Politics based on Majoritarianism or Religion, vehemently demands from you to lose empathy.
And empathy is the very crux of human cooperation and hence existence.
#globalphenomenon
धार्मिक पहचान की राजनीति ने समाज में आपसी संबंधों को भी प्रभावित किया है. आपसी अविश्वास के बीच हिन्दू और मुसलमान अपने संबंधों को कैसे बचा रहे हैं? देखिए एक ही छत के नीचे रहने वाले हिन्दू मुसलमान रूममेट्स की कहानी.
रिपोर्ट: रजनीश कुमार
शूट-एडिट: देवाशीष कुमार
@CapgeminiAM Did you really stopped sharing experience letter for your employees with roles and responsibilities? Cos that’s the reason I am not able to apply for the Green card & Attorneys are specifically asking for the Experience letter on Company’s letterhead. Please help !!
सिर्फ ये मत सोचो की बीजेपी अपने निजी स्वार्थ के लिए बार बार देश के साथ क्या क्या करती है, दया तो अंधभक्त Types और मीडिया पर आती जिनके पास रोज एक वाहियात टास्क होता है सही ठहराने के लिए! #INDIA#BHARAT
रोता बिलखता बच्चा, मजबूर पिता और तमाशा देखता समाज।
आखिर इतने अंधे लोग कैसे होते जा रहे हैं कि अपने ही सहपाठियों से एक के बाद एक थप्पड़ खाते एक। बच्चे के आंसू भी उन्हें दिखने बंद हो गये?
चुनावी फायदे के लिये फैलाई जाने वाली नफरत का असर अगर समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहा है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी है?
इस घटना का बचाव करने वाले, इसपर स्पष्टीकरण देने वाले और सिर्फ उस शिक्षिका को अकेले जिम्मेदार मानने वाले, यह तीनों ही लोग खुद से झूठ बोल रहे हैं।
इस घटना के ज़िम्मेदार तीन लोग हैं:
1. लगातार समाज में जहर घोलने वाला नोएडा मीडिया
2. अपने फायदे के लिए उन्हें शह देने वाली सरकार
3. चुप रह कर तमाशा देखने वाली जनता।
आप इनमें से कौन हैं?
मैंने बच्चे की पहचान उजागर न हो, इसलिए पहले का ट्वीट हटा दिया है। टीचर तृप्ति त्यागी के कहने पर जो छोटा सा बच्चा उठ कर आता है और अपनी ही उम्र के मुस्लिम बच्चे को मारता है, उसके माता-पिता को आगे आकर केस करना चाहिए कि तृप्ति त्यागी उनके मासूम बच्चे को हिन्दू के नाम पर दंगाई बना रही हैं। सांप्रदायिकता बच्चे को मानव बम में बदल देती है। जिस बच्चे को मारा गया है, वह इस सदमे के साथ कैसे अपना जीवन काटेगा यह सोचने की बात है। उसे हम सभी का प्यार पहुँचे। जिस बच्चे के मन में टीचर ने नफ़रत का ज़हर भर दिया है, उस तक भी हम सभी का प्यार पहुँचे ताकि वह इस नफ़रत से बाहर आए। और दंगाई न बने। सभी मां-बाप को सचेत हो जाना चाहिए कि एंटी मुस्लिम नफ़रत के नाम पर उनके बच्चों को दंगाई बनाने का कितने स्तर पर प्रयास चल रहा है।
ये ज़हर कहाँ तक पहुँचा है, हर दिन इसका एक शर्मनाक सैंपल सामने आता है। गोदी मीडिया और व्हाट्स एप अंकिलों ने अपने ही बच्चों को दंगाई बनाने का जाल बिछा दिया है। दुखद यह भी है कि जिस बच्चे को धर्म के नाम पर मारा गया, उसके पिता को भरोसा नहीं है कि न्याय मिलेगा। चीफ़ जस्टिस बार-बार न्यायपालिका में भरोसे की बात करते हैं। क्या न्यायपालिका इस पिता में अपना भरोसा बना सकती है?
Chandrayaan ka credit kaun lega ispe debate hota rahega lekin ye jo 100% shuddh nafrat hai iska credit camerajeevi juicer ji ko zaroor lena chaahiye.
Yahi sabse bada achievement hai unka.
One of my friends mother is suffering from Breast cancer and looking for some financial help. She lives is Raigarh district, Maharashtra. Any help of suggesting NGO’s, Hospital would be appreciated. @zoo_bear@srinivasiyc@sohitmishra99
What an irony!!!
Unacademy, whose entire business revolves around education, fires someone who was emphasising the value of education and calls it wrong influence.
@RomanSaini, did you even read what you just tweeted?
'इतना पैसा नहीं है'
डेढ़ मिनट का ये वीडियो आपको डिस्टर्ब कर सकता है. सोचिए, एक आम आदमी की जिंदगी में क्या चल रहा है और आपकी टीवी पर खबरों में क्या चल रहा है.