यह संस्कृति और ब्राह्मणवाद को कितना जानती हैं मैं नहीं जानता पर इन्हें राज सिंहासनों बैठी महिलाएं नहीं दिखी, इन्हें स्वयंवर में अपना वर चुनने की स्वतंत्रता भी नहीं दिखी। इन्हें रानी लक्ष्मी बाई तो बिल्कुल नहीं दिखी, इनको मानसिक इलाज की जरूरत है।
ब्राह्मणवादी जातिवादी महिलाओं के लिए नेहा का संदेश:
अगर आप सचमुच ब्राह्मणवाद जिंदाबाद कहना चाहती हैं, तो घर में रहें, लंबा घूंघट ओढ़ें, अपने पति के लिए चपातियां बनाएं, पश्चिमी कपड़े पहनकर कभी बाहर न निकलें और अपनी आखिरी सांस तक पहले अपने पिता की, फिर अपने पति की और फिर अपने बेटे की सेवा करें।
माँ आपका जन्मदिन मेरे लिए संकल्प का दिन है।
संकल्प कि आपके आदर्शों को जीवित रखूँ।
संकल्प कि भारत माँ की सेवा में अपना सर्वस्व अर्पित कर सकूँ।
आपका स्पर्श अब भी मेरे हर निर्णय में है।
आपकी मुस्कान अब भी मेरे साहस का कारण है
और आपका आशीर्वाद मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूँजी है।
Happy Birthday Maa... I will always miss you.
@SushmaSwaraj
#Kartavya #Seva #NationFirst
हर अन्याय पूर्ण बात का प्रतिकार करना अपराध नहीं है और क्षत्रिय होना गौरव की बात है, जब लोगों ने अपना शीश मातृभूमि के लिए न्योछावर किया तब भी यही कहा था की वह क्षत्रिय है, यह उनका कर्तव्य है।
रितु त्रिपाठी ने आस्था सिंह से हुए झगड़े में अपने भाई को बैंक बुलाकर धमकाने की कोशिश की — जवाब में आस्था सिंह ने जोरदार जोरदार जवाब दिया
लेकिन फिर एकतरफा नैरेटिव बनाकर आस्था सिंह को सिर्फ ठाकुर समाज से होने के कारण बदनाम किया गया। ये बेहद निंदनीय है
एक भी थाना भ्रष्टाचार मुक्त नहीं है
एक भी तहसील भ्रष्टाचार मुक्त नहीं है
एक भी जनपद भ्रष्टाचार मुक्त नहीं है
भ्रष्टाचारियों का नार्को पॉलीग्राफ ब्रेनमैपिंग टेस्ट करने, 100% संपत्ति जब्त करने, नागरिकता खत्म करने और 01 वर्ष में फांसी देने के लिए कानून कब बनेगा?
एक भी थाना भ्रष्टाचार मुक्त नहीं है
एक भी तहसील भ्रष्टाचार मुक्त नहीं है
एक भी जनपद भ्रष्टाचार मुक्त नहीं है
भ्रष्टाचारियों का नार्को पॉलीग्राफ ब्रेनमैपिंग टेस्ट करने, 100% संपत्ति जब्त करने, नागरिकता खत्म करने और 01 वर्ष में फांसी देने के लिए कानून कब बनेगा?
प्रयागराज की Gen-Z बालिका को सुनिए
- मैं जानती हूं कि अगर मुझे कुछ हो गया यूपी में तो
- वो आदमी (योगी जी) उसको जमीन से गाड़कर निकाल लेगा
भारत का Gen Z मोदी-योगी का दीवाना है
ये युवा शक्ति, नारी शक्ति कभी भी भारत में अराजकता नहीं होने देगी, फिर भले कुछ नेता जेन जी को भड़काने की कोशिश कर लें
यह वीडियो देख लीजिए और कुलदीप सिंह सेंगर से संबंधित रेप आरोप के सारे तथ्य आपको समझ में आ जाएंगे।
वैसे सोशल मीडिया पर एक पैटर्न तो दिखाई दे रहा है कि ब्राह्मण, अहीर ,जाटव यह तीन जातियों के अधिकांश लोग ,कुलदीप सिंह सेंगर मामले में ,हाईकोर्ट द्वारा बिंदुवार दिए गए निर्णय को मानने को तैयार नहीं हैं।
इनके साथ-साथ सपा और कांग्रेस समर्थक मुस्लिम भी ,क्षत्रिय विरोधी रुख अपनाए हुए हैं।
जबकि हाईकोर्ट ने प्रत्येक बिंदु पर निष्पक्ष विश्लेषण किया है और उसी विश्लेषण के बाद कुलदीप सेंगर को जमानत दी है।
कुलदीप सिंह सेंगर का विरोध करने वाले लोग एवं कुछ जातियां, वास्तव में क्षत्रिय विरोधी हैं ।
जो क्षत्रियों को राजनीतिक एवं सामाजिक तौर पर दबाना चाहती हैं और खत्म करना चाहती हैं।
खत्म करना है, तो सामने आकर खत्म करो। आमने-सामने की लड़ाई लड़ो ।किसी लड़की का सहारा लेकर ,खत्म करने का प्रयास क्यों कर रहे हो?
वास्तव में इससे कुछ जातियों की निम्न स्तरीय सोच सामने आ रही है। कि वह क्षत्रियों को राजनीतिक एवं सामाजिक रूप से खत्म करने के लिए ,किसी भी हद तक गिर सकते हैं।
लेकिन किसी के चाहने से ,ना तो क्षत्रिय समाज राजनीतिक एवं सामाजिक तौर पर खत्म होगा और ना ही दबेगा।
#UnnaoCaseFacts
वरिष्ठ पत्रकार श्री अशोक श्रीवास्तव जी के पूज्य पिताजी एवं माननीय लालकृष्ण आडवाणी जी के सहायक निजी सचिव रहे श्री विश्वंभर श्रीवास्तव जी के निधन की सूचना बेहद कष्टकारी है।
प्रभु श्रीराम दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिजनों को यह कष्ट सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
ॐ शांति !!
उत्तर प्रदेश राज्य परिवर्तन आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में आज मैंने कार्यभार ग्रहण किया।
माननीय मुख्यमंत्री जी के दूरदर्शी, निर्णायक एवं प्रेरणादायी नेतृत्व में, मैं उत्तर प्रदेश को एक समृद्ध एवं ट्रिलियन-डॉलर अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने हेतु पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के लिए संकल्पित हूं।
जाति के नाम पर किसी भी भ्रष्टाचारी को नहीं बचाया जाना चाहिए। कानून की किताब पढ़े यह लोग इतना जानते हैं की कहां कौन सी भारतीय संविधान की धारा टूट रही है। अब पछताए होत क्या, चिड़िया चुग गई खेत।।
डिप्टी एसपी ऋषिकांत शुक्ला के निलंबन के बाद पिटारे से भ्रष्टाचार की तमाम कहानियाँ बाहर आ रही हैं…
भई शुक्ला जी @Uppolice में भर्ती ज़रूर हुए थे मगर उनका कैडर “कानपुर” ही रहा!!!
उनके बॉस जो भी #IPS अफसर रहे हों क्या उन्हें पता नहीं चला की उनका इंस्पेक्टर और सीओ पूरा थाना और शहर लूटे पड़ा है??
ये मानना नामुमकिन है…CO साहब ने बेटे की शादी कानपुर के पॉश इटरनिटी क्लब से की थी जहां करोड़पति से नीचे के लोग आँख उठाकर देख भी नहीं पाते…
#ADG रैंक के अफसर और कई पुलिस कप्तान सिर में साफ़ा बाँधे मिलनी कर रहे थे…तस्वीर भी डाल देते मगर रिश्तों का लिहाज़ है…
ढंग से जाँच हो जाए तो कुछ पत्रकार और कई Imperial Protected Service के अफसर भी नप जाएँगे
बलि देनी होती है तो #इंस्पेक्टर दारोगा की दी जाती है, कप्तान साहब लोग तो सिर पर साफ़ा बांधकर नाचते गाते “जयहिंद” का सैल्यूट 🫡 लेकर हूटर बजाते निकल जाते हैं…
यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की के साथ उनके देश का हश्र देखकर यह समझ में आया की सत्ता राजनीतिक व्यक्ति के हाथ में ही होनी चाहिए, किसी एक्टर या कारपेंटर के हाथ में नहीं होनी चाहिए।
राजा साहब विपरीत समय में नुकसान पहुंचाने वाले लोग कभी शुभेच्छु नहीं हो सकते। मुझे वह दिन याद है जब मुख्यमंत्री बनने से एक दिन पहले मुलायम सिंह रायबरेली कार्यक्रम में आए थे मैंने उनसे पोटा को लेकर सवाल पूछा था तो उन्होंने कहा मुख्यमंत्री बन जाने दीजिए।
बात आज से 27 वर्ष पहले की है, देश की एक बड़ी पत्रिका Outlook ने हमारा साक्षातकार लिया पर बहुत ही अभद्र भाषा में उसे छापा, लोग उसे पढ़के हतप्रभ थे कि इतनी बड़ी पत्रिका ऐसी भाषा का उपयोग कैसे कर सकती है। किसी की नकारात्मक छवि बनाना मीडिया के लिए बड़ा आसान काम है।
मीडिया भी जानती है कि मैंने अपने सार्वजनिक और निजी जीवन में भाषा की मर्यादा का सदैव ध्यान रखा है, ख़ैर हमारे एक समर्थक से रहा नहीं गया और उन्होंने Outlook पर न्यायालय में मानहानि का मुक़दमा कर दिया, न्यायचक्र चलता रहा और समय बीतता गया, अब फ़ैसले का दिन निकट आ गया था, जब उन्हें लगा कि निर्णय सत्य के पक्ष में होगा और उनके विपरीत जायेगा तो उन्होंने हमसे सम्पर्क किया, मुक़दमा वापस लेने का अनुरोध किया और माफ़ीनामा छापने पर सहमत हुये।
अंततः उन्होंने उक्त माफ़ीनामा छापा जो आपके सामने प्रस्तुत कर रहा हूं।
यद्यपि 27 वर्ष बाद माफ़ीनामा छापने से सार्वजनिक जीवन में हुई हानि की भरपाई नहीं की जा सकती है। मीडिया के लिए बहुत आसान है किसी को ‘हीरो’ या ‘खलनायक’ बना देना, ख़ासकर मुझे लेकर बहुत ही अनर्गल बातें छप चुकी हैं, लेकिन कहते हैं ना कि सांच को आंच नहीं।
सत्य मेव जयते 🙏🏼