अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन का CJP को लेकर बड़ा आरोप, भारतीय युवाओं से की ख��स अपील। उन्होंने कहा, “अमेरिका में कॉकरोच जनता पार्टी को डोनर्स से फंडिंग मिल रही है। यह चुप रहने का समय नहीं है। भारत के सभी युवा देशभक्तों से अपील है कि वे आगे आएं और इस संगठन की विनाशकारी सोच के खिल��फ शांतिपूर्ण विरोध करें।”
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”मैं देश को नेपाल और बांग्लादेश नहीं बनने दूंगा!”
धारा 370 से आज़ाद हुए एक कश्मीरी ने जैसे ही ये कहा, कांग्रेसी बौखला गए और इस युवक को बेरहमी से पीटने लगे।
राहुल गांधी, प्रियंका गांधी जवाब दें... क्या कांग्रेस सत्ता की लालच में इतनी अंधी हो चुकी है कि देश को हिंसा और अराजकता की आग में झोंक देना चाहती है?
क्या कांग्रेस भारत को नेपाल और बांग्लादेश बनाना चाहती है?
''एलन मस्क आपका पूरा सम्मान है, लेकिन राहुल गांधी जैसे लोगों के करीब जाने से स्टारलिंक को लाइसेंस मिलने की प्रक्रिया तेज नहीं होगी''
स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट विवाद पर अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन की एलन मस्क को सलाह, X पर पोस्ट कर कहा - ''एलन मस्क आपका पूरा सम्मान है, लेकिन राहुल गांधी जैसे लोगों के करीब जाने से स्टारलिंक को लाइसेंस मिलने की प्रक्रिया तेज नहीं होगी, बल्कि इसमें और देरी हो सकती है। दुनियाभर की कंपनियां भारत में सफलतापूर्वक कारोबार कर रही हैं। अगर आप लाइसेंस चाहते हैं, तो राहुल गांधी से नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात कीजिए।''
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"हम जेल में थे, हमारे माँ बाप खत्म हो गए, दो भाई खत्म हो गए, उनके दाहसंस्कार के लिए भी नहीं निकलने दिया! जेल में हमको मारते पीटते थे! आज भी ���म ठीक से चल नहीं पाते!"
-विष्णु तिवारी
बता दें कि व���ष्णु तिवारी को 20 साल तक जेल में फ़र्ज़ी SC/ST एक्ट लगाकर रखा गया!
और इनको 20 साल बाद, बाइज़्ज़त बरी होने के बाद भी आजतक कोई मुआवजा नहीं मिला!
किसी इंसान की जिंदगी खत्म हो गयी, लेकिन सरकार ने एक पैसा नहीं दिया! जबकि करोड़ों rupye SC/ST एक्ट में दिये जाते हैं औऱ फ़र्ज़ी केस साबित होने के बाद भी वसूले नहीं जाते!
धन्यवाद इस मीडिया को विष्णु तिवारी की आवाज़ जनता तक पहुंचाने के लिए!
IITs में बच्चों की मौत पर जाति की रोटी सेंकना बंद करो। सरकारी आंकड़े खुद चिल्ला रहे हैं कि मरने वालों में आधे जनरल हैं, फिर भी हर लाश पर SC/ST का ठप्पा लगाकर कैंपस को बदनाम करना कौन सी इंसानियत है?
Stop harassing students as well as teachers and deal with the problem.
#IIT_Bombay
IIT ��ॉम्बे की टॉपर प्रिया मिश्रा का बयान चर्चा में है।
तीसरे साल की छात्रा प्रिया मिश्रा ने कहा —
“छात्र के परिवार के लिए दुख है। लेकिन सूर्यनारायण सर को सजा क्यों मिल रही है? अगर नकल नहीं होती, तो सर कोई कार्रवाई नहीं करते।
30-40 पर्सेंटाइल लेकर IIT में आ जाते हो, और फिर परीक्षा में मोबाइल से नकल करना चाहते हो क्योंकि दबाव नहीं झेल सकते। मैं 90 प्रतिशत ला सकती हूँ, लेकिन मेरे पास आईफोन खरीदने के पैसे न��ीं हैं।
विशेषाधिकार मुझे मिलना चाहिए, ऐसे बच्चों को नहीं।
केस उनके माता-पिता पर होना चाहिए। केस उस सिस्टम पर होना चाहिए जिसने एक कमजोर और अनपढ़ बच्चे को इतने बड़े संस्थान में भेज दिया, जहाँ दिमाग, IQ और दबाव झेलने की हिम्मत चाहिए।
अगर दबाव नहीं झेल सकते तो घर बैठो। सीट बर्बाद मत करो। सूर्यनारायण सर का इस्तीफा इस देश के हर ��मानदार शिक्षक का अंत है, और अब नकल शर्मनाक काम भी नहीं रहेगी।”
रचना गुप्ता 8 साल से लगातार Niva Bupa का प्रीमियम भर रही हैं,
अभी सर्जरी हुई तो कंपनी ने क्लेम रिजेक्ट कर दिया, खुद के पैसे से सर्जरी करवानी पड़ी।
सर्जरी दो बार इन्हीं की वजह से टली थी।
पहला कैशलेस क्लेम रिजेक्ट हुआ तो रीइम्बर्समेंट डाला,
वीडियो वेरिफिकेशन हुआ, होम वेरिफिकेशन हुआ, मेडिकल टीम वेरिफिकेशन भी हुआ,
जो डॉक्यूमे��ट्स पहले दे चुकी थीं वही दोबारा मांगे गए,
हर सबमिशन के बाद 10 से 15 दिन का टाइम मांगा गया,
रचना ने हर स्टेज पर कोऑपरेट किया सब दिया इंतज़ार किया,
फिर रिजेक्शन आया कि पेमेंट का प्रूफ सबमिट ही नहीं किया,
जबकि वो प्रूफ पहले ही जमा हो चुका था,
रेफरेंस आईडी है रिजेक्शन मेल है पूरा मेल ट्रेल है,
फिर मेल आया कि पेमेंट डॉक्यूमेंट्स मेल में दिए ईमेल आईडी पर दोबारा भेजो,
वो ईमेल आईडी खुल ही नहीं रही थी,
रचना ने उसी मेल पर बताया और सारे डॉक्यूमेंट्स उसी थ्रेड में फिर भेज दिए,
न कोई एक्नॉलेजमेंट आया न कोई जवाब,
चार दिन बाद वही मेल दोबारा आ गया, वही इंस्ट्रक्शन, वही खुलने वाली नहीं आईडी,
रचना सोशल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट हैं हर मेल हर डॉक्यूमेंट संभालकर रखा है,
अब वो एस्केलेशन चैनल्स और लीगल एक्शन तक जाने की बात कह रही हैं।
8 साल प्रीमियम भरो, सर्जरी खुद करवाओ, फिर क्लेम के लिए मेल मेल खेलो,
अगर क्लेम कर���ा इतना मुश्किल है तो प्रीमियम आखिर किस चीज़ का भरा जा रहा है।
तुकाराम मुंढे बोले-अस्पताल में ₹11 के प्रोडक्ट की कीमत ₹325: ₹6.75 की सिरिंज पर MRP ₹57.20; मार्जिन पर सवाल उठाए
https://t.co/nKLR941YBM
#Maharashtra#FDA#TukaramMundhe#HindiNews
गौरव पिछले 7/8 साल से Policybazaar के ज़रिए ली गई Niva Bupa पॉलिसी का प्रीमियम भर रहे हैं।
पिछले साल उन्हें पैनक्रियाटाइटिस डिटेक्ट हुआ।
एलोपैथिक की बजाय आयुर्वेदिक इलाज चुना, उत्तराखंड के रुद्रापुर में 21 दिन एडमिट रहे।
डिस्चार्ज से पहले ही कंपनी को कॉल करके बता दिया था, Policy Bazar केयर मैनेजर से मांगा तो 5 दिन तक कोई जवाब नहीं आया।
सारे डॉक्यूमेंट्स दिए
इन्व��स्टिगेशन रिपोर्ट्स, डिस्चार्ज समरी, बिल्स भी टाइम पे भेजे, क्लेम रजिस्टर हुआ, वेरिफिकेशन टीम घर भी आई।
फिर भी 30 से 32 दिन बाद क्लेम रिजेक्ट कर दिया गया।
रीजन दिया गया कि जस्टिफाई नहीं कर पाए हॉस्पिटल क्यों नहीं गए।
जबकि पॉलिसी में साफ लिखा है, 24 घंटे एडमिट होने पर आयुष ट्रीटमेंट (आयुर्वेदिक/यूनानी/होम्योपैथिक/नेचुरोपैथी) कवर है।
बार बार वही डॉक्यूमेंट्स मांगे गए, 20+ मेल किए गए, ग्रीवेंस पोर्टल पे 4 बार क्लेम र���कंसीडर डाला गया, अब बीमा लोकपाल में कंप्लेंट है।
2 लाख का खर्चा, हर महीने 19 हज़ार की मेडिसिन और महीनों से सिर्फ मेंटल हैरासमेंट मिल रहा है।
Policybazaar के एजेंट खुद कहते हैं हम सिर्फ दलाल हैं, क्लेम अप्रूवल से हमें मतलब नहीं।
8 साल का भरोसा, एक जेन्युइन क्लेम के लिए इतनी हैरासमेंटयही है।
Niva Bupa और Policybazaar का असली चेहरा।
मैं दो बार और भी इनके लिए आवाज़ उठा चुका हूं, कंपनी वाले मैसेज कर देते हैं कि काम हो ज���एगा लेकिन अभी तक कोई काम नहीं हुआ।
कल परसों एक हिंदू परिवार ने क़ुतुब मीनार देखने के लिए गया टिकट खरीदी और लाइन में लग अंदर घुसने की शुरुआत कर दी |
लेकिन गेट पर खड़े टिकट चेक करने वाले व्यक्ति ने परिवार को सिर्फ इसल���ए नहीं घुसने दिया क्योंकि बच्चों ने राधा कृष्ण की ड्रेस पहन रखी थी | 😡😡
अब हिंदुओं के देश में ही हिंदुओं के बच्चों को सरकारी धरोहरों को देखने के लिए यह भी ध्यान रखना पड़ेगा कि बच्चों ने सनातन संस्कृति वाली ड्रेस तो नहीं पहन रखी |
मतलब यह एक नए तरह के जिहाद की शुरुआत है क्योंकि जिन बच्चों को अंदर नहीं घुसने दिया उन बच्चों के दिमाग में यही घुसेगा कि हमको धार्मिक विचारों से अलग रहना है | 😡😡
हिं���ुओं यह तो पता नहीं कि किस विभाग तक इस कांड को पहुंचाना है पर इतना जरूर पता है कि सोशल मीडिया पर यह कांड वायरल हो गया तो आगे से किसी की हैसियत नहीं होगी हमारे ही देश के हमारे बच्चों को सनातन ड्रेस पहन कर सरकारी जगहों पर घुसने से रोकने की |
भारत के दो अब्दुल सऊदी अरब से हज करके भारत के एयरपोर्ट पर उतरे
वहां उन्होंने पूरा गन्ध मचा दिया एयरपोर्ट को गन्दा किया और जाने लगे
एक लड़की यह देखकर रुक नहीं सकी तुरंत मोबाइल कैमरा निकाला और बोली कि यह गंदगी जो अपने भारत में किया है क्या यही गंदगी आप सऊदी अरब या दुबई की एयरपोर्ट पर कर सकते हो ??
अब्दुल के मुंह से आवाज नहीं निकाली और अब्दुल चले गए
यह अब्दुल लोग भारत को अपना देश मानते ही नहीं है इसीलिए तो यहां गन्ध मचाते हैं और सऊदी अरब दुबई को साफ रखते है
और इनको मालूम है कि यह गंदगी अगर सऊदी अरब में करेंगे तो इनके पिछवाड़े सरिया घुसेड दिया जाएगा
फिर यह कहेंगे सरिया तो बड़ा खतरनाक है मुझे सरिया नहीं च��हिए
मरवा दूंगी तुझे जान से..SSP...CID...DIG जिसे बुलाएगा बुला ले..गांव के bhanगी हो तुम सब जूता साफ करवाऊंगी..!
Teri Ma ka Bharosa.. गरीब की औलाद 2 रोटी नहीं है तेरे पास..बहन के La&-डे
न���एडा की एक सोसाइटी में देर शाम एक गालीबाज़,ब��तमीज, धूर्त, रईस जादी और घटिया सोंच रखने वाली महिला ने खूब उत्पात मचाया..!
सोसाइटी के सिक्योरिटी गार्ड को भद्दी भद्दी गालियां तो दी हीं साथ ही उसकी गरीबी उसकी लाचारी पर भी भद्दे कमेंट किये..!
मामला सिर्फ इतना सा था -
महिला ने कुछ सामान ऑर्डर किया था..डिलीवरी बॉय की सोसाइटी में एंट्री कराने के पहले उसे रोककर सामान्य सी जानकारी मांग ली थी..!
सिक्योरिटी गार्ड अपनी ड्यूटी कर रहा था..सुरक्षा के लिहाज से उसने डिलीवरी बॉय से पूछताछ कर ली तो क्या गुनाह कर दिया..!
आप ही बताइए...?
अभिजीत दिपके ने एक पीआर स्टंट के लिए लातूर के एक स्कूल का दौरा किया, लेकिन वहाँ बहुत कम छात्र मौजूद थे, इसलिए कैमरों के सामने पोज़ देने के लिए ��ूसरे स्कूल से बच्चों को बुलाया गया।
एक स्थानीय ग्रामीण ने सबके सामने इस धोखाधड़ी का पर्दाफ़ाश कर दिया।
चिदंबरम ‘दिमागी नक्सल’ नहीं बल्कि पक्के नक्सल हैं।
एक जाँच होनी चाहिए कि क्या वह गृह मंत्री के तौर पर जानबूझकर नक्सलवाद के खिलाफ एक्शन लेने में असफल रहे।
: हिमंत बिस्वा सरमा, मुख्यमंत्री, असम
देश आज़ादी का जश्न मना रहा है और उधर 14 दिन से भूखे प्यासे बैठे व्यक्ति के साथ ये हो रहा है झारखंड में।
ये है आज़ादी?
“हम लेकर रहेंगे आज़ादी” का नारा लगाने वाले कहीं नहीं दिखेंगे अब इसपर छाती पीटते।
कॉकरोच अभी BJP शासित राज्य घूमने में बिजी हैं।
गजबे है
“हमारे सामने खड़ा हो जाएँ… अमित शाह और नरेंद्र मोदी में हिम्मत नहीं है कि मेरे सामने टिक सकें।”
जब अमित शाह संसद में जवाब देने खड़े होंगे,तब ये इटली पुत्र वहाँ से भाग जाएगा।
रहम करो सरकार यह बेटियां भी झारखंड की ही हैं..
झारखंड की इन बेटीयों का दर्द क्या किसी को नहीं दि��� रहा?
कहां है कॉकरोच जनता पार्टी, कहां है अभिजीत दीपके, कहां हैं राहुल गांधी, कहां है पूरा विपक्ष?