इमरजेंसी-इमरजेंसी-इमरजेंसी-इमरजेंसी-इमरजेंसी….. देश की राजधानी में SC-ST एक्ट और पास्को एक्ट का इतना बड़ा दुरुपयोग करने का प्रयास? सोचिए गांवो में गरीब, मजदूर, पीड़ितों के क्या हाल होंगे?
- जुलाई में स्वतंत्र भारद्वाज और निशु आजाद के पिता की लड़ाई हुई
- दोनों तरफ़ से मारपीट हुई। दोनों को चोट आई
- अब इस मामले में 2 महीने बाद दिल्ली में थाने का घेराव कर SC-ST एक्ट और पास्को के तहत कार्रवाई की माँग की जा रही है
- तो सवाल ये कि क्या निशु के पिता नाबालिग हैं और उनके साथ कोई आपत्तिजनक कृत्य हुआ जो पास्को लगे?
- दूसरा क्या जातिसूचक टिप्पणी की गई जो SC-ST एक्ट लगे?
- अगर आज चुप रहे तो दबाव बनाकर फेक केस दर्ज करवाने का ट्रेंड बन जाएगा।
स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से गिरफ्तार कर लिया गया है
आज शाम 6 बजे से x पर ट्रेंड चलाया जायेगा।
#WeStandWith_स्वतंत्र_भारद्वाज
कितने लोग साथ देंगे कमेन्ट 👇
दिल्ली पुलिस को इस वीडियो का भी संज्ञान लेना चाहिए.. स्वतंत्र भारद्वाज ने हिंसा की है तो उसपर कार्रवाई कीजिए लेकिन अगर उसके साथ भी हिंसा हुई है तो उसको भी जांच में शामिल कीजिए..
इस वीडियो में बहुत कुछ साफ है कि क्या हुआ था वहां।
23 जून को जो FIR हुई थी उसमें जातिसूचक शब्द बोले जाने का कोई जिक्र नहीं था लेकिन आज अचानक से पूरा जोर SC/ST एक्ट लगाने पर था।
अगर ऐसा कुछ हुआ था तो तब ही SC/ST एक्ट में मामला क्यों नहीं दर्ज कराया गया था?
कल कॉकरोच पार्टी वाले अखिलेश यादव से मिलकर आए और आज अचानक पूरा केस SC/ST एक्ट की तरफ मोड़ दिया गया। क्या ये सिर्फ इत्तेफाक है?
दिल्ली पुलिस को भी 70 दिन बाद समझ में आया कि SC/ST एक्ट लगना चाहिए.. क्या कॉकरोच पार्टी वालों के समझाने पर ही पुलिस को कानून समझ में आने लगा है क्या?
आरजेडी प्रवक्ता प्रिया राज यादव अक्सर आरक्षण और SC-ST एक्ट के समर्थन में मुखर होकर बोलती रही हैं। इनकी जुबान पर "मनुवाद से आजादी, ब्राह्मणवाद से आजादी" के नारे हमेशा ही रहते हैं। अब खुद के ऊपर SC-ST एक्ट के तहत केस दर्ज होने का दावा सामने आया है।
3 महीने पहले का पूरा मामला ये था कि एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान कथित लापरवाही के बाद महिला की हालत बिगड़ गई। उसे दरभंगा रेफर किया गया, जहां उसकी मौत हो गई। घटना के बाद प्रिया ने अस्पताल संचालक के खिलाफ आवाज उठाते हुए प्रदर्शन किया। बाद में अस्पताल संचालक, जो अनुसूचित जाति से हैं, ने संबंधित प्रिया के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज करा दिया।
जिस SC-ST एक्ट के समर्थन में वे अक्सर आवाज़ उठाती रही हैं, आज उसी एक्ट के इस्तेमाल पर वे सवाल उठा रही हैं।
अगर मैं अपने समाज की आवाज उठा सकता हूं, तो सवर्ण समाज के नेता अपने समाज की बात क्यों नहीं उठाते, अगर वो नहीं उठाएंगे तो मैं सामान्य वर्ग की आवाज़ भी उठाऊंगा:- चिराग पासवान (केंद्रीय मंत्री)
पॉवर ऑफ़ वोट बैंक। जब आप एकजुट होंगे तब हर कोई आपकी आवाज बनेगा।
SC/ST act is misused.
And the current case proves it.
While we are happy that people who made the law & supported it, are now getting a taste of their own medicine,
it still doesn't change the fact the act is misused.
This act needs to be seriously revamped.
जब मोदी जी के खिलाफ कॉकरोचों का प्रदर्शन विदेशों में हुआ। तब विदेशी मिडिया में किरकिरी होने के बाद सरकार झुकी। हमें भी सवर्णो के ऊपर हो रहे अत्याचार को विदेशी मिडिया के माध्यम से उठाना चाहिए।
स्वर्ण समाज तो एक हो रहा है मोदी की अकड़ तोङ़ने के लिए, ✊
क्या सम्पूर्ण सवर्ण समाज गुलामी से बाहर निकलकर एक हो पाएंगा, अपना भविष्य बचाने के लिए इन काले कानूनो के खिलाफ....
स्वर्णो का शंखनाद.... 🔥
#ugc#ugcrollback#reservation L
@ManuvadiBrijesh जब मोदी जी के खिलाफ कॉकरोचों का प्रदर्शन विदेशों में हुआ। तब विदेशी मिडिया में किरकिरी होने के बाद सरकार झुकी। हमें भी सवर्णो के ऊपर हो रहे अत्याचार को विदेशी मिडिया के माध्यम से उठाना चाहिए।