आज एक बात बता दूं।
मै कट्टर सनातनी से 4 कदम आगे हु।
नास्तिक मानसिकता और आस्था अडिग है।
खुद में खुद का विरोधी हु।
इंसानियत मेरा धर्म।
धर्म मेरी मां है।
थोड़ा बच के रहना मेरी सोच से
मैं शैतान हु। एवम् श्री राम मेरा भगवान है।
एंड बैंड सैंड दूर ही रहना
मुझे हर धर्म का संज्ञान है।
इज्जत दिल से सबकी है।
बेफालतू में न देना कोई ज्ञान है।
वह ओवैसी की राजनीति करते-करते इतना भूल गए की देश में बीजेपी की नीतियों से सबसे ज्यादा अगर फायदा हुआ तो वह दलित और मुस्लिम समाज को लेकिन बड़े ही दुख की बात है कि इतना सब करने के बावजूद भी यह समाज खुश नहीं है। और यह मैं नहीं जाकर उन लोगों पता कर ले जिन्होंने इसका भरपूर फायदा लिया है और जाकर लोगों को इसके बारे जागरूक भी किया।
इसलिए बोला था कि कैफे पी लो ।
लेकिन मानते कहा है आजकल लोग
चलो आ जाओ
पहला शूद्रों को शिक्षा से वंचित रखना
भाई क्या सच में 🥱🤔
ठोस सबूत है। नहीं है सब फिल्मों से पढ़कर आए है।
स्वामी रविदास जी
बहुत बड़े समाज सुधारक
उनकी कुछ लाइन मशहूर है
“मन चंगा तो कठौती में गंगा”
कह दो कि सत रविदास जी की पढ़ाई हुई ही नहीं। भाई आप 13 ce or 1433 की बात करोगे। सोच कर जरा
मै आया एक कैफे पी कर
बजीफा जाति पर,
एडमिशन जाति पर,
प्रमोशन जाति पर,
नौकरी जाति पर,
चुनाव में टिकट जाति पर और पार्टी में पद भी जाति पर।
जब इस देश में दस में से नौ काम जाति के आधार पर हो रहे हैं, तो फिर जाति कलंक कैसे हो गई:
One thing which I can tell you is
Taking premium membership/Blue tick on X is the best decision I have made
I recommend everyone to go for blue tick atleast for 3 month
चुपी किसी भी चीज का उत्तर नहीं होता है लेकिन मौन सहमति जरूर होती है। और ये हो सकता है आप गलत हो तो भी आप सहमति में ही नजर आओगे।
इसलिए कई बार चुप्पी को त्यागना आपके हक में जा सकता है।
@sprahajoshi ☕ तक अच्छा है। लेकिन जो हाथ का निशान बनाया है। वो बहुत गलत है। क्या आप सच में जानते है । इसका मतलब क्या होता है। या अनजाने में गलती से किया।
नोट
कृपया करके आगे से ऐसा इमोजी इस्तेमाल न करे।
सिर्फ जानकारी में सुधार के लिए।
एक बात सोची
सब ने बुराई ही खोजने की कोशिश की।
ओर बुरा ही बोला,समझा।
साला
किसी को अच्छाई न नजर आई।
न किसी ने देखने की कोशिश की।
अब अच्छा बनना ही नहीं है।
क्योंकि
बुरा किरदार अच्छा लगने लगा है।
क्या आप विपरीत नहीं सोच रहे। अगर मैं कहूं राहुल गांधी ऐसे वक्त में जनेश पर सवाल उठाया जब ये मामला नजदीक था। चलो राहुल गांधी है सत्ता नहीं विपक्ष में पकड़ रखते है । कोई सबूत जरूर होगा। लेकिन है कहा। ऐसे तो मैं आपको बोल दूं आपने पैसे ले पोस्ट डाली है। लेकिन बिना सबूत सब बकवास ओर अफवाह है। इससे आप को पैसे नहीं मिलने वाले। बिल्कुल उसी तरह आप बिना सबूत के इस्तीफा नहीं ले सकते। कल आप बैंक मैनेजर बन जाए। ओर मै आरोप लगा आपका इस्तीफा मांगने लागू बिना साबित किए । क्या आप इस्तीफा देंगे। इस मामले को तूल देने में अब विपक्ष की पार्टी के साथ अभिजीत ओर उनके गुर्गे काम कर रहे है। कैसे सब एक साथ आ गए। आपको राजनीति यहां नजर नहीं आई। जनेश का इस्तीफा मांगना विपक्ष को सोची समझी चाल है। राजनीति में सिर्फ एक तरफ से सरकार को नहीं झुकाया जा सकता। मोर्चा हर जगह उठता हुआ नजर आता है। आप देखते रहे। जैसे जैसे सरकार सत्ता में रहेगी वैसे वैसे मुद्दे ओर तेज होंगे। घेराव ओर तेज होगा। जैसे अन्ना हजारे के अनशन के बाद एक वक्त आया ओर कांग्रेस की सरकार गिर गई। ठीक उसी तरह 15 साल हो चुके है। ओर विपक्ष अब घेराव तेज कर रहा है। बाकी आप मुझ से अधिक समझदार है।
लेकिन ये सत्य है। कि आम आदमी पार्टी ओर कांग्रेस में दिल्ली ,पंजाब ,मुंबई जैसी जगहों पर वोटर लिस्ट में बंगलादेश और रोहिंग्या रिफ्यूजी के वोट एड किए है। जिनके लिए इलेक्शन कमीशन वोट काटने में लगा है। क्योंकि ये एक पार्टी का वोट बैंक बनाया गया है। जबकि वो वोट का हक नहीं रखते।
@SupriyaShrinate भारत में अगर गिरी हुई राजनीति का चेहरा देखना है तो इस खातून को देख ले।
WAWARE सुप्रिया
मतलब कुछ भी।
गद्दार का दाग बहुत से दामन पर लगा है। खास कर कांग्रेस के साम्राज्य में।
@AshutoshRanka ये तीनों आपस में लगे रहते है। वो इसको ये उसको ओर वो इन दिनों को
क्या हेल्प करते है आप एक दूसरे की। अबे घंटूनाथ ओर भी मुद्दे है। कोई अच्छा उठा स्पोर्ट अच्छी मिलेगी।