क्या आपको मालूम है कि दिल्ली के अस्पतालों में आपको दवा क्यों नही मिलती?
क्यूँकि प्रभु श्री राम का चंदा चोरी करने वाली “चंदा चोर पार्टी” ने आपकी 300 करोड़ की दवा चोरी कर ली है?
रेखा गुप्ता सरकार ने 650 करोड़ का स्वास्थ्य घोटाला कर लिया लेकिन “गोदी मीडिया” कोमा में है।
इथेनॉल बहस में कार कंपनियों की कोई आवाज़ नहीं है। उन्हें सामने आकर अपना पक्ष रखना चाहिए। उनके सर्विस स्टेशन में कारें आती होंगी। बाइक आती होगी। कुछ तो फीडबैक होगा। उन्हें पता होगा कि मंत्री सही बोल रहे हैं या नहीं। क्या उन्हें भी डर लग रहा है? इतनी बड़ी बड़ी कार कंपनियाँ हैं और चूँ तक नहीं ? डर इस देश का बुनियादी चरित्र हो गया है।
नितिन गडकरी जी, आपकी इथेनॉल नीति आम जनता की जेब पर भारी पड़ रही है! 3.5 साल पुरानी Skoda Slavia का फ्यूल पंप इस नए ईंधन के कारण खराब हो गया। सर्विस स्टेशन पर रोज़ ऐसे 6-7 मामले आ रहे हैं। क्या बिना किसी रिसर्च के आम कार मालिकों को 'गिनी पिग' बनाकर यह नीति थोप दी गई? इस आर्थिक नुकसान का ज़िम्मेदार कौन है @nitin_gadkari जी??
“इथेनॉल का माइलेज 30 फ़ीसदी कम होता है”
तेल कंपनी BPCL के बड़े अधिकारी अनुराग सरावगी का ये बयान ANI हैंडल से डिलीट करा दिया गया है!
किस लॉबी ने डिलीट कराया @nitin_gadkari जी?
(Video posted by @AjitSinghRathi)
सुप्रीम कोर्ट के बहस में सरकार के तरफ से कहा गया है कि Ethanol Blending बस एक एक्सपेरिमेंट है उससे गाड़ी खराब होती है कि नहीं वो सरकार नहीं मालूम और न जिम्मेदारी है।
जैसे जबरदस्ती Covid 19 वैक्सीन लगवाकर सरकार ने बोल दिया कि सारे नागरिकों ने अपने मर्जी से लगवाया,
जैसे PM Cares Fund के लिए पहले लोगों से चंदा इकट्ठा करवा कर बोल दिया गया कि ये एक प्राइवेट चंदा है इसके RTI का कोई काम नहीं।
गजब का मजाक चल रहा है इस देश में, किसी दिन आपके शरीर पर भी सरकार एक्सपेरिमेंट करवा देगी और बाद में बोल देगी कोर्ट में की आपने अपनी मर्जी से करवाया है।
दिल्ली में 700 करोड़ का घोटाला हुआ है मेडिकल सेक्टर में, बड़ी अधिकारी गिरफ्तार हुई हैं लेकिन मीडिया में ऐसे ख़ामोशी है जैसे कुछ हुआ ही नहीं।
2014 से अब तक यही बदला है।
चंपत राय की एक अलग दुनिया थी। जैसे कोई राजा टाइप। उनकी अपनी सेना थी जिसे निजी सेक्यूरिटी गार्ड्स कहते हैं। एक करोड़ रुपया महीना और सालाना 12 करोड़ निजी सेक्यूरिटी गार्ड्स को दिए जा रहे थे वो भी नंबर एक से और अकाउंट से। ये सेक्युरिटी गार्ड्स लूट के मॉल के रूट पर तैनात रहते थे। ये चढ़ावा चोरी का मामला आपको जितना सरल लगता है वो बेहद पेचीदा और साजिशों से भरा हुआ है। बहुत ऑर्गेनाइज्ड क्रिमिनल गैंग की तरह इसे ऑपरेट किया जा रहा था।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में अब 400 निजी सुरक्षाकर्मी रडार पर
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच का दायरा अब और बड़ा होता दिख रहा है। सूत्रों के मुताबिक मंदिर परिसर में तैनात करीब 400 निजी सुरक्षाकर्मी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। उनकी ड्यूटी, रोस्टर, CCTV फुटेज, एंट्री-एग्जिट रिकॉर्ड और संदिग्ध गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि केंद्र और राज्य सरकार की भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद मंदिर परिसर में इतनी बड़ी संख्या में निजी गार्ड क्यों लगाए गए थे?
सूत्रों का दावा है कि जिस निजी सुरक्षा कंपनी को यह जिम्मेदारी दी गई थी, वह RSS से जुड़े बिहार के एक पदाधिकारी से संबंधित बताई जाती है, जो पूर्व सांसद भी रह चुके हैं। इसी कंपनी पर ट्रस्ट हर महीने करीब 1 करोड़ रुपये खर्च करता था। यानी सालाना लगभग 12 करोड़ रुपये निजी सुरक्षा पर खर्च हो रहे थे।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि चढ़ावे के आवागमन के दौरान नियमों का पालन हुआ या कुछ लोगों को बिना जांच के आने-जाने की छूट दी गई। सवाल यह भी है कि अगर दान-पात्र, गिनती कक्ष और चढ़ावा रूट पर निजी सुरक्षा तैनात थी, तो चोरी और गड़बड़ी कैसे होती रही?
अब जांच सिर्फ गिनती कक्ष तक सीमित नहीं है। बैंक नियमों के उल्लंघन, ट्रस्ट की निगरानी, निजी सुरक्षाकर्मियों की भूमिका और करोड़ों के सुरक्षा खर्च तक सवालों के घेरे में हैं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में हर दिन नया खुलासा हो रहा है, और जांच अब छोटे कर्मचारियों से आगे बढ़कर पूरे सुरक्षा और प्रबंधन सिस्टम की तरफ जाती दिख रही है।
#Breakingnews | @ShriRamTeerth@Uppolice@LucknowDivision@Igrangelucknow@ayodhya_police@dir_ed@CBIHeadquarters
'चढ़ावा चोरी' को पूरा गैंग ऑपरेट कर रहा था।
मैंने भारत समाचार में एक खबर पढ़ी 👇
⦿ चंपत राय के लिए एक सिक्योरिटी एजेंसी लगी थी, जिसमें 400 लोग काम करते थे
⦿ उस सिक्योरिटी एजेंसी को साल के 12 करोड़ रुपए दिए जाते थे
⦿ ये सिक्योरिटी एजेंसी RSS से जुड़े पूर्व सांसद की है, जो बिहार के हैं
⦿ ये सिक्योरिटी गार्ड्स लूट के माल के रूट पर तैनात रहते थे
ऐसे में सवाल है कि जब केंद्र और राज्य का सुरक्षाबल तैनात है तो ये 400 सुरक्षाकर्मी क्या कर रहे थे?
: AICC-सोशल मीडिया व डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की चेयरपर्सन @SupriyaShrinate जी
📍 दिल्ली
रेखा गुप्ता सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग में 650 करोड़ रुपए का घोटाला किया गया।
लेकिन झूठे केस में @AamAadmiParty के नेताओं को फाँसी पर चढ़ाने की बात करने वाला हज़ारों डिबेट करने वाला, “गोदी मीडिया BJP के इस महाघोटाले पर ग़ज़नी मोड में है”
#जागो_मोदी_के_गोदी_जागो
बड़ी खबर 💥
अरणाचल प्रदेश के आदिवासी समुदाय ने बताया है कि चीन बीते 6 साल से अपर सुबनसिरी जिले की सीमावर्ती गांवों में जमीनें हड़प रहा है.
चीन ने पशु चराने, शिकार करने और खेती करने वाली पुश्तैनी जमीन के बड़े हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया है.
चीन ने भारत की सीमा के अंंदर सड़कें और मिलिट्री कैंप बना लिए हैं.
ये सब बातें आदिवासी समुदाय ने अपर सुबनसिरी के डिप्टी कमिश्नर को एक ज्ञापन में बताई हैं.
ज्ञापन में बताया गया कि असाफिला क्षेत्र के ओयिंग, पनियार (चुजार्टा क्षेत्र), मारपान (मारनाफे), पोट्रांग (झील) और टिडिंगटैंग (TG) जैसे इलाके धीरे-धीरे चीनी घुसपैठ की चपेट में आ गए हैं.
मोदी सरकार को इसपर एक्शन लेना चाहिए, ऐसा ना हो कि बहुत देर हो जाए.
चंदा चोर पार्टी के प्रवक्ता TV चैनल पर बार-बार पूछ रहे हैं “अगर चंदा चोरी के सबूत थे तो शिकायत क्यों नहीं की?”
चश्मा लगाकर ध्यान से देखो अंधभक्तों मैंने वर्ष 2021 में लिखित शिकायत अयोध्या कोतवाली में दी थी।
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इस तस्वीर में PM के साथ रामजन्मभूमि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविन्द देव गिरी हैं।
कोष की सारी जिम्मेदारी इनकी है फिर चढ़ावा चोरी के पूरे मामले से इनका नाम क्यों गायब है?