On International Day of Sign Languages, let us reaffirm the importance of recognising, protecting and promoting the human rights of persons with hearing impairment...
The 2026 theme, “Declaring Deaf People’s Human Rights,” highlights the need for full access through national sign languages, including Indian Sign Language (ISL).
#InternationalDayOfSignLanguages
मध्यप्रदेश में गरीब आदिवासी व्यक्ति पर पेशाब करने वाले भाजपा के युवा नेता प्रवेश शुक्ला की यह शरारत और उद्दंडता असहनीय है। आदिवासियों के प्रति बीजेपी का यह असली चेहरा है। मप्र प्रशासन प्रवेश शुक्ला के विरूद्ध एससी एसटी एक्ट के तहत कड़ी कार्यवाही करें। #ArrestPraveshShukla
मध्यप्रदेश में गरीब आदिवासी व्यक्ति पर पेशाब करने वाले भाजपा के युवा नेता प्रवेश शुक्ला की यह शरारत और उद्दंडता असहनीय है। आदिवासियों के प्रति बीजेपी का यह असली चेहरा है। मप्र प्रशासन प्रवेश शुक्ला के विरूद्ध एससी एसटी एक्ट के तहत कड़ी कार्यवाही करें। #ArrestPraveshShukla
अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक उत्सव के दोरान घूमर के साथ साथ परदेशियों को दाल, बाटी एवं चूरमा भी अपने हाथों से बनाकर खिलाया.
25 देशों के खाने कि प्रदर्शनी लगी थी सबको हमारा खाना पसंद आया.
शहीद रोहिताश्व लांबा की पत्नी मंजू जाट को पुलिस ने इतना मारा है कि बोल भी नहीं पा रही। इतनी प्रताड़ना तो अंग्रेज भी नहीं देते थे। मुख्यमंत्री @ashokgehlot51 जी आपको वीरांगनाओं की मांगें नहीं माननी हैं तो मत मानिए, लेकिन आपकी पुलिस को इन पर अत्याचार करने का अधिकार किसने दिया?
भाजपा के राज्यसभा सांसद @DrKirodilalBJP जी के साथ राजस्थान पुलिस अपराधियों की तरह व्यवहार कर रही है, जो अति निन्दनीय है।
यह जनप्रतिनिधियों के रूप में उनके विशेषाधिकार का भी हनन है।
राजस्थान सरकार होश में आये।
माननीय मुख्यमंत्री महोदय से निवेदन हैं कि माननीय सांसद गरीबों के भगवान डॉ. किरोड़ी लाल जी मीणा के साथ मारपीट और अभद्रता करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करें। बाबा किरोड़ी हैं इस सदी की धरोहर हैं।
@ashokgehlot51@DrKirodilalBJP
एक सम्मानित जन प्रतिनिधि व राज्यसभा सांसद डॉ किरोड़ी लाल मीणा जी के साथ मारपीट करना और उनके कपड़े फाड़ना, निर्वस्त्र करना ये कुकृत्य बिल्कुल सहन नहीं किया जायेगा। गहलोत सरकार की तानाशाही नहीं चलेगी।
@DrKirodilalBJP@VasundharaBJP
सेज थाने के बाहर धरने पर बेठा।सरकार पुलिस के दम पर वीरांगनाओं की आवाज को दबा नहीं पाएगी। और ताकत के साथ निरंकुश और तानाशाही सरकार का प्रतिरोध किया जाएगा।
आप सोच कर देखिए जब सांसद के साथ ये सलूक है तब आम जनता के साथ क्या क्या होता होगा ? ये माननीय सांसद किरोड़ी लाल मीणा जी है जो वीरांगनाओं की माँगों को लेकर आंदोलनरत है लेकिन आज राजस्थान पुलिस ने जिस तरह से कार्यवाही की है वह बेहद अलोकतांत्रिक, अशोभनीय और अमर्यादित है।