हेलो कृति सेनन… ये होता है रक्षाबंधन का एड
समस्या @kritisanon के कपड़ों से नहीं है, जो चाहो पहनो
समस्या हिंदू त्यौहारों को चंद पैसों के लिए बदनाम करने के एजेंडे से थी
भाई बहन के प्यार का एड बिना कुत्ते और फूहड़��ा के भी बनाया जा सकता है
Thanx @amazonIN
सवाल कपड़ों का नहीं, सवाल त्योहारों को नीचा दिखाने की सोच का है. कृति सेनन विज्ञापन विवाद में Giva ने भले ही उस विज्ञापन को हटा दिया हो लेकिन विज्ञापन को लेकर कई सारे सवाल भी पीछे छूट गए हैं. राखी से पहले भाई बहन के त्योहार का मजाक, दीपावली से पहले पर्यावरण और प्रदूषण के नाम पर हल्ला-गुल्ला, होली से पहले पानी बचाओ की रट और सोशल मीडिया कैंपेन, ���ही बात है जो तमाम लोगों को सालती है. मैं लिबरल और सेक्युलर ब्रिगेड से पूछना चाहता हूं कि क्या वो अंतिम संस्कार या मय्यत के कपड़े पहनकर किसी शादी में जाएंगे? इसका सीधा-सीधा जवाब कोई नहीं देता. क्योंकि पता है सच बोलेंगे तो फंसेंगे, इसी लिए 'My Body My Choice' का नारा दिया जाता है. इस सोच में बुराई नहीं है लेकिन अगर ये सोच सिर्फ सनातन धर्म को नीचा दिखाने तक सीमित है तो मुझे इस पर कड़ी आपत्ति है.
#रक्षाबंधन
#RakshaBandhan
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@kritisanon
@KanganaTeam
#आरक्षण पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री @oprajbhar जी ने जो कहा है, उस पर कोई भी समझदार व्यक्ति विवाद कर ही नहीं सकता है। राजभर जी ने कहा-
"बाबास���हब ने आरक्षण की व्यवस्था इसलिए दी थी कि, समाज के वंचितों, दबे-कुचले लोगों को मुख्य धारा में लाया जा सके, लेकिन आज DM, SP, CM, गवर्नर और यहां तक कि, राष्ट्रपति के बच्चे भी आरक्षण का लाभ ले रहे हैं। जो लोग आरक्षण का लाभ लेकर समाज की मुख्य धारा में आ चुके हैं, उन्हें इससे बाहर किया जाना चाहिए"
��ही आरक्षण का सही रास्ता है। आरक्षण न्यूनतम और कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति/समाज के लिए ही होना चाहिए। #ReservationDebate
विवाद ये कतई नहीं है कि महिला क्या पहनें... दिक्कत दोगलेपन से है और हिंदू त्योहारों पर लोगों को उनकी परंपराओं से प्रभावित करने वाले हथकंडों से है।
क्योंकि ऐसा नहीं है कि कृति सेनन ने कोई पहली बार कुछ ऐसा पहना है और विवाद हो गया।
कब क्या पहनना चाहिए इसका एक सलीका होता है। उदाहरण के लिए गुरुद्वारे में जाने से सिर ढंकने की परंपरा है, मंदिर में आप भरे-पूरे कपड़े पहनते हैं। बहुत से मंदिरों मे��� पुरुषों के हॉफपैंट पहनने तक पर रोक है, लेकिन वहां तो कोई कपड़ा पहनने की आजादी का तबला नही बजा रहा है।
इसलिए विक्टिम कार्ड खेलने की जगह लोकतांत्रिक देश में हिंदुओं की आस्था पर कुठाराघात करना बंद करें। हिंदू सहनशील है इसका यह अर्थ नहीं है कि आप बार-बार उसके संयम की परीक्षा लेते रहें।
GIVA ने ये एड हटा दिया है, इस हेतु धन्यवाद।
शिक्षा विभाग की स्थिति समझे /गेस्ट फैकल्टी प्लान समझे -
कथनी-बीजेपी द्वारा विपक्ष 2021 में गेस्ट फैकल्टी का विरोध किया गया ,दो माह पहले शिक्षा मंत्री जी द्वारा सम्पूर्ण रिक्त पदों को नियमित भर्ती से भरने का वादा किया है
करनी-
(1) सरकार बनते ही फर्स्ट ग्रेड भर्ती विज्ञापन =2202 पदों पर जबकि रिक्त पदों की संख्या थी 2024 तक 17500 (11 साल में सबसे कम पदों पर भर्ती जानबूझकर गेस्ट फैकल्टी लागू करने की मंशा से निकाली गई )
(2)सेकंड ग्रेड भर्ती विज्ञापन =2129 पदों पर जबकि रिक्त पदों की संख्या थी 2024 में 25351 (13 साल में सबसे कम पदों पर भर्ती जानबूझकर मंशा गेस्ट फैकल्टी लागू करने की )
(3)अध्यापक भर्ती निकाली = 7759 पदों पर (विशेष शिक्षा जीरो पद ,सामान्य शिक्षा लेवल 2 जीरो पद जबकि रिक्त पद 10 हज़ार थे ) ��तिहास में सबसे कम पदों पर
विशेष- भर्ती कैलेंडर पॉइंट 9 में घोषणा थी शिक्षा विभाग में 10 हज़ार विविध पदों पर मार्च तक भर्ती करेंगे आज दिनांक तक कोई अता पता नहीं
बजट घोषणा 25 हज़ार का कोई अता पता नहीं
शिक्षा विभाग में सरकार ने नियमित स्थाई भर्ती का वादा करके धोखा दिया है
आने वाले चुनाव में वोट की चोट से जवाब जरूर देवे
#हनुमान_किसान
@News18Rajasthan @hemantkumarnews
@BJP4Rajasthan@madanrrathore क्या जनता के हित में काम किया है।
4th grd me मेरिट के अनुसार cousling नहीं करवा के अपनी मर्जी से रैंडमली विभाग आउंटन कर दिया है।