'इलाहाबाद हाईकोर्ट कोई कूड़ादान नहीं'
◆ जस्टिस यशवंत वर्मा को लेकर बार एसोसिएशन ने जताया विरोध
◆ कहा- "जांच पूरी होने तक जस्टिस यशवंत वर्मा को इलाहाबाद हाईकोर्ट में ट्रांसफर ना किया जाए"
#YashwantVerma#JusticeYashwantVerma | Yashwant Verma
🚨🚨🚨गुप्त रूप से बुलाई गई कॉलेजियम बैठक के कुछ अहम फैसले
>पैसा घर में रखना बंद करें , स्विस बैंक जैसी जगहों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है ,
>विधायिका और कार्यपालिका को हमेशा की तरह दबा के रखना है ,
>आजादी के नाम पारदर्शिता की ऐसी की तैसी करते रहना है ,
>सेमिनारों में कांख में महंगी किताबें दबा कर खूब ��ोकतंत्र , डायवर्सिटी , फ्रीडम , राइट्स की बातों में कोई कसर नहीं छोड़नी
>हर घराने से सिर्फ एक ही बेटा या भतीजा भेजिए मीडिया वाले बहुत शोर शराबा करते हैं,
>तुम देना साथ मेरा गाने को दिन में चार बार लूप में सुनना है ,
>न्याय तो होते रहेंगे समर वेकेशन और विंटर वेकेशन की छुट्टियां बढ़ाने पर जोर दिया जाए ,
>सु मोटू कॉग्निजेंस का उपयोग थोड़ा बढ़ा कर न्यायपालिका और विधायिका के कार्य क्षेत्र में भी घुसने की कोशिश की जाए ,
>कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट का दायरा भी बढ़ाया जाए ,
>लार्ड और जस्टिस शब्दों को लोकतंत्र का पापा जैसे शब्दों में तब्दील करने की तरफ ध्यान दिया जाए ।
किसी सामान्य कर्मचारी के घर पर ₹15 लाख मिलते उसे जेल भेजा जाता, जज के घर पर ₹15 करोड़ मिले हैं उन्हें घर वापसी का ईनाम दिया जा रहा है. जस्टिस यशवंत वर्मा इलाहाबाद आएँ तो कोर्ट में काम नहीं होगा- अनिल तिवारी, अध्यक्ष,इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन
दिल्ली हाई कोर्ट के जज श्री श्री यशवंत वर्मा के घर पर कैश का भंडार मिला है…और सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें वापस इलाहाबाद हाई कोर्ट भेजने का फैसला किया है
तो कहानी ये है कि जज साहब के दिल्ली वाले सरकारी बंगले में आग लगी, जज साहब शहर से बाहर थे…�� चाहते हुए भी…जान बचाने के लिए परिवार को फ़ायर ब्रिगेड बुलानी पड़ी…पुलिस भी आई.
इसी दौरान जज साहब का एक पूरा कमरा Cash से भरा मिला. अफ़रा तफ़री मच गई, बात पुलिस के आला अधिकारियों से होते हुए सरकार के शीर्ष स्तर तक पहुँची…वहाँ से CJI संजीव खन्ना को सूचित किया गया…
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने Justice Yashwant Varma को वापस Allahabad HC भेजने की सज़ा सुना दी.
अब सवाल ये है कि रंगे हाथ पकड़े जाने पर भी क्या जज साहब के ख़िलाफ़ केस नहीं चलेगा?
भ्रष्टाचार के मामलों में भी जज क़ानून से ऊपर हैं?
क्या Supreme Court Collegium सिर्फ ट्रांसफर करके पल्ला झाड़ लेगा?
क्या कैश के साथ पकड़े जाने पर भी न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा न्याय के मंदिर (Allahabad High Court) में बैठ कर ‘न्याय’ करते रहेंगे?
#YashwantVerma | Yashwant Verma
जस्टिस साहब ने 2023 में नेटफ्लिक्स की सीरीज ट्रायल बाय फायर पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था ,
और अभिव्यक्ति की बातें करते हुए कहा था कि "अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता क�� बनाए रखना जरूरी है, भले ही सरकारें और न्यायालय कुछ चीजों को प्रकाशित करने के पक्ष में न हों"
अभिव्यक्ति की आजादी करने वाले जस्टिस साहब कब मीडिया के सामने आकर सफाई देंगे ??
या फिर चुपचाप इलाहाबाद जाकर फैसले पर फैसला सुनाएंगे और रिटायरमेंट का इंतजार करते हुए हीरा हलवाई के रसगुल्लों का आनंद लेंगे ?
वो 11 साल की मासूम बच्ची है 🙏🏻
इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा का फैसला निराशाजनक है
11 साल की बच्ची के न��जी अंगों को पकड़ना और नाड़ा तोड़ने को ‘दुष्कर्म की कोशिश नहीं’ मानना, कानूनी व्यवस्था और पीड़ितों के न्याय पर सवाल उठाता है।
#JusticeForVictims #ChildSafety #LegalReform
अगर जज साहब भी बिक रहे हैं, तो फिर इंसाफ कौन देगा?
किस पर करें भरोसा?
सरकार पर?
न्यायपालिका पर?
कार्यपालिका पर ?
जब न्याय बिक रहा है और ईमानदारी सड़को पर लाठियाँ खा रही है – भरोसा टूट रहा है, सिस्टम से, न्याय से, हर उम्मीद से।
सब कुछ “धंधा” बन चुका है?
जहाँ फैसले पैसों के दम पर बेचे जा रहे है और
ईमान कुछ नोटो की कहानी रह गया है - उस देश को हम कहाँ ही लेकर जा पाएंगे ?
“दिल्ली HC के जस्टिस यशवंत वर्मा के घर में आग बुझाने गए फायर ब्रिगेड को क्या मिला? न्याय की जगह बेहिसाब CASH का अंबार! और भ्रष्टाचार की सजा सिर्फ ट्रांसफर । कोई जांच नहीं, कार्रवाई नहीं, बस कुर्सी बदल दो!
अब सोचिए, ऐसे कितने ��ैसले रहे होंगे जो इस पैसे के दम पर बेच दिए गए होंगे? कितने युवाओं का करियर कितने लोगो की जिंदगियाँ बर्बाद हुआ होगा?
BIG NEWS 🚨 दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी बंगले में आग लग गयी. वर्मा जी दिल्ली से बाहर थे. उनके परिवार वालों ने आग बुझाने के लिए फ़ायर ब्रिगेड को फ़ोन लगाया.
मामला हाइकोर्ट के जज के घर का था तो बड़ी संख्या में पुलिस बल भी आई. आग बुझाने के बाद सुरक्षा की दृष्टि से घर की जांच हुई तो एक पूरा कमरा नोटों से भरा मिला.
सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम ने ��स्टिस यशवंत वर्मा को वापस इलाहाबाद हाईकोर्ट भेजने का फरमान सुना दिया. पैसा खाकर ना जाने इस जज ने कितने गलत फैसले दिए होंगे.
न्यायपालिका ही जब भ्रष्टाचारी जज को सज़ा नही देगी तो कौन देगा. ट्रांसफर कोई सज़ा नही होती. यह बेहद संगीन आरोप है. जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलना चाहिए.
SSC का काला सच!
हर साल लाखों छात्र SSC परीक्षाओं की तैयारी में अपना खून-पसीना बहाते हैं, लेकिन जब रिजल्ट आता है, तो उनके सपनों पर SSC खुद ही पानी फेर देती है। Unfair cut-off, Normalization के नाम पर नंबरों से हेरफेर, और सबसे बड़ी धांधली— Waiting List का जारी न होना!
आखिर SSC य�� सब क्यों कर रही है?
Late Night Result Announcement : SSC हमेशा देर रात नतीजे जारी करती है, जिससे छात्र प्रतिक्रिया देने में देरी करें।
Unexpected Cut-off Game : बार-बार ऐसी कटऑफ जारी की जाती है जो छात्रों के लिए पूरी तरह चौंकाने वाली होती है।
Where is the Waiting List? कई बार योग्य अभ्यर्थी बहुत मामूली अंतर से चूक जाते हैं, लेकिन SSC उन्हें मौका देने के बजाय पूरी लिस्ट गायब कर देती है!
Zero Accountability : SSC से जब भी जवाब मांगा जाता है, तो या तो कोई प्रतिक्रिया नहीं आती या फिर गोलमोल जवाब देकर मामले को दबा दिया जाता है।
क्या यह सब सिर्फ लापरवाही है, या SSC जानबूझकर एक बड़े घोटाले को छिपाने की कोशिश कर रही है? छात्र कब तक ऐसे ही अन्याय सहते रहेंगे?
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नॉर्मलाइजेशन में गड़बड़ियों के बाद अब Final Answer Key की देरी क्यों? SSC को जल्द से जल्द SSC CGL 2024 Tier-2 की Final Answer Key जारी करनी चाहिए!
हम अपना हक मांग रहे हैं! ✊
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🚨 SSC अभ्यर्थियों की मांग! 🚨
हम SSC से अनुरोध करते हैं कि SSC CGL 2024 Tier-2 का फाइनल आंसर की जल्द से जल्द जारी करें! लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ ना हो, पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है।
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SSC must release the SSC CGL 2024 Tier-2 Final Answer Key and Marks without delay!
Candidates have the right to transparency in the selection process. Why the wait?
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