बाबासाहेब के अपमान और संविधान की अवमानना के लिए भाजपा और उनके संगी-साथी समय-समय पर तरह-तरह के कुतर्क देते रहते हैं। इसी कड़ी में संविधान को बदलने या पूरी तरह से ख़त्म करने की साज़िश करनेवाले अपंजीकृत व भूमिगत रहनेवाले इनके विचारवंशी कह रहे हैं कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी ने संविधान लिखा ही नहीं। इनका बस चले तो यह ये भी कह सकते हैं कि संविधान है ही नहीं। दरअसल ऐसे संकीर्ण मानसिकता के लोगों ने संविधान को हमेशा ही नकारा है। यही वो लोग हैं जो बाबासाहेब की मूर्तियों को तोड़ते हैं, ख़ासतौर से बाबासाहेब की मूर्तियों के हाथों को क्योंकि उन हाथों में संविधान की किताब होती है।
सच तो ये है कि एकरंगी-सुरंगजीवी नकारात्मक सोच के लोगों ने संविधान को कभी माना ही नहीं क्योंकि ये संविधान ही ग़ैरबराबरी को दूर करने के लिए समता-समानता की बात करता है। यही संविधान इन प्रभुत्ववादियों के उस वर्चस्व को चुनौती देता है, जिस वर्चस्व की वजह से इन्होंने पाँच हज़ार सालों से शोषित, वंचित, ग़रीब ‘पीडीए समाज’ का लगातार दमन किया है।
आज संविधान ‘पीडीए समाज’ की ढाल भी है और रक्षा कवच भी। संविधान से मिला हुआ ‘आरक्षण’ आज इन परंपरागत शक्तिशाली लोगों को फूटी आँख नहीं सुहाता है। ये वो पुरातनपंथी-रूढ़िवादी-दक़ियानूसी लोग हैं जो परिवर्तन चाहते ही नहीं है, जबकि संविधान सकारात्मक परिवर्तन का एक बेहद ताक़तवर दस्तावेज़ है।
हमने पहले भी कहा है, आज फिर दोहरा रहे हैं : शोषणकारियों के ख़िलाफ़, बाबासाहेब हमें संविधान के रूप में काग़ज़ का एक ऐसा ताक़तवर दस्तावेज़ देकर गये हैं, जो लोहे की तलवार से भी ज़्यादा मजबूत है।
संविधान ही पीडीए के भविष्य का विधान है।
संविधान ही संजीवनी है। इसमें संजीवनी की तरह को देश को अच्छा करने की और अच्छा बनाए रखने की अद्भुत शक्ति है। इसीलिए देश का नया नारा ‘जय जवान! जय किसान!! जय संविधान!!! होना चाहिए।
संविधान को चुनौती देनेवाले पाँचों इंद्रियों को सक्रिय करके सुन लें कि ‘देश संविधान से चलेगा, किसी संघ-विधान या मन-विधान से नहीं।’
संविधान था, संविधान है, संविधान रहेगा!
"मैं आपको धन्यवाद देता हूं कि यूपी में हमारी सरकार बनने जा रही है"
◆ सपा प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव ने कहा
@yadavakhilesh | #AkhileshYadav | Akhilesh Yadav
"इस सरकार में किसी की भी हत्या हो सकती है, राजधानी में थाने के सामने हत्या हो गई, ये तो कानून व्यवस्था है इनकी।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी
यूपी का लखनऊ और मां!
एक मां का लाल सरकारी भ्रष्टाचार की भयावह आग में जिंदा जल गया।
वो मां तड़पती हुई मुख्यमंत्री के सामने आ गई।
कुछ कहना चाहा।
दर्द बयां करना चाहा।
जवाब मिला- भाषण मत दो।
ये मां के सम्मान में भाषण देने वालों का हाल है!
बेटा गंवा चुकी मां की बददुआ खाली नहीं जाती है।
पतन की नियति को कितना भी टालो, वो टाली नहीं जाती है!!
"भारतीय जनता पार्टी संविधान की दुश्मन तो है ही,गरीबों की भी दुश्मन है इसीलिए डीजल, पेट्रोल हर जरूरत की चीज महंगी हो रही है।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष
- श्री अखिलेश यादव जी
चुनाव आयोग द्वारा भाजपा को लाभ पहुंचाने वाले अधिकारी चुनाव प्रक्रिया में तैनात किए जा रहे हैं
PDA वर्ग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ भेदभाव हो रहा है और चुनावी प्रक्रिया से उन्हें दूर रखा जा रहा है
@SanjayAzadSln@gupta_rekha सवाल है कि नुकसान क्यों?किसने कहा नुकसान करने के लिए?उस नुकसान की भरपाई कौन और कैसे करेगा?क्या चुनाव आयोग बंगाल, बिहार,दिल्ली, महाराष्ट्र में दुबारा चुनाव करायेगा या इस दोष के लिए बीच चौराहे पर जनता के सम्मुख फाँसी पर लटक जायेगा?देश और देशवासियों की इस दुर्गति का जिम्मेदार कौन ?
जब मैंने संसद में कहा “हमारे पूर्वांचल के भाइयों का वोट क्यों कट रहा है?”
नड्डा साहेब ने कहा “सिर्फ़ बांग्लादेशियों का वोट कट रहा है”
बांग्लादेश के पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी जी विदेश मंत्री जयशंकर मुख्यमंत्री @gupta_rekha और बांग्लादेश के EC संधू सबका नाम कट गया।
बिहार के जमुई में एक नाबालिग छात्रा और उसके मित्र के साथ छेड़खानी एवं अभद्र व्यवहार की घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है। आरोपियों द्वारा इस अमानवीय कृत्य का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करना बिहार के उस जंगलराज का उदाहरण है, जहां अपराधी बेखौफ हैं और कानून का कोई भय दिखाई नहीं देता।
@officecmbihar आरोपियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति ऐसी घटना को अंजाम देने के बारे में सोचने से पहले कानून के डर को महसूस करे। साथ ही, पीड़ित नाबालिगों की सुरक्षा, गरिमा और निजता सुनिश्चित की जाए।
बिहार के जमुई में एक बेटी के साथ जो हैवानियत सामने आई है, उस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सामने आकर माफ़ी माँगनी चाहिए और जवाबदेही तय करनी चाहिए।
अभी पिछले ही साल की तो बात है - बिहार में प्रधानमंत्री जी के भाषणों में बार-बार ‘जंगलराज’ का जिक्र होता था। आज बिहार में उनकी ही NDA सरकार है और एक बेटी सड़क पर हाथ जोड़कर अपनी सुरक्षा की गुहार लगा रही है।
जब ‘जंगलराज’ पर वोट माँगा था, तो आज बेटियों की सुरक्षा पर जवाब भी देना होगा। जवाबदेही केवल राज्य सरकार की नहीं, प्रधानमंत्री से भी सवाल पूछा जाएगा।
इस देश केे तमाम यूनिवर्सिटी कैंपस में SC ST OBC प्रोफेसर की संख्या नगण्य है।
वजह? कैंपस में बैठे द्रोणाचार्य, हम जैसे एकलव्यों का अंगूठा काटने में लगे हुए है!
2019 में जो मांग उठा रही थी आज भी वही मांग उठानी पड़ रही है, मगर ये मनुवादी सुधरने का नाम नहीं लेते!
मोदी सरकार अपने विभागों में SC ST OBC समाज के अफसरों को देखना नहीं चाहते, हमें संस्थाओं से लुप्त किया जा रहा है!
बिहार के जमुई में बीच सड़क पर एक लड़की के साथ बलात्sकार की कोशिश की गई. कहाँ हैं मोदीजी? बेटियाँ बच नहीं पा रही हैं. आप बेटियों को बचा नहीं पा रहे हैं या उन्हें बचाना ही नहीं चाहते? खैर! बेटियों से माफ़ी मंगवाने वालों से बेटियों का सम्मान बचाने की उम्मीद करना मूर्खता ही है
@narendramodi@AmitShah
बिहार में रात के 12 बजे भी कोई व्यक्ति खाना खाकर अपने गांव देख आए और यदि किसी ने उसे छू भी दिया तो सम्राट चौधरी सुबह अपना इस्तीफा दे देगा !
- जमुई घटना के बाद CM सम्राट चौधरी का पुराना बयान वायरल हो रहा है, इसपर आप क्या कहेंगे ?
जमुई की हैवानियत के बाद अभी तक सम्राट चौधरी ने इस्तीफ़ा क्यों नहीं दिया ?
जब डिप्टी CM थे तब तो बड़ी डींगें हांकते थे कि…
“बिहार में रात के 12 बजे भी अगर किसी ने आपको छू दिया तो सम्राट चौधरी सुबह इस्तीफा दे देगा”
शर्म बेच खायी है इन लोगों ने !!!