जितने भी ऑनलाइन एग्जाम होते हैं यानी CBT (Computer Based Test), उनमें पेपर लीक होना लगभग नामुमकिन है।
कैसे होगा? पेपर तो exam time पर ही system में land होता है।
CBT में पेपर लीक नहीं, बल्कि cheating होती है।
System का remote access कराकर बाहर बैठे solver gang से live paper solve कराया जाता है। आज maximum CBT exams इसी बीमारी का शिकार हैं।
आज लगभग सब कुछ outsourcing और private companies के भरोसे चल रहा है। ज़रूरत है कि सरकार का अपना exam infrastructure हो या फिर सिर्फ़ उन्हीं credible agencies like TCS से exam कराए जाएँ जिनका track record मजबूत हो।
साथ ही एक Centre Affiliation Board होना चाहिए जो पूरे देश के CBT centres का audit करे, standards तय करे और उनकी accountability सुनिश्चित करे।
Paper leak और CBT cheating दोनों अलग-अलग समस्याएँ हैं।
मुझे लग रहा है मीडिया ने गलत बंदा छेड़ दिया है,
अगर ये लड़ाई थोड़े दिन और चली तो, मीडिया में बहुत जल्द ही बदलाव देखने को मिलेगा।
अब गर्दा उड़ेगा भइया.....
स्कूल प्रिंसिपल की ये हरकत, बर्दाश्त से बाहर है....
पैरेंट्स से इस तरह से ये बात कर रही हैं तो बच्चों से कैसे बात करती होंगी, सरकार इसकी जांच करे
खासकर कम उम्र के बच्चों के केयर और एजुकेशन की जिम्मेदारी इन्हें कैसे दी जा सकती है?
प्राइवेट स्कूल से ही बहुत महंगे दाम पर किताब-कॉपी खरीदने होंगे, इस पर भी सरकार को नियम बनाना होगा
लेकिन ये तरीका कहीं से acceptable नहीं है...
@myogiadityanath@dmhardoi
मुख्यमंत्री @NitishKumar जी- आपने पटना की बड़ी कुर्सी छोड़ने से पहले, दिल्ली की कुर्सी हासिल कर ली है, आपको बहुत बधाई!!
लेकिन बिहार के ये नौजवान अभी भी धूप में बैठे हैं, बस एक सवाल के जवाब के लिए... सरकार, अपने वादे कब पूरे करेगी? बहाली कब निकालेगी?
नीतीश जी, आपने तो खुद पिछले साल वादा किया था, कहा था- टीचर बहाली के लिए BPSC TRE 4.0 का आयोजन जल्द किया जाएगा
BPSC कैलेंडर में अगर ये एग्जाम 2024 में हो जाना था, तो कम से कम अप्रैल 2026 में तो डेट फाइनल करा दीजिए... और लाखों लोगों की दुआ के साथ दिल्ली जाइए....
Sonam Wangchuk
एक वक्त तक इनोवेटर थे, education reformer थे, environmentalist थे...
पूरी जिंदगी पढ़ने-पढ़ाने पर ही खर्च की, सच्चे देशप्रेमी की भूमिका निभाई, लेकिन फिर कुछ मांग लिया.. statehood... उतना ही statehood जितना बिहार-यूपी के पास है
सरकार को गुस्सा आ गया, देशद्रोही करार दे दिए गए , 6 महीने से जेल में हैं
लेकिन अब सरकार का गुस्सा ठंडा हो गया तो गृह मंत्रालय की तरफ़ से nsa हटाने की बात करके आजाद हो रहे...
ये व्यवस्था कब तक चलेगी? 6 महीने जेल में रखने से जो समय की बर्बादी हुई, जो पैसे लगे, इमेज खराब करने का जो प्रयास हुआ, उसकी भरपाई कौन करेगा?
और दुनियाभर में नाम कमाने वालों के साथ अगर ऐसे सलूक होते रहेंगे तो फिर तो देश में कोई social welfare की सोचेगा तक नहीं ।
उस वक्त तो मीडिया भी सोनम के ख़िलाफ़ सरकार का ही एजेंडा चला रही थी
क्या एक सच्चे देशप्रेमी से माफी नहीं मांगनी चाहिए सबको?
Noida DM मेधा रूपम डिजास्टर मैनेजमेंट की भी हेड हैं।
इंजीनियरिंग की मौत के मामले में CEO नपे,मगर क्या DM को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बेटी होने की वजह से बचाया जा रहा है? ये 170 पन्नों के मैनेजमेंट प्लान का जनता क्या करे?
माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी,
संज्ञान लेने के लिए आपका हृदय से धन्यवाद।
चूँकि MRP निर्धारण की नीति में अनेक खामियाँ हैं, इसलिए उसके सुधार में समय लग सकता है, या संभव है कि वह शीघ्र सुधारित न हो सके।
मैं आपका ध्यान इस तथ्य की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ कि कैंसर की अधिकांश दवाइयाँ टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल (TMH), मुंबई की मेडिसिन डिस्पेंसरी में बहुत ही कम मूल्य पर उपलब्ध रहती हैं।
मेरी जानकारी के अनुसार, वहाँ दवाइयाँ मात्र 5% मार्जिन पर मरीजों को उपलब्ध कराई जाती हैं।
आपको यह जानकर अत्यंत आश्चर्य होगा कि हमारे राज्य के कई मरीज केवल दवा खरीदने के लिए TMH मुंबई तक जाते हैं।
चूँकि TMH मुंबई न केवल भारत, बल्कि विश्व के श्रेष्ठ कैंसर उपचार केन्द्रों में से एक है, इसलिए वहाँ उपलब्ध दवाइयों की गुणवत्ता उत्कृष्ट होती है, और किसी भी चिकित्सक या अस्पताल द्वारा उन दवाओं की गुणवत्ता पर कोई प्रश्न नहीं उठाया जा सकता।
माननीय मुख्यमंत्री महोदय, यदि राज्य सरकार इच्छुक हो, तो TMH मुंबई से समन्वय स्थापित कर उनकी मेडिसिन डिस्पेंसरी की एक शाखा राँची में खोली जा सकती है, तथा व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को इसके बारे में जागरूक किया जा सकता है।
ऐसी सुविधा देश के बहुत कम राज्यों में उपलब्ध है, इसलिए यह कदम झारखंड के लिए अत्यंत अनूठा और लाभकारी सिद्ध होगा।
राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ एवं किफ़ायती बनाने के लिए ऐसी कई पहलें की जा सकती हैं।
इस दिशा में किसी भी प्रकार के सहयोग हेतु मैं सदैव उपलब्ध हूँ।
सादर