजपा!
छोटी चिट्ठी, बड़ा संदेश!
आपका
अखिलेश
*#शिक्षामित्र*
*#जो_पीड़ित_वो_पीडीए*
*#बुरे_दिन_जानेवाले_हैं*
"उस समय शिक्षामित्रों ने हमारा साथ दिया हो तो आज उत्तर प्रदेश में समाजवादी सरकार होती और शिक्षामित्रों के पास सरकारी नौकरी होती। भविष्य में भी अगर उन्हें कोई न्याय दिला सकता है तो समाजवादी सरकार है।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी
भाजपा सरकार ने 9 साल शिक्षामित्रों का हक़ मारा और अब बढ़ाया भी तो भी सपा सरकार से 22 हज़ार कम है।
अब जब भाजपा सरकार का परमानेन्ट रिटायरमेंट होनेवाला है तब ये शिक्षामित्रों के प्रति सहानुभूति दिखा रहे हैं।
भाजपा सरकार द्वारा प्रताड़ित शिक्षामित्र भी पीड़ित की श्रेणी में आते हैं इसीलिए वो भी ‘पीडीए’ हुए और वो भी भाजपा को हराएंगे और पीडीए सरकार बनाएंगे।
जो पीड़ित, वो पीडीए!
पर शिक्षामित्र चिंता न करें : बुरे दिन जानेवाले हैं।
#बुरे_दिन_जानेवाले_हैं
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