बाँकीपुर का नतीजा यकीनन भाजपा के लिए बहुत बड़ा झटका है! पार्टी अध्यक्ष का चुनाव क्षेत्र होने के साथ-साथ यह सबसे अनुकूल जातीय समीकरण वाली सीट थी! पर यह विपक्ष के लिए और भी बड़ा झटका है! क्योंकि वोटर जातिवादी कुनबाशाही दलों से उकता कर प्रशांत विजय जैसे नेता या जेनजी की तलाश में है!
राममंदिर चढ़ावा चोरी पर खर सांसद से भौंडा स्वाँग कराने की क्या जरूरत थी? यह तो बड़े रंगकर्मियों को करना चाहिए और करेंगे! पर 2 लाख करोड़ के कर्नाटक वक्फ बोर्ड जमीन घोटाले और 80-90 करोड़ के साइरो-मालाबार जमीन घोटाले पर कौन कलाकारी दिखाएगा? किसी को माँ की फिक्र है तो किसी को वोट की!
NEET मामले में सिर्फ गुमराह किया जा रहा है। कोई शिक्षक प्रश्न आउट नहीं कर सकता। हर विषय के लिए दर्जनों शिक्षक अलग अलग सिर्फ अपने विषय का प्रश्न सेट करके देते हैं। उनको पता नहीं होता कि किनका सेट किया हुआ सवाल आएगा। फिर कोई भी प्रश्न सेट करने वाला पुरा पेपर कैसे आउट कर सकता है?
@narendramodi NH के लिए किसानों से जमीन अधिग्रहण में जिस जमीन का रेट यूपी में 100 रू मिल रहा है बिलकुल वैसा हीं जमीन जो बिहार में पड़ता है, का रेट 10 रू मिल रहा है। क्यों?
भोजपुर जिला के गड़हनी प्रखंड के बगवां गांव के किसान बर्बाद हो जाएंगे। मदद करें
@samrat4CM NH के लिए किसानों से जमीन अधिग्रहण में जिस जमीन का रेट यूपी में 100 रू मिल रहा है बिलकुल वैसा हीं जमीन जो बिहार में पड़ता है, का रेट 10 रू मिल रहा है। क्यों?
भोजपुर जिला के गड़हनी प्रखंड के बगवां गांव के किसान बर्बाद हो जाएंगे। मदद करें
NH के लिए किसानों से जमीन अधिग्रहण में जिस जमीन का रेट यूपी में 100 रू मिल रहा है बिलकुल वैसा हीं जमीन जो बिहार में पड़ता है का रेट 10 रू मिल रहा है। क्यों?
भोजपुर जिला के गड़हनी प्रखंड के बगवां गांव के किसान बर्बाद हो जाएंगे। मदद करें
@samrat4CM@officecmbihar@narendramodi
@ChouhanShivraj UGC Regulation के तरह अपेक्षाकृत कम महत्वपूर्ण "पोस्टल एक्ट" (जिसका नतीजा 'बोस्टन टी पार्टी') ने तब के महाशक्तिशाली ब्रिटेन के हाथ से अमेरिका को छीन लिया था। वह भी मध्यमवर्ग की गुस्सा थी।
अपेक्षाकृत कम महत्वपूर्ण "पोस्टल एक्ट" (जिसका नतीजा 'बोस्टन टी पार्टी') ने तब के महाशक्तिशाली ब्रिटेन के हाथ से अमेरिका को छीन लिया था। वह भी मध्यमवर्ग की गुस्सा थी।
#UGC_काला_कानून_वापस_लो
पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री आरके सिंह का कहना है कि, “दुनिया में भारत के स्तर को इस नरेंद्र मोदी की सरकार ने इतना नीचे गिरा दिया है जितना मैंने अपने पचास साल की सेवा में कभी नहीं देखा।"
आर के सिंह ने अपने सोशल मीडिया पर लंबी चौड़ी पोस्ट लिखी है। आर के सिंह देश के गृह सचिव रहे हैं।
भ्रष्ट लोग हर जगह हैं। अगर न्यायपालिका में भ्रष्ट सामने आए हैं तो इससे कई गुना ज्यादा भ्रष्ट कार्यपालिका में सामने आए हैं। अगर न्यायपालिका को पाठ्यक्रम में शामिल किए तो इसके पहले कार्यपालिका को शामिल क्यों नहीं किए?
कार्यपालिका सही ढंग से काम करे तो बहुत कम मामले कोर्ट में जाएंगे
जो व्यक्ति निश्चित को छोड़कर अनिश्चित के पीछे भागता है, उसका निश्चित तो नष्ट होता ही है, साथ ही अनिश्चित भी नष्ट हो जाता है।
यो ध्रुवाणि परित्यज्य अध्रुवं परिषेवते।
ध्रुवाणि तस्य नश्यन्ति अध्रुवं नष्टमेव हि॥
#UGC@AmitShah@BJP4India@narendramodi@BJP4India
ये भारत भूमि अपनी वन संपदा और उपजाऊ भूमि के कारण हमेशा से आक्रांताओं के निशाने पर रही । आक्रमण- लूटपाट को रोकने, झेलने में वीरांगनाओं ने अपनी वो संताने जो किशोरावस्था में थी उनकी प्राणों की आहुति दे दी।
स्वतंत्र एवं लोकतांत्रिक भारत में अब फिर से नियम बना कर कुछ किशोरों को पहले से ही शैक्षिक संस्थानों उस श्रेणी में रखना जैसे थानों में history sheeter का data रखा जाता है ।
90-95 % पाने वाले वो मेधावी छात्र- छात्राएं, जिन्होंने फॉर्म भरने में सबसे अधिक फीस भरी, जिनका cut-off सबसे अधिक, बहुत छात्रो के अभिभावक शायद सरकारी नौकरी में नहीं होंगे और ना कोई सरकारी सुविधा प्राप्त कर रहे होंगे।
अपनी प्रतिभा- योग्यता के आधार पर मुश्किल से कोई campus मिल गया तो वहाँ हमेशा डर में जीना होगा की ग़लत आरोप पर भी सुनवाई नहीं होगी । इन्हें विद्या के मंदिर में history sheeter बनाया जा रहा है क्युकी ये सवर्ण समाज से आते है जिनके पूर्वज कटे सिर के साथ भी लड़े,जिन्होंने अपने गढ़, किले , महल , ज़मीन और रियासते एक भारत को बनाने में दान कर दी । किसी के पूर्वज सुबह से शाम तक दौड़ते रहे की भारत में शिक्षा की व्यवस्था उच्च श्रेणी की हो ।
आज उन्ही संस्थानों में पूर्वजों की आत्मा अपनी संततियों की यह स्थिति देख कर तड़पती होगी। राष्ट्र निर्माण हेतु किए गए अपने त्याग- तपस्या के निर्णय पर संदेह होता होगा ।
रुचि तिवारी जिस जातीय घृणा का शिकार हुई ये नियम बना कर सम्पूर्ण सवर्ण समाज के लिए प्रायोजित किया गया ।
जाति का सरकारी प्रमाणपत्र बाट कर कुछ को मुफ्त की शिक्षा, नौकरी और कुछ को history sheeter बनाना ।
कैसे पता की अनेक सुविधा पाने के बाद भी ,सक्षम परिवार से आने के बाद भी कोई छात्र कुंठित नहीं होगा । किशोरावस्था में प्रतिभा, योग्यता, सुंदरता से जलन होना स्वाभाविक है , ऐसे में विद्यार्थियों के लिए अलग- अलग नियम बनाना तो घातक होगा ।
राजनेता या जनप्रतिनिधि इस विषय पर समाज का उचित प्रतिनिधित्व नहीं कर पा रहे। सालों - साल तुष्टिकरण के चूरन की आदत हो गई है । राजनेता बनने के लिए समाज का प्रतिनिधीत्व करना आवश्यक होता हैं और समाज सब देख रहा हैं ।
तटस्थता का लबादा ओढ़कर, कर्तव्य से पल्ला झाड़ते रहे है, देशहित की बजाय अपनी सोच को , अपने राजनैतिक हितो को वरीयता देते हुए, देश की अस्मिता को तार तार होते देखते रहते है।
“समर शेष है, नहीं पाप का भागी केवल व्याध
जो तटस्थ हैं, समय लिखेगा उनके भी अपराध”
General Category Commission और General Category Atrocity Act समय की माँग हैं
#GCCommission #GCAtrocityAct
अब तक का इतिहास यही है, उगते हैं कट जाते हैं,
हम जितना होते हैं अक्सर, उससे भी घट जाते हैं,
#SauBaatKiEkBaat कही ‘अश्क’ ने,
अपने-अपने हथियारों की दिशा तो कर ली जाए ठीक,
वरना वार कहीं होता है, लोग कहीं कट जाते हैं।
@yadavtejashwi लोग बदलाव चाहते हैं पर आप लोग भी जनता से जुड़े नीतिगत मुदे नहीं उठाते। जैसे अभी किसान से धान खरीद और समय पर भुगतान, विश्वविद्यालय में अतिथि शिक्षक की सेवा समायोजन, सरकारी योजना जैसे सड़क निर्माण में भूमि अधिग्रहण में किसानों को सही रेट नहीं मिलना, अंचल में रिश्वतखोरी आदि
डिमेंशिया और अल्जाइमर का दुष्प्रभाव जब बढ़ता है तो व्यक्ति मानसिक रूप से विक्षिप्त अवस्था में चला जाता है जहाँ आप सहानुभूतिपूर्वक रोगी के मानसिक स्वास्थ्य लाभ की कामना ही कर सकते है।
प्रदेश की प्रथम महिला मुख्यमंत्री को “लड़की” कहने तथा महिलाओं के प्रति अपनी संकीर्ण, नकारात्मक व दोषपूर्ण सोच का बारम्बार प्रदर्शन करने वाले मुख्यमंत्री को आप क्या कहेंगे?
मुख्यमंत्री जी की इसी मानसिकता के कारण ही प्रतिदिन बिहार की सैंकड़ो बच्चियों, छात्राओं और महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाओं को प्रोत्साहन मिलता है। #Shame #Bihar