Journalist, Resident Editor with News India 24x7. Past, worked with Zee News, ANI TV, News Express, News 24. Retweets, links, likes & follows not endorsements.
I am pleased to note that many media groups chose to uphold the basic tenets of their profession and refrained from publishing falsehoods about my name appearing in an ED chargesheet. Many of those who had reported it yesterday have now retracted it. (1/2)
17000 करोड़ का घोटाला!
अनिल अंबानी पर CBI का छापा, RCOM और कई ठिकानों पर छापेमारी।
जनता का पैसा डूबा और भरपाई टैक्सपेयर्स की जेब से होगी!
#wernews#AnilAmbani#CBI#scam
Podcast | Aam Aadmi Parti की ग्रोथ, BJP का फ़र्ज़ीवाड़ा और UP की शिक्षा व्यवस्था पर करारा प्रहार |
Full interview - https://t.co/fCwpxHPFPS
Facebook - https://t.co/tQFhcdPI8w
@SarveshMishra_
कल प्रधानमंत्री जी ने राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में देश को बताया -
“…पाकिस्तान बचने के रास्ते खोजने लगा। परिणामस्वरूप, पाकिस्तान तनाव कम करने की गुहार लगाने लगा।
10 मई की दोपहर को, बुरी तरह पीटने के बाद, पाकिस्तानी सेना ने हमारे डीजीएमओ को संपर्क किया।
…….. इसलिए जब पाकिस्तान ने यह कहा कि अब वह कोई आतंकी गतिविधि या सैन्य दुस्साहस नहीं करेगा, तब भारत ने भी विचार किया…”
पूरे देश को सेना पर गर्व है. हमारी सेना ने पाकिस्तान के हथियार और हौसले दोनों पस्त कर दिए थे। लेकिन अचानक जिस तरह सीजफायर के नाम पर सेना के हाथ बांध दिए गए उसे लेकर देश असमंजस में है। हुआ क्या? सीजफायर ? अमेरिका? लोग प्रधानमंत्री जी के भाषण में अपने मन में घुमड़ रहे सवालों के जवाब ढूँढ रहे हैं । प्रधानमंत्री जी बताते हैं कि - 10 मई की दोपहर को, बुरी तरह पिटने के बाद, पाकिस्तानी सेना ने हमसे संपर्क किया। …….. जब पाकिस्तान ने यह कहा कि अब वह कोई आतंकी गतिविधि या सैन्य दुस्साहस नहीं करेगा, तब भारत ने भी विचार किया…
जब देश की भावना थी – अब निर्णायक कार्रवाई होगी। उस समय पाकिस्तान के हाथ जोड़ने पर मोदी जी ने सीजफायर का निर्णय लेकर सेना के हाथ बाँध दिए।
देश के मन में 4 सीधे सवाल हैं:
1. हम सब जानते हैं कि पाकिस्तान एक आतंकवादी देश है, तो फिर एक निर्णायक मोड़ पर पहुँचकर अचानक उससे सीज़फायर क्यों?
2. मोदी जी कह रहे हैं – पाकिस्तान ने हाथ जोड़े और उन्होंने विचार करके सीजफायर कर लिया। लेकिन जब पाकिस्तानी आतंकियों के सामने हमारी बहनों ने हाथ जोड़े थे – “मेरा सिंदूर मत उजाड़ो” – तब वे नहीं माने थे। तो अब मोदी जी क्यों मान गए?
3. पाकिस्तान हमारे हवाई हमले रोक नहीं पा रहा था। पाकिस्तान को पीछे हटना चाहिए था, झुकना चाहिए था, पहलगाम हमले के आतंकी हमें सौंपने चाहिए थे अगर पाकिस्तान नें युद्ध रोकने के लिए हमारे हाँथ जोड़े थे तो क्यों उनके प्रधानमंत्री को बुलाकर लिखित समझौता नहीं करवाया, जैसा इंदिरा जी नें 1971 में किया था?
4. अचानक किए गए सीजफायर से - पहलगांव के विक्टिम्स को न्याय कैसे मिलेगा? पाकिस्तान ने पूंछ में 21 लोग और मार दिए उनको न्याय कैसे मिलेगा
इन चार सवालों के साथ एक और सवाल जो लोगों के ज़हन में घूम रहा है, वो है -
इस सबमे अमेरिका की भूमिका ? देश जानना चाह रहा है कि - मोदी सरकार के सीजफायर घोषणा करने से ठीक पहले अमेरिका ने घोषणा करके कहा दिया कि सीजफायर के लिए भारत को राजी कर लिया है। इसमें क्या सच्चाई है ?
कल प्रधानमंत्री जी ने अपने भाषण में एक बार भी अमेरिका को दो टूक नहीं कह दिया कि इस सबमे अमेरिका की भूमिका की हमें कोई ज़रूरत नहीं है। क्यों नहीं कहा - हमें किसी को ज़रूरत नहीं, हम सक्षम है ? क्यों नहीं कहा – भारत सक्षम है, और अपने फैसले खुद करता है, हम अमेरिका के मोहताज नहीं हैं। भारत 78 साल से अपने फैसले खुद लेता आया है।
प्रधानमंत्री जी, देश जानना चाहता है – सेना के बढ़ते कदम आपने क्यों रोके?
इन सवालों के जवाब न मिलने पर देश ठगा सा महसूस कर रहा है।