@RJDforIndia भाजपाइयों के नाराज फूफा।जिस पार्टी की राजनीति कभी परिवार से शुरू होकर परिवार पर खत्म होती थी, उसे लोकतंत्र में जनता के सवालों से इतनी बेचैनी क्यों
इतिहास की किताब खोलिए जनाब—
जिसे आप आज नाकामी बता रहे हैं, जनता उसके पहले और बाद का फर्क अपनी आँखों से देख चुकी है। 🔥
@RJDforIndia बिहार की जनता की ��कलीफ सच में इतनी बड़ी है, या आपको सिर्फ उसकी तस्वीर में अपनी राजनीति नजर आती है?
जिन्होंने अपने शासन में बिहार को अपराध, अराजकता और परिवारवाद की पहचान दी, वे आज प्रशासन को “रील” का ज्ञान दे रहे हैं!
@RJDforIndia@yadavtejashwi बाढ़ पर राजनीति करने से पहले अपना इतिहास देखिए—
जिन्होंने दशकों तक बिह���र को जाति और परिवारवाद की राजनीति में उलझाए रखा, आज वही विकास और आपदा प्रबंधन का ज्ञान बाँट रहे हैं!
@RJDforIndia@yadavtejashwi प्रधानमंत्री किसी एक राज्य के नहीं, पूरे देश के होते हैं—बिहार भी उतना ही अपना है, जितना गुजरात।
आपदा में राजनीति नहीं, राहत चाहिए।
जिस सरकार में RJD सत्ता में थी, उसके जंगलराज को बिहार आज तक भूला नहीं है।
@RJDforIndia PR फैक्ट्री की बात करने वालों को पहले अपने पुराने शासन की फाइलें पलट लेनी चाहिए। 😏
जनता सब याद रखती है—किसके राज में बिहार की पहचान जंगलराज, अपहरण, अपराध और बदहाल व्यवस्था से जोड़ी गई थी।
@yadavtejashwi लालू जी को BJP से हाथ मिलाने की जरूरत ही नहीं थी—जनता ने उन्हें इतना मौका दिया था कि बिहार को विकास की नई ऊंचाई पर ले जा सकते थे।
लेकिन जब राजनीति में परिवारवाद, जातीय समीकरण और भ्रष्टाचार के आरोप विकास पर भारी पड़ जाएँ, तो फिर इतिहास सवाल पूछता ही है।
@RJDforIndia@yadavtejashwi आज बाढ़ पर केंद्र से पैकेज की गुहार लग रही है, लेकिन सवाल है—जब आपके पिता जी सत्ता में थे और बिहार बाढ़ से जूझता था, तब दिल्ली का दरवाज़ा क्यों नहीं खटखटाया गया?
जब लालू जी के दौर में बा���़ आती थी तो सवाल सिर्फ इंसानों का नहीं था,
आज बिहार सरकार बेजुबानों के लिए भी अलग इंतज़ाम कर रही है—यही फर्क है पुराने राज और नए सुशासन में। 🐄🙏सम्राट है तो संभव है/#BiharFloods #SevaHiSangathan #AnimalWelfare #HumanityFirst
बिहार में बाढ़ संकट के बीच खुद ज़मीन पर उतरकर प���ड़ितों का दर्द बांटते, भोजन परोसते और राहत सामग्री पहुंचाते हमारे मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी। यही असली जनसेवा है!
@RJDforIndia बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा पर राजनीति करने के बजाय सरकार के राहत और बचाव कार्यों को देखना चाहिए। मुख्यमंत्री जी लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और प्रशासन को प्रभावित लोगों तक हरसंभव सहायता पहुँचाने के निर्देश दिए जा रहे हैं।