There are two political models in India.
One is PM Modi's: Hope and Reform.
The other is the Opposition's: Cynicism and Anarchism
Whenever a crisis has emerged, PM Modi has tried to turn it into an opportunity for systemic reform.
The NEET paper leak is a crisis, and the govt will ensure this crisis is turned into an opportunity to reform the education system in the country.
Kali is not the destroyer of life...she is the destroyer of illusion. The seeker believes truth is somewhere else, somewhere in the future, waiting to be attained. Kali ends this endless search by dissolving the one who seeks.
The ego fears Kali because it survives through becoming, comparison, and desire. Kali cuts through every false identity until nothing borrowed remains. What disappears is not your true nature, but the illusion that you were ever separate from it.
When the seeker comes to an end, truth does not appear as something new. It reveals itself as what has always been present. This is Kali’s fiercest act of compassion.
Source:
A reflection on the teachings and symbolism of Kali in the Devi Mahatmya, the Kali Tantra, and the non-dual traditions of Shaktism.
#kali #shakti #tantra #nonduality #selfrealization
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से जो तिलचट्टे, नीले कबूतर
चमचे ख़ुश हुए ही थे की
उनकी ख़ुशी मातम में तब बदली जब एक घोर संघी
प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्री बना दिया
जोशी जी की राजनीति की शुरुआत कर्णाटक के
हुबली के ईदगाह मैदान मे तिरंगा फहराने से हुई थी
लिब्रांडू — मालिक वो थोड़ा गलती हो गया 😂😂
@dpradhanbjp आपने तो नैतिकता के आधार पर यह कदम उठाया हैं। परन्तु विपक्ष में यह नैतिकता बची कहा है ??
यह सब एक साज़िश के तहत हो रहा हैं। देश जान रहा है। देश विरोधी ताकतों का यह एक एजेंडा हैं। यह यहीं नहीं रुकेंगे। कल फिर किसी मंत्री का इस्तीफ़ा की मांग करेंगे सर।
लिखकर के ले लीजिए,जय हिंद
आपने इस्तीफा देकर बहुत गलत किया। आप हमेशा से एक ईमानदार छवि वाले नेता रहे हैं, और इसी वजह से लोगों का आप पर भरोसा रहा है। लेकिन जो यह पेपर लीक हुआ, वह बिल्कुल गलत हुआ। पेपर लीक होना सिर्फ एक परीक्षा की गड़बड़ी नहीं है, यह देश की शिक्षा व्यवस्था पर सीधा प्रहार है। खासकर उन छात्रों के लिए, जो डॉक्टर बनने का सपना लेकर दिन-रात मेहनत करते हैं, उनके लिए यह बहुत बड़ा आघात है। जब ऐसे छात्र आगे चलकर देश की सेवा करेंगे, तो उनके मन में इस तरह की घटनाओं का असर जरूर रहेगा।
इस पूरी घटना से मन बहुत व्यथित है। एक ईमानदार नेता होने के बावजूद, कहीं न कहीं यह महसूस होता है कि आपके नीचे काम करने वाले अधिकारियों ने गंभीर लापरवाही की। शायद आपको पूरी सच्चाई समय पर पता नहीं चली, लेकिन इतनी बड़ी घटना के बावजूद ढिलाई नहीं होनी चाहिए थी। कड़े कदम पहले ही उठाए जाने चाहिए थे, ताकि देश के छात्रों का भरोसा टूटने न पाए।
आज हम जैसे जमीनी स्तर के भाजपा कार्यकर्ताओं को भी बहुत बुरा महसूस हो रहा है। हमें आज ठगा हुआ महसूस हो रहा है। पार्टी और सरकार से लोगों को ईमानदारी, पारदर्शिता और सख्ती की उम्मीद रहती है, और जब ऐसी घटनाएँ होती हैं तो कार्यकर्ताओं का मन भी दुखी होता है। यह सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि देश के भविष्य और युवाओं की मेहनत से जुड़ा सवाल है।
जरूरत इस बात की है कि ऐसी घटनाओं पर तुरंत और सख्त कार्रवाई हो, ताकि दोबारा कोई भी इस तरह देश की शिक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ न कर सके। देश के छात्रों के साथ न्याय होना चाहिए, और इसके लिए जवाबदेही तय करना बहुत जरूरी है।
@narendramodi
@dpradhanbjp इस्तीफ़ा सौंपकर आज धर्मेंद्र प्रधान जी ने साबित कर दिया कि
BJP वह परिवार है, जिसके लिए पद से बढ़कर देश है।
साज़िश रचने वाली देश-विरोधी ताकतों के मंसूबों पर पानी फिर गया।
“जंतर-मंतर पर जो स्थिति पैदा हुई है, राष्ट्रविरोधी ताक़तें उसका फ़ायदा न उठा लें। एक भी विद्यार्थी का हित क़ानूनी पेचीदगियों में फँसकर प्रभावित न हो, इसलिए मैं प्रधानमंत्री को त्याग पत्र भेज रहा हूँ। “
बड़ी बात कही प्रधान जी ने। निजी हित पर देश हित को तवज्जो देकर आपने अपना क़द और ऊँचा कर लिया है। @dpradhanbjp