#क्या_आप_जानते_हैं परमात्मा अपने भक्तो के लिये कुछ भी करने सहने को तयार रहते? कबीर साहेब ने पाखंडवाद का जवाब अपने ज्ञान से दिया जीसके कारण उन्हे प्रताडीत भी होना पडा।
#GodMorningThursday
वेदों में प्रमाण है कि उस परमेश्वर का नाम कविर्देव अर्थात् कबीर परमेश्वर है, जिसने सर्व रचना की है।
पवित्र अथर्ववेद काण्ड नं. 4 अनुवाक नं. 1 मंत्र 7
#ThursdayThoughts
कबीर,
कुटिल वचन सबसे बुरा, जारी कर तन हार ।
साधु वचन जल रूप, बरसे अमृत धार ॥
अर्थ -कटु शब्दों और तानों से बदन में जलन की भावना होती है, जब कि मधुर शब्द सुनकर ठंडक पहुँचती है, और ऐसा लगता है कि जैसे अमृत बरस रहा हो ।
#ThursdayThoughts
गीता जी के अध्याय 15 श्लोक 17
उतम: पुरुष: तु अन्य: परमात्मा इति उदाहृत: य: लोकत्रयम् आविश्य बिभर्ति अव्यय:ईश्वर:
अर्थ उत्तम भगवान तो अन्य ही है जो तीनो लोकोमे प्रवेश करके सबका धारण-पोषण करता है एवं अविनाशी परमेश्वर परमात्मा इस प्रकार कहा गया है।
#WednesdayWisdom
ग्रंथसाहीब के गुरुवाणी मे वह दो अक्षर का सतनाम है। जीसे नानकदेवजी जपा करते थे। जानिये उस नाम को जीसे पुर्ण गुरु ही देते है।👇
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#WednesdayQuiz
जीस ज्ञान से लोग भ्रमित होते ऐसा ज्ञान नही देना चाहिये।
देखिये संत रामपाल जी महाराज और डॉ जाकिर नाईक के बिच हुयी आघ्यात्मिक ज्ञानचर्चा
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#WednesdayMotivation
ये सतनाम क्या है ? जबकी हमारे सिक्ख भाई "वाहेगुरु सतनाम" कहते है। लेकीन गुरुग्रंथ साहीब मे लिखा क्यो नही ? जानते है यहा से।
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