भारत सरकार के 90 सचिवों नें सिर्फ 3 ओबीसी है।
पिछड़ों के लिए पॉलिसी कैसे बनेंगी? देश को आजाद हुए 70 साल से ज्यादा हो गए। पिछड़ों को आबादी के हिसाब से सामाजिक न्याय अब तक नहीं मिल पाया।
महिला आरक्षण में ओबीसी समाज को जगह न देकर फिर सामाजिक न्याय का गला घोंट दिया गया।
#WomenReservationBill #WomenReservationBill2023 #WomensQuota #Quota_Within_Quota @samajwadiparty@yadavakhilesh
मुझे लगता है मोदी सरकार टोल प्लाजा के नाम पर गुंडागर्दी कर रही है। मेरे ख्याल से टोल टैक्स नहीं होना चाहिए या बहुत कम होना चाहिए। टोल टैक्स के नाम पर आम जनता से पैसे की उगाही नहीं होनी चाहिए। जब रोड टैक्स देते हैं तो टोल टैक्स क्यों देना
"महिला को खींचा,मुंह पर मुक्के मारे, फिर चहरे पर पाईप मारा,लात घूसों से दौड़ा दौड़ा कर पीटा"
यह पूरा मामला हरियाणा के सोनीपत टोल प्लाजा का है। पति पत्नी को 15 टोल कर्मियों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में रहनेवाली प्राख्यात मानवाधिकार कार्यकर्ता सोनी सोरी न केवल आदिवासियों के अधिकारों के लिए संघर्षरत रहती हैं, बल्कि उनके विकास को लेकर भी सजग रहती हैं। उनसे राजन कुमार ने लंबी बातचीत की है। पढ़ें, इस बातचीत का संपादित अंश
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दरअसल जाति को आमतौर समाजशास्त्र का हिस्सा मान लिया जाता है और जेंडर को ह्युमन स्टडीज के पाले में डाल दिया जाता है। लेकिन जो लेस्बियन हैं, गे हैं, विकलांग हैं, डायन प्रथा की पीड़ित स्त्रियां है, ये सब कहीं किसी विषय में नहीं शामिल होते।
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संसद द्वारा पास किए गये तीन नए क़ानून जिसमें किसान उपज व्यापारएवं वाणिज्य अधिनियम २०२० मूल्य आश्वासन एवं कृषि सेवाओं पर किसान समझोता अधिनियम २०२० एवं आवश्यक वस्तुअधिनियम २०२० जिसे हमारे जयस साथी राजन कुमार का लेख आप सभी साथी पड़े
_रविराज
@rajanapbrs@HIRA_ALAWA@hindkisan_in
राजन कुमार बता रहे हैं कि अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण के लिए चल रहे समतलीकरण के दौरान जो पुरावशेष प्राप्त हुए हैं, उन्हें लेकर सोशल मीडिया में बहस छिड़ गई है। कई लोगों ने यूनेस्को से इस स्थल पर खुदाई कराने की मांग भी की है
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रजनी तिलक की जयंती पर विशेष
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रजनी तिलक का अचानक चले जाना दलित-बहुजनों के लिए बड़ी क्षति है। दलित लेखक व चिंतक कंवल भारती का आत्मीयता भरा यह संस्मरण इसी वेदना को प्रतिबिंबित करता है :
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रमाबाई आंबेडकर (7 फरवरी 1898 – 27 मई 1935) और डॉ. आंबेडकर (14 अप्रैल 1891- 6 दिसंबर 1956) के संघर्षों पर आधारित प्रखर सामाजिक कार्यकर्ता निशा वामन मेश्राम का लघु नाटक
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राजन कुमार बता रहे हैं कि अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण के लिए चल रहे समतलीकरण के दौरान जो पुरावशेष प्राप्त हुए हैं, उन्हें लेकर सोशल मीडिया में बहस छिड़ गई है। कई लोगों ने यूनेस्को से इस स्थल पर खुदाई कराने की मांग भी की है
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@SonyLIV यदि केबीसी खेल वाकई नैतिकता को तवज्जो देता है और लोगों के सपनों को महत्वपूर्ण समझता है तो टर्म कंडीशन के नाम पर पल्ला झाड़ने के बजाय प्रतिभागी से तब तक कॉल करनी चाहिए जब तक कि प्रतिभागी से बात स्पष्ट नहीं हो जाती। वर्ना केबीसी खेल नैतिकता से वास्ता नहीं रखता
@SonyLIV सिर्फ टर्म कंडीशन के नाम पर कॉल को काट देना, अनक्लियर वाईस देना या इंगेज करना इत्यादि कंपनी की फाल्ट है, प्रतिभागी की कतई नहीं। आखिर हमारे परिचितों से बात करने के दौरान कालिंग में प्राब्लम नहीं होती तो केबीसी कालिंग में प्राब्लम कैसे आया। कंपनी को कोई उपाय ढूंढना चाहिए
@SonyLIV कंपनी का उत्तर सभी के साथ एक जैसा है। कंपनी टर्म-कंडीशन की बात कर अपना पल्ला झाड़ लेती है। टर्म-कंडीशन भी अधकटे होते हैं, एक तरफ का हिस्सा क्लीयर दिखता नहीं है। टर्म-कंडीशन इतना बड़ा है कि मैक्सिमम लोग पढ़ते नहीं। उसकी लाईनें क्लीयर नहीं, एक में चिपकी रहती हैं।