@chitraaum राम भक्तों के लिए लिखी हुई इस पाती में कहीं हिंदी के अंक संख्या का इस्तेमाल हुआ है, कहीं अंग्रेजी की अंक संख्या का इस्तेमाल हुआ है। इस पाती को लिखते समय आप चम्पत राय जी की "मनोस्थिति" का अंदाजा लगा सकते हैं।
@upadhyayabhii कुल मिलाकर लब्बोलुआब यह है कि राम मंदिर की व्यवस्था करते करते चम्पत राय जी को रावण की तरह अहंकार हो गया था। उनके कुछ वीडियो देखने को मिले हैं जिसमें वे दान दाताओं से बदतमीजी से बात करते हुए दिखाई दे रहे हैं। उन्हें लगता था कि माेदी, योगी भी मेरे पीछे हैं। मुझसे बड़ा कौन है ....
@ajeetbharti@RSSorg@VHPDigital@BJP4India एक सांस में बिल्कुल सच्चाई बोल दी। जैसे 2014 चुनाव में मोदी के समर्थन में देश हवा चली थी,वैसी ही "उल्टी हवा"अब राम मंदिर चोरी में कारण देश में चल रही है। बीजेपी नेता कितना भी बोलते रहे कि दान चोरी ट्रस्ट की जिम्मेदारी है,हमारी नहीं। हर देशवासी जानता है बीजेपी और मंदिर का रिश्ता।
@chitraaum यदि चंपत राय सच्चाई में " माया मोह " से दूर होते तो इस्तीफा देने के बाद उनका बयान आता कि मेरा त्यागपत्र ट्रस्ट स्वीकार करें या ना करें परन्तु मैंने त्यागपत्र दे दिया है। यही मेरा अंतिम फैसला है और मैं अपना झोला लेकर राम मंदिर क्षेत्र से सदा के लिए निकल रहा हूं। परंतु .......
@chitraaum आपके लेख पर यही जवाब है.... आज तक इस प्रश्न का उत्तर नहीं मिल पाया कि.... किशोर कुमार के कारण राजेश खन्ना सुपर हिट हुए या राजेश खन्ना के कारण किशोर कुमार सुपर हिट हुए.... मतलब आप समझ गए होंगे 😄
@RajatSharmaLive यदि राम मंदिर चोरी में ट्रस्ट का बड़ा अधिकारी जिम्मेदार नहीं है।छोटे कर्मचारियों की ही जवाबदेही बनती है तो लखनऊ में हुए अग्निकांड में बिजली विभाग के"अधिशासी अभियंता" को क्यों निलंबित किया। जिम्मेदार तो छोटे कर्मचारी होंगे।दोहरी निति क्यों? कहीं बढ़ा जिम्मेदार,कहीं छोटा जिम्मेदार
@SushantBSinha यदि राम मंदिर चोरी में ट्रस्ट का बड़ा अधिकारी जिम्मेदार नहीं है।छोटे कर्मचारियों की ही जवाबदेही बनती है तो लखनऊ में हुए अग्निकांड में बिजली विभाग के"अधिशासी अभियंता" को क्यों निलंबित किया। जिम्मेदार तो छोटे कर्मचारी होंगे।दोहरी निति क्यों? कहीं बढ़ा जिम्मेदार,कहीं छोटा जिम्मेदार
@yadavakhilesh जिस मां का बच्चा सुबह घर से सही सलामत निकला हो और देश के भ्रष्ट तंत्र के कारण उसकी जलकर असमय मृत्यु हो जाए।उस मां और उसके परिवार पर क्या बीतेगी। इस दर्द, पीड़ा, दुःख के समय यदि प्रदेश का मुखिया अचानक उसके सामने आ जाए तो दुखी इंसान कुछ भी बोल सकता है, उसे शांति से सुनना चाहिए था।
@richaanirudh आपके हिसाब से जो 25 से 30% ईमानदार लोग हैं अगर उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई तो बचे हुए 70 से 75% भ्रष्ट लोग उन्हें कच्चा चबा कर खा जाएंगे और उन ईमानदार लोगों के पास अपने को बचाने हेतु देने के लिए रिश्वत का पैसा भी नहीं होगा।सब शहीद हो जाएंगे और आप बस ट्वीट करती रहेंगी।
@myogiadityanath देश में इस तरह की हर घटना के बाद जांचें होंती हैं और कुछ दिन मीडिया में आएगा कि इमारत में इस चीज की NOC नहीं थी,वह पास नहीं था, यह पास नहीं था ,वह नहीं था और कुछ दिनों बाद चर्चा ही खत्म हो जाएगी। कुछ नहीं बदलेगा। अफसोस आप और मोदी जी नीचे स्तर के भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लगा पाये।
@ajeetbharti राम मंदिर के सारे ट्रस्टी अपने पदों पर जमे हुए हैं। किसी ने नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र नहीं दिया है। अभी भी ट्रस्ट में रहते हुए ,यह सब अपनी पुरानी गड़बड़ियों पर , रिकार्डों में कितनी लीपा पोती कर सकते हैं।