@ajeetbharti Are bhaisahab har department me aawas awantan me reservation hai.matlab reservation se naukri lagne ke baad sarkari colony me room ke liye bhi sc st ko 10% reservation hai.
किस बात के अच्छे दिन जब,
1- शेयर मार्केट पाताल लोक में चला गया
2- एशियन गेम्स में 10 वें नंबर पर हैं हम
3- मंहगाई चरम पर है
4-भ्रष्टाचार अपने उच्च स्तर पर है
5- सड़के चांद के सतह जैसी हो गई हैं
6- विधायकों की गुंडागर्दी आसमान छू रही है
7- पेट्रोल डीजल मंहगा हुआ पड़ा है
8- रुपया धरातल में चला गया है
9- अमेरिका हमको पेले पड़ा है
10- चीन हमसे 100 साल आगे चल रहा है
11- 5 किलो राशन के बदले 900 की गैस मिल रही है
12- व्यापारी लोग माल स्टोर करके मंहगी होने पर जनता को बेचते हों
13- गांवों में अस्पताल नहीं है
14- गाँव में स्कूल नहीं है
15- प्राइवेट स्कूल खून पी रहे हैं
16- प्राइवेट अस्पताल में 400 की दवा 4000 में मिल रही है
17- सरकारी एम्बुलेंस दलाली में मिलती है।
2014 में जिस उम्मीद से लोगों ने चुनाव किया था, उसमें पूरी तरह से फेल हुए हैं।
मोदी एक्ट की सुंदरता यही है कि कोई व्यक्ति यदि किसी ब्राह्मण सभा में बैठ कर दलितों के लिए इन्हीं शब्दों का प्रयोग कर रहा होता तो @narendramodi व्यक्तिगत रूप से अपने घर में पिघलाए लोहे से बनी हथकड़ियाँ ला कर बाँध लाते। पर आप सवर्ण हो तो माँ-बहन की गालियाँ सुनो, नवबौद्धों द्वारा हर दिन अपने देवी-देवताओं को गालियाँ देते देखते रहो। मोदी जी चाय पीते रहेंगे।
मेरा प्रश्न यह है कि अग्रिम जमानत का प्रावधान पूर्णतः लागू क्यों नहीं होता और इसे केवल प्रथम दृष्टया मामले तक ही सीमित क्यों रखा गया है? हमारी चुनौती SC/ST अधिनियम की संवैधानिक वैधता के विरुद्ध नहीं, बल्कि मुख्यतः धारा 18-A के दुरुपयोग तथा धारा 19 और 8 के सीमित पहलुओं तक ही केंद्रित थी।
प्रशासन स्वयं ही रैंडम बातों पर ‘ले चलो इसको SC वाला लगाओ’ कह कर कार्य करे तो समझ जाइए कि न्याय कितना हो रहा है। मोदी एक्ट पुलिस, प्रशासन और दलित के लिए धनोपार्जन का माध्यम बन गया है।
The Power Of The SC/ST Act
Naya Bharat Through 2 Pics
Mercenary Gets Bail, Mercy
IIT Prof Pays For Doing Duty
Stop Incentive For Filing FIR
Give 'Penalty' For Fake Cases!
Watch INDIA UPFRONT with @RoyPranesh
उत्तर प्रदेश के 4 मेडिकल कॉलेज में 91% आरक्षण लागू था। हमलोग यह खोज कर ले आए, तो कहा गया कि ये तो मायावती के समय से था।
फिर इलाहाबाद हाई कोर्ट से आदेश ले आए कि इसके आधार पर काउंसलिंग रोकी जाए, तो योगी जी सुप्रीम कोर्ट जाने का मन बना चुके हैं।
उधर मोहन यादव जी 73% के लिए जी जान से जुटे हुए हैं। लेकिन डर हमें राहुल गांधी का दिखाया जाता है कि आते ही 90% कर देगा।
ब्रो, हो रहा है 91%, इसी हिंदुत्ववादी सरकार में! चिल करो। मायावती के समय तो और भी बहुत कुछ था, उसको क्यों कंटिन्यू नहीं कर पाए?
क्या ये जो कॉलेज बने वो SC-ST के द्वारा दिए दान से बने थे? या यह सवर्णों के टैक्स से ही बना था? फिर उसके लिए 9% सीट का कोई मतलब है?
नड्डा जी के घर में हमेशा सौहार्दपूर्ण वातावरण रहता है, जहाँ राज शेखावत से लेकर हर्ष दुबे तक मांगपत्र लेकर पहुँचते हैं और फिर क्या हुआ, कोई नहीं जानता।
कौन नहीं चाहता सरकारी आवास के लॉन की हरी घास पर गिरी ओस तलवों से महसूस करे, गोल्डन रिंग वाली White Cup में Parle-G डुबाकर चाय पीए और मंत्री के सामने Bisleri की छोटी Bottle खोलकर पी जाए।
योगी जी 91% reservation के लिए लड़ रहे हैं, Supreme Court जा रहे हैं। मोहन यादव 73% reservation के लिए Supreme Court में appeal कर रहे हैं। Odisha Government ने SC का reservation disproportionately बढ़ाकर 15%, मतलब total कितना, 22% या जो भी है, वो कर दिया।
तो reservation तो BJP हर जगह बढ़ा रही है। Who are you trying to fool?
OBC Act तुम already ला चुके हो।
जो लोग डराने की कोशिश कर रहे हैं कि “आरक्षण 90% हो जाएगा”, उनसे सीधा सवाल है — डर किससे रहा है?
योगी सरकार 91% आरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट जा रही है। इलाहाबाद हाईकोर्ट दो बार स्टे लगा चुका है, फिर भी नीट काउंसलिंग रुकी हुई है।
मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार 73% आरक्षण के लिए अपील कर रही है।
ओडिशा में एससी आरक्षण disproportionally बढ़ा दिया गया।
भाजपा खुद हर जगह आरक्षण बढ़ा रही है। फिर “दूसरे करेंगे” वाली कहानी किसके लिए है?
OBC Act पहले ही आ चुका है। Flying Squads भी आ चुकी हैं। फिर भी वही पुराना नैरेटिव चलाया जा रहा है।
अजीत भारती साफ कह रहे हैं — हमें 24 तारीख को जंतर-मंतर आने की जरूरत नहीं। डराने की जरूरत नहीं। हम जानते हैं कौन कर रहा है और क्यों कर रहा है। डेटा हमारे पास है। बाढ़ आएगी।
जो पार्टी लंबे समय तक सत्ता में रहना चाहती है, उसे ये बकवास बंद करनी चाहिए। सुधर जाओ। संभल जाओ।
एक पिता के इकलौते बेटे के चले जाने पर कंपनसेशन की मांग को लेकर प्रश्न उठाना और दूसरी तरफ उसकी पीड़ा पर iPhone 17, 18 Pro जैसी संवेदनहीन टिप्पणियाँ करना, ठीक नहीं है।
अगर मोदी जी ने एक्ट बनाया है और टैक्स का पैसा वेल्थ रीडिस्ट्रीब्यूशन के तहत जा रहा है, तो चुपचाप कमाइए और समय से टैक्स भरिए।
जब दलित भाइयों को अंबेडकर जी ने शेरनी का दूध पिला दिया और वे आरक्षण के शेर पर बैठकर IIT, IIM में पहुँच ही गए, तो फिर उनसे पढ़ाई, रटने और Practical करने को क्यों कहा जाता है?
आखिर 8 सेमेस्टर में करीब 150 परीक्षाएँ क्यों, सीधी Degree और नौकरी क्यों नहीं?
साहिल वकोड़े IIT बॉम्बे के छात्र थे। परीक्षा चल रही थी। पूरा प्रश्नपत्र AI एप्प को अपलोड कर के उत्तर कॉपी में लिख रहे थे। प्रोफेसर ने पकड़ लिया। बाहर ले गए, डाँटा और कहा कि संस्थान के नियम स्पष्ट हैं आप चोरी करते पकड़े गए तो सस्पेंड किए जा सकते हो।
साहिल ने बाद में आत्महत्या कर ली। माँ-बाप ने पोस्टमार्टम के बाद भी शव नहीं लिया क्योंकि उन्हें न्याय चाहिए। न्याय पाने के लिए उन्होंने मोदी एक्ट की धाराएँ लगवा दीं प्रोफेसर पर।
एक लड़का आरक्षण से IIT पहुँचा। कम नंबर न आए, इसलिए चोरी कर रहा था। वह टॉपर बनना चाह रहा था। पर एक मनुवादी शिक्षक ने उसे कॉलेज के कानून बताए, सस्पेंड किया भी नहीं। उसने आत्महत्या कर ली।
क्या एक दलित को फोन ले जाने अनुमति नहीं होनी चाहिए? क्या ऐतिहासिक प्रताड़ना के कारण उसको ओपन मोबाइल परीक्षा देने की अनुमति नहीं होनी चाहिए?
आज एक ब्राइट स्टूडेंट, जो जेट इंजन बना सकता था AI से पूछ कर, हमारे बीच इसलिए नहीं रहा क्योंकि उससे पहले ही चरण में रोक लिया गया। मोदी एक्ट इसीलिए बना ही है।
प्रोफेसर को फाँसी होनी चाहिए।
मेरा पैसा जो सारे टैक्स कटने के बाद मेरे हाथ में आया, मोदी सरकार कह रही है की इस पैसे को यूज़ करने के लिए भी वो मुझसे और टैक्स लेगी क्यूँकि मोदी जी ट्रम्प को ना नहीं बोल सकते। लूट मचा रखी है।
ग्रोवर साहब ने तो एक सांस में सरकार-न्यूज चैनल दोनों का दोगलापन उजागर कर दिया.
और एंकर से ये भी कह दिया- आप खुद मिसलीडिंग हेडलाइन दिखाकर सरकार की तरफदारी कर रहे हो.
@Ashneer_Grover