चुनाव कैसे प्रभावित कर जीता जाता है ?
How to steal an Election ?
श्री @RahulGandhi ji का ये लेख जरूर पढ़िये और सोचिये कहा से कहा के आई भाजपा हमारे लोकतंत्र को!
“हाँ आ जाओ... कर लो मेरा Rape”
Uttarakhand की VIRAL बहादुर बेटी रो रही है, LIVE बता रही है पूरी कहानी
जिन्हें चाचा , मामा , भाभी कहकर बड़ी हुईं जब उनसे ही सुनने को मिले भद्दी टिप्पणी तो क्या बीतती है !
सुनिए अंदर तक झकझोरने वाली ये पूरी बातचीत #ShailaNegi#Dehradun
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बीफ एक्सपोर्ट में भारत नंबर वन है। @himantabiswa गौहत्या पर ज्ञान दे रहे थे। पत्रकार ने सवाल पूछा तो ऐंगली बैंगली गाने लगे, उसके बाद का काम रील बनाने वाले ने कर दिया।
मोदी जी को इतिहास का अल्प ज्ञान है
कह रहे हैं स्वामी विवेकानन्द ने जमशेद टाटा को उद्योग लगाने की सलाह दी
स्वामी विवेकानंद का जन्म 1863 में हुआ
जमशेद टाटा ने भारत में पहला उद्योग 1868 में लगाया, तब स्वामी जी 5 साल के थे
यह जानकारी देनी ज़रूरी है
क्योंकि कभी फेंकते फेंकते नॉन बायोलॉजिकल महामानव यह ना कह दें कि इन्होंने भी रतन टाटा से 5 साल की आयु में संवाद किया था!
पत्रकार: क्या मोदी मणिपुर जाएंगे?
अमित शाह: ऐसा होगा तो अपने आप सूचना आ जाएगी
पत्रकार: इतनी हिंसा के बाद भी मुख्यमंत्री अपने पद पर बने हुए हैं
अमित शाह: आप सवाल कर सकते हैं, बहस नहीं कर सकते
भई सवाल पूछना बहस कब हुआ?
किसी दिन आइये बहस करने शाह साहब
@JaikyYadav16 स्वरा भास्कर ने देश के न्यायधीशों को सही आईना दिखाया है स्वरा ने मेरे मन की बात भी कह दी है...कि हमें तो डर है लेकिन बड़े-बड़े पदों पर बैठे लोगों को किस चीज का डर है?
हालांकि हम कभी भी एक-दूसरे से नहीं मिले हैं या हमारा कोई संपर्क नहीं है, लेकिन आप मेरे बारे में यह सब कहने के लिए आश्चर्यजनक रूप से दयालु और उदार रहे हैं। आपकी इस बात ने मेरे हृदय को छुआ है और मैं विनम्रतापूर्वक यह कहना चाहता हूँ कि मेरे लिए यह बहुत संतोष की बात है कि मेरे जीवन और काम का एक अजनबी पर इस तरह का प्रभाव पड़ा है। यह सब कहने के लिए आपको मेरा हार्दिक धन्यवाद । मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं।
इसको देखने के बाद भी आपका खून नहीं खौला तो - तुम जिन्दा लाश को।💔💔
किसी के अंदर जमीर जिन्दा है ??? इंसानियत जिन्दा है ????🤬🤬🤬🤬🤬🤬🤬
ये BJP का बिहार है ये सब बिहार में हो रहा है।
भाई गोदी मीडिया नहीं उठायेगा। हमलोगो को ही आवाज बनना पड़ेगा।
रीट्वीट करके फैलाओ 🙏🙏🙏
देश में अनवर इब्राहिम से मिले तो नेहरू मौजूद थे। कीव पहुंचे तो महात्मा गांधी मौजूद थे।
गोडसे, उनके गुरु सावरकर, सब संघियन के गुरु गोलवलकर कहीं नहीं थे, हो भी नहीं सकते।
देश का आध्यात्मिक और नैतिक वजूद महात्मा बुद्ध और महात्मा गांधी से है। देश की लोकतांत्रिक पहचान नेहरू, अंबेडकर, पटेल जैसे नायकों से है।
इतनी सी बात जनता को समझनी है।
नेहरू का भूत, सबसे मजबूत...
देश हो या विदेश, मोदी जी जिस भी विदेशी नेता से मिलते हैं, वहां गांधी और नेहरू जरूर मौजूद रहते हैं।
अकूत पैसा, अकूत ताकत, मेहनत और दस सालों का घृणा अभियान, हासिल क्या हुआ? न गांधी-नेहरू का कुछ बिगड़ा, न कांग्रेस का, न राहुल का...
नफरत और घृणा का हासिल कभी रचनात्मक हो ही नहीं सकता।
दरअसल डाटा प्रेजेंटेशन को ही डेटा एनालिसिस बताने का मनोवैज्ञानिक खेल खेला जा रहा है।
सच्चाई यह है कि "मोदी मीडिया" ने आंकड़ों की बाजीगरी के द्वारा "मोदीनामा" पढ़ने का नया तरीका ईजाद कर दिया है।