@alok_ajay Apne beta beti ko baat aane pr teri gend m aag lag gai jab ye UGC se kisi or ke beta beti ka bhavisya barabad hoga uska kuch nhi kutarki murkh...sharam kr
ये नरेंद्र मोदी और अमित शाह के तथाकथित ‘मास्टरस्ट्रोक’ का ही परिणाम है कि आज देश के राजनीतिक विमर्श से हिंदुत्व लगभग गायब हो चुका है। पूरा विमर्श विपक्ष की तय की हुई पिच पर आकर ठहर गया है।
स्थिति इतनी गंभीर है कि अब इनके विनाश की आहट सुनाई देने लगी है। विकृत विचारों से लेकर विपरीत म��नसिकता के व्यक्तियों तक को लगातार आयात करते-करते इन्होंने अपने ही वैचारिक घर को इतना दूषित कर दिया है कि उसकी मूल पहचान ही पूरी तरह से धुंधली पड़ गई है।
जिस हिंदुत्व के नाम पर सत्ता मिली, उसी को हाशिये पर पहुँचा देने से बड़ा राजनीतिक आत्मघात कुछ हो नहीं सकता। मुझे नहीं लगता इन्हें अब किसी तरह की गांधीगिरी, आंबेडकरवाद की अति वंदना, और भाषणों तक सीमित तथाकथित आदर्शवाद की तुकबंदी इनको बचा पाएगी। मूल में लौटने के सिवा कोई विकल्प बचा नहीं है लेकिन आगे बहुत बढ़ चुके हैं और समय भी इनके अनुकूल नहीं है।
किसी ने कल्पना भी नहीं किया होगा कि सामान्य वर्ग इनसे घृणा करना शुरू कर देगा लेकिन इन्होंने अपने सबसे संकल्पित वैचारिक समर्थक वर्ग को विवश कर दिया। जो आग इन्होंने लगाया है वह अब भयावह रूप में धधक रही है। पता नहीं क्या क्या जलेगा और क्या क्या बचेगा।
धन्यवाद!
@masijeevi Kutarki tu ye bta ki tujhe or tere baccho ko kyu reservation mile..tujhe tujhe jese ko sharam nhi aati kisi gareeb SC ST ka haq marate huye...
No communication regarding exams after admission. Helpline numbers have been unreachable for 2 days. How are students supposed to get information? Please provide a working contact/helpdesk. #IGNOU@OfficialIGNOU@EduMinOfIndia
सवर्ण साथ में आए तो क्या नहीं हो सकता!!
UGC के खिलाफ जो आंदोलन सोशल मीडिया से शुरू हुआ था, वो जमीन और कोर्ट तक पहुंच चुका है!
अब अब ये आंदोलन ज़ोर पकड़ रहा है!
नेताओं को अब समझना होगा, लोगों को वोटों के लिए बांटने की राजनीति अब काम नहीं आएगी और अब सवर्ण भी अन्याय नहीं सहेंगे! https://t.co/KKR00wsZER
इनसे मिलिए ये हैं 13 साल के अभिषेक गुप्ता,
लखीमपुर खीरी में समाधान दिवस पर अकेले ही DM के सामने अपनी समस्या लेकर हाज़िर हुए,
कहां मेरी मां 3 हज़ार की नौकरी करती है हम भाई बहन की पढ़ाई का खर्च और घर का भी खर्च है जो मां की 3000 की सैलरी से नहीं हो पाता,
मेरे घर के एक रूम में ताई ने ताला लगाकर रखा है जो मेरे पिता के हिस्से का है, मै चाहता हूं कि उस ताले को आप लोग खुलवा दें
ताकि रेंट पर चढ़ा कर घर का खर्च निकल सके,
तभी अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि ठीक है करवा देंगे,
अभिषेक ने पलट कर कहां करवा देंगे नहीं करवा दीजिए,
उसके बा��� अभिषेक ने एक और बात कही कि आप लोगों का क्या आपको तो कमीशन मिल जाता है आपका हो जाता है,
और हम लोग तो गरीब हैं,
अधिकारियों ने अभिषेक को ज्यादा न बोलने की सलाह दी और चुप करा दिया लेकिन बच्चे से ये पूछने की हिम्मत नहीं की कि अधिकारियों के बारे में उसके ��न में कमीशन लेने की बात कहां से आई?
एक बार Dm साहब को बच्चे को चुप कराने के बजाय उसे विश्वास दिलाना था कि अधिकारी भ्रष्टाचारी नहीं होते,
DM साहब चुप कराने से बच्चे के दिमाग़ से सवाल नहीं मिट जायेंगे,