आज एक बात बता दूं।
मै कट्टर सनातनी से 4 कदम आगे हु।
नास्तिक मानसिकता और आस्था अडिग है।
खुद में खुद का विरोधी हु।
इंसानियत मेरा धर्म।
धर्म मेरी मां है।
थोड़ा बच के रहना मेरी सोच से
मैं शैतान हु। एवम् श्री राम मेरा भगवान है।
एंड बैंड सैंड दूर ही रहना
मुझे हर धर्म का संज्ञान है।
इज्जत दिल से सबकी है।
बेफालतू में न देना कोई ज्ञान है।
अब सत्य तो मैं खुद बता नहीं सकता। लेकिन बोला जा रहा है। कि भाईसाब ने एक पूरी किताब A I की मदद से लिखी। अभी तो खबर आई है। लेकिन इन्होंने इस दावे को नकारा है। ओर दावे को अफवाह कहा है।
🇫🇷🇨🇦🇭🇹🇯🇵📚FLASH | Un NOUVEAU PLAGIAT attribué à Thélyson Orélien aurait été identifié.
Son poème « Déchirures », publié sur son blog, serait un assemblage de textes de trois poètes japonais : Ryōkan (1758-1831), Ono no Komachi (825-900) et Minamoto no Sanetomo (1192-1219). (Source : @montessus_de)
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@NPoltical वो चले गए ,हमें अकेला छोड़कर,
किसी अंजान शहर में।
जुदाई से बड़ी ओर ,कोई सजा न मिली।
हमें वहम था उनके लौट आने का।
बस इस वहम की ,कोई दवा न मिली।
WAWARE
नाक, कान,हाथ,पैर
सोने के गहने।
जुबान एकदम जहर,
समझे खुदको चुलबली, रानी,
गोलगप्पे का नाम सुन, मुंह में पानी।
चुलबुल चुलबुल जी ललचाए,
ये लड़की हमेशा बेवकूफ बनाए।
बाते मीठी में न इनकी आना,
मगर के आंसू, जूठा जमाना।
सोने के गहने , जेब करे खाली ,
अकल से पैदल,सुनाए दिन रात कव्वाली।
लंबी जुबान , सबका नुकसान ,
कचौरी, मोमोज, समोसा,
जो 100 50 बचे ,मर्द यहां आ खोता।
फिर भी इसको सबर न आए ,
अब इसको लेकर बाते सुनाए।
😂😂😂😂
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को देखते ही सभी मुस्लिम देशों के प्रतिनिधि भाग खड़े हुवे..
नेतन्याहू ने कहा:
कोई और नैतिक कायर मौजूद है तो अभी बाहर निकल जाए..
नेतन्याहू सिर्फ बम बारूद से नहीं....
शब्दों से भी रेलते है
🫡😆🇮🇱🇮🇳
Note
वैसे भारत को बुरा बोलने वालों का कोई कसूर नहीं। चाहे वो राजनीतिक बुराई हो। या धार्मिक ।
जब मैं खुद कभी x पर देखता हु। सब से अधिक लोग मेरे भारत से है। जो देख रहे है। सुन रहे है
तो इंसान खुद ब खुद उसके बारे में ही अगली पोस्ट तैयार करेगा। या उस भाषा का इस्तेमाल करेगा।
अब ज्ञान हम भारतीय लोगों को कहा ही पसंद है।
आशाराम, रामपाल,रामरहीम काफी है। माहिर भी है।
तो हमें चाहिए मुद्दे वो भी बेफिजूल के
जिससे लोगों का ध्यान रहे ।
अब उसमें योगी,मोदी,
मजाक करना है तो राहुल
बची कूची कसर स्कैम और धार्मिक चीजों में निकल जाती है।
मेरे खुद 93.3% है।
सोचता हु किसी नेता से पंगा ले लू।
रिच बनी रहेगी।
उखाड़ घंटा नहीं सकता मेरा।
या ध्रुव यूट्यूबर जैसे हर जगह नाक घुसेड़ना शुरू करदू।
अब बताओ किसका कसूर निकलोगे।
आज चाँद पूरा है, फिर भी दिल अधूरा सा है,
किसी को खोने का दर्द कुछ ज़्यादा गहरा सा है।
कसूर किस्मत का नहीं, मेरा ही था शायद,
जिसे अपना बनाना था, उसी को खो बैठा हूँ… 🌕💔
आने वाले दिनों में मै एक ऐसे इंसान की जानकारी आप लोगों से साझा करूंगा । जिन्होंने पत्रकारिता करते वक्त ऐसे देश के लोगों पर विश्वास किया। जो कभी उसके काबिल नहीं थे। ओर उस विश्वास की कीमत उन्होंने अपनी जान देकर चुकाई। उनके बोले गए आखिरी अल्फ़ाज़ एक सत्य का प्रमाण थे।
लेकिन साथ के साथ एक देश का असली चेहरा सामने लेकर आने में अहम भूमिका भी रही।