वो बिछड़ के हमसे ये दूरियां कर गई,
न जाने क्यों ये मोहब्बत अधूरी कर गई,
अब हमे तन्हाइयां चुभती है तो क्या हुआ,
कम से कम उसकी सारी तमन्नाएं तो पूरी हो गई।
सोचा था तड़पायेंगे हम उन्हें,
किसी और का नाम लेके जलायेगें उन्हें,
फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके दर्द मुझको ही होगा,
तो फिर भला किस तरह सताए हम उन्हें।
रेहमत खुदा की तेरी चौखट पे बरसती नज़र आये,
हर लम्हा तेरी तक़दीर संवरती नज़र आये,
बिन मांगे तुझे मिले तू जो चाहे,
कर कुछ ऐसा काम की दुआ खुद तेरे हाथों को तरसती नज़र आये !!
करे कोशिश अगर इंसान तो क्या-क्या नहीं मिलता,
वो सिर उठा के तो देखे जिसे रास्ता नहीं मिलता,
भले ही धूप हो, काँटे हो राहों में मगर चलना तो पड़ता है,
क्योंकि किसी प्यासे को घर बैठे कभी दरिया नहीं मिलता !!
मुश्किल इस दुनिया में कुछ भी नहीं,
फिर भी लोग अपने इरादे तोड़ देते है,
अगर सच्चे दिल से हो चाहत कुछ पाने की,
तो रास्ते के पत्थर भी अपनी जगह छोड़ देते है !!