सादर निवेदन
माननीय आकाश आनंद जी से विनम्र आग्रह है कि सिद्धार्थ नगर विधान��भा, कपिलवस्तु (303) उत्तर-प्रदेश की धरती पर पधारकर कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन एवं नई ऊर्जा प्रदान करें।
आपका आगमन—संगठन को नई दिशा और कार्यकर्ताओं को नई ताकत देगा।
जय भीम! जय भारत! जयबसपा!
2027 सिर्फ चुनाव नहीं, बदलाव का अवसर है।
अन्याय, असमानता और शोषण के खिलाफ मजबूत सरकार चाहिए।
🐘 BSP के साथ सत्ता में भागीदारी और समाज परिवर्तन—दोनों हमारा लक्ष्य हैं।
मिशन 2027 | बहन जी का नेतृत्व 💙
#Mission2027#BSP#Mayawati#जयभीम
1. जैसाकि सर्वविदित है कि समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख द्वारा अप���ी पुरानी सहयोगी पार्टी राष्ट्रीय लोकदल व उस पार्टी के नेता केन्द्रीय मंत्री के बारे में यह सार्वजनिक बयान देना कि ’हमने इनको चवन्नी से रुपया बना दिया है’, यह कहना पूर्णतः अमर्यादित, अशोभनीय व अति-शर्मनाक है तथा इस प्र��ार की अहंकारी व अलोकतांत्रिक बयानबाज़ी के लिये उन्हें उस पार्टी से व उनके नेता से ही नहीं बल्कि स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह जी के परिवार का अपमान करने हेतु पूरे जाट समाज से भी अविलम्ब माफी माँगनी चाहिये तो यह उचित होगा।
2. वैसे देश की राजनीति में सपा का चाल, चरित्र व चेहरा अपने विरोधी पार्टियों के लिये ही नहीं बल्कि अपने सहयोगियों के लिये भी हमेशा से राजनीतिक संकीर्णता व जातिवादी द्वेष आदि से ग्रसित ज़्यादातर अप्रिय और अविश्वसनीय ही रहा है, जिस कारण इसका राजनीतिक एवं चुनावी लाभ भी अक्सर मौक़ों पर भाजपा ही उठाती रही है और सेक्युलर ताक़तें कमज़ोर होती रहीं हैं।
3. इस पार्टी के इसी प्रकार के अति-अहंकारी स्वाभाव के कारण पहले सन् 1993 में, यू.पी. में श्री मुलायम सिंह यादव के साथ सपा व बसपा का बना गठबन्��न जल्दी ही टूट गया, जिसके फलस्वरूप दिनांक 2 जून 1995 को मेरी हत्या करने के षडयन्त्र के तहत् मेरे विरुद्ध कुख्यात लखनऊ स्टेट गेस्ट हाऊस काण्ड हुआ।
और फिर आगे चलकर इनके बेटे श्री अखिलेश यादव द्वारा, इनके पिता की तरह पुरानी ग़लतियों को फिर से ना दोहराने का आश्वासन देते हुये, लोकसभा का चुनावी गठबन्धन हुआ जो चुनाव का नतीजा इनके अनुरुप ना आने की वजह से कुछ समय के बाद ही बी.एस.पी. के प्रति इनके अहंकारी व स्वार्थी आदि रवैये के कारण फिर यह गठबन्धन भी टूट गया, क्योंकि परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान के कारवाँ वाली पार्टी बी.एस.पी. व उसकी नेतृत्व ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की सर्वसमाज हितैषी अम्बेडकरवादी नीतियों व सिद्धान्तों से कदापि विमुख नहीं हो सकती है।
4. अब संक्षेप में यही कहना है कि यह पार्टी (सपा) गठबन्धन के मामले में केवल अपना काम निकालना जानती है और अपना काम निकलते ही फिर यह पार्टी गिरगिट की तरह अपना रंग बदल लेती है तथा दूसरी पार्टी के बारे में अनाप-शनाप भाषा का भी ख़ूब इस्तेमाल करती रहती है, जो कि यह सपा का पुराना रवैया है। ऐसे में सर्वसमाज के लोग सपा की संकीर्ण व जातिवादी राजनीति से ज़रूर सावधान रहें।
5. इसके साथ ही, यह बात भी जग-ज़ाहिर है कि सपा मुखिया श्री अखिलेश यादव अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए अपने PDA में से P को कभी पिछड़ा वर्ग, तो कभी P को पण्डितों का हितकारी बता देते हैं, जबकि इनके बारे में सच्चाई तो यह है कि वे पिछड़े वर्गों में अपनी ख़ुद की जाति के अलावा बाकी पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यकों तथा अपरकास्ट समाज में से ख़ासकर ब्राह्मण समाज के भी क़तई हितैषी नहीं रहे हैं।
6. इतना ही नहीं बल्कि इस पार्टी (सपा) की सभी रही सरकारों में ���लितों, पिछड़ों, अक़लियतों, अपरकास्ट समाज में से विशेषकर ब्राह्मण समाज का भी काफी शोषण व उत्पीड़न आदि किया गया है तथा ना ही इनके हितों में कोई भी सकारात्मक क़दम उठाये गये हैं, बल्कि इनकी सरकार में वास्तव में केवल गुण्डों, बदमाशों, माफियाओं व अन्य अराजक तत्वों का ही भला हुआ है और साथ ही इनकी सरकार में दिन-छिपने के बाद हमारी बहिन-बेटियाँ भी घर से बाहर नहीं निकल सकती थीं। ऐसे में सर्वसमाज के लोग यू.पी. आगामी विधानसभ��� आमचुनाव में इस पार्टी (सपा) को सत्ता में क़तई भी ना आन दें, जो यह उनके हित में होगा।
1. गुजरात राज्य के ज़िला गिर सोमनाथ के ऊना में सन् 2016 में हुये दलितों पर जघन्य अन्याय-अत्याचार काण्ड के लगभग सभी अभियुक्तों को मार्च में स्थानीय कोर्ट द्वारा बरी करने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देकर न्याय पाने के लिये पीड़ित दलित परिवारों को वित्तीय आदि का भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी विचलित करने वाली कड़वी सच्चाई से ख़ासकर ’बहुजन समाज’ के लोगों में भारी चिन्ता व्याप्त है।
2. इसको लेकर मेरी चिन्ता का विशेष कारण यह भी है कि इस काण्ड के पीड़ितों से मिलने मैं खु़द भी वहाँ गयी थी और वहाँ सच्चाई का पूरा पता करने के बाद राज्य सरकार स�� सभी दोषियों के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई करने की माँग की थी, किन्तु देश भर में इसके ख़िलाफ रोष व आक्रोश आदि होने के बावजूद 40 में से 35 आरोपी के मार्च महीने में बरी हो जाने की ख़बर कुछ और नहीं बल्कि दलितों के प्रति सरकारी द्वेष, उनके हित व सुरक्षा के प्रति लापरवाही व उदासीनता आदि का ही परिणाम ज़्यादा लगता है।
3. वैसे अभी भी मौक़ा है जब गुजरात सरकार अपनी इस ग़लती में सुधार करते हुये इस मामले की ह��ईकोर्ट में उचित पैरवी करके सभी दोषियों को सख़्त सज़ा दिलवाये ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके और दूसरों को सबक।
4. साथ ही, राज्य सरकार पीड़ित परिवार वालों के संतोष के मुताबिक वकील सरकारी ख़र्च पर उसी तरह मुहैया कराये, जिस प्रकार बी.एस.पी. की यूपी में मेरी रही सरकार ने ग़रीबों के लिये फ्री में क़ानूनी सहायता का क़ानूनी प्रावधान किया था।
बहुजन ���माज पार्टी (बी.एस.पी.) के कर्मठ, ईमानदार व पूरी तरह से वफादार बलिया की रसड़ा सीट से लोकप्रिय विधायक श्री उमाशंकर सिंह की आज शाम लम्बी बीमारी की वजह से इलाज के दौरान देहान्त हो जाने की ख़बर अति-दुखद। उनके परिवार तथा उनके सभी चाहने वालों के प्रति मेरी गहरी शोक संवेदना। पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा की जितनी भी तारीफ की जा��े वह कम है। उनका पूरा परिवार बी.एस.पी. परिवार की तरह है तथा उनके परिवार के सभी लोग मुझे बड़ी बहन की तरह ही पूरा आदर-सम्मान देते हैं।
उनके पुत्र से लगातार सम्पर्क बने रहने के दौरान ही आज शाम उनके देहान्त की ख़बर उनके पुत्र से ही मिली। इस दुख की घड़ी में मैं व पूरी पार्टी उनके व उनके परिवार के साथ है तथा उन्हें किसी भी प्रकार से हिम्मत नहीं हारना है बल्कि इस परिस्थिति का सामना करते हुये आगे बढ़ना ह���। कुदरत उन सभी लोगों को इस दुख को सहन करने की शक्ति दे।
1. जैसाकि मीडिया की ख़बरों से सर्वविदित है कि यूपी की वर्तमान सरकार ने, बी.एस.पी. सरकार द्वारा भदोही को राज्य मुख्यालय का दर्जा देते हुये संत रविदास नगर के नाम से नया ज़िला बनाया था और जिसे समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार ने अपनी संकीर्ण जातिवादी मानसिकता के तहत् बदल दिया था, इसे अ�� फिर से संत रविदास नगर ज़िला स्थापित कर दिया है, जिसके लिये पार्टी राज्य सरकार की आभारी है।
2. वास्तव में बी.एस.पी. की यूपी में रही चारों सरकारों में प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने व आम जनहित को बेहतर बनाने के मद्देनज़र अनेकों नये ज़िले, तहसील, विकास खण्ड तथा पुलिस ज़ोन व रेंज आदि बनाये गये और उनमें से कई ज़िलों के नाम दलित व अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) में समय-समय में जन्मे महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों के नाम पर रखे गये और इसी क्रम में संत रविदास नगर व छत्रपति शाहूजी महाराज नगर व भीम नगर आदि अनेकों नये ज़िले बने, जिनके नाम सपा सरकार ने केवल अपनी जातिवादी सोच, द्वेष व संकीर्ण राजनीति के कारण बदल दिये, जिसको लोग कभी भी भुला नहीं पायेंगे।
3. इतना ही नहीं बल्कि ब्रज क्षेत्र में कासगंज इलाके़ के समुचित विकास हेतु कासंगज को ज़िला मुख्यालय का दर्जा देते हुये मान्यवर श्री कांशीराम जी के नाम पर नया ज़िला बनाया गया, जिसका भी नाम सपा सरकार ने अपने पीडीए-पिछड़ा दलित व अक्लि़यत वि��ोधी रवैयों के कारण बदल दिया।
4. ऐसे में यूपी सरकार संत रविदास नगर की तरह ही, मान्यवर श्री कांशीराम जी व अन्य महापुरुषों के नाम पर बनाये गये नये ज़िलों के भी असली नाम बहाल कर दे तो यह उचित होगा और यह कार्य अगर मान्यवर श्री कांशीराम जी की दिनांक 9 अक्तूबर के परिनिर्वाण दिवस से पहले कर दिया जाये या उसी दिन ही कर दिया जाये तो बी.एस.पी. इसके लिये आभारी रहेगी।
सभी सम्मानित बूथ एवं सेक्टर के सम्मानित पदाधिकारियों,सम्मानित समर्थक साथियों से बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन में सादर आमंत्रण।
आइए, अपनी गरिमामयी उपस्थिति से संगठन को और मजबूत बनाएं।
बूथ करो मजबूत!
संगठन करो मजबूत!
बहुजन समाज पार्टी ज़िंदाबाद! आदरणीया बहन कु. मायावती जी ज़िंदाबाद!
बुद्ध की पावन नगरी कपिलवस्तु से व���नम्र निवेदन
आदरणीय भाई श्री आकाश आनंद जी, यदि मिशन 2027 के विधानसभा चुनावी अभियान का शुभारंभ कपिलवस्तु (303), सिद्धार्थनगर से हो, तो यह बहुजन समाज व कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करेगा
कपिलवस्तु परिवार आपके आगमन की प्रतीक्षा में है🙏
आदरणीया बहन कु. मायावती जी मेरे लिए सिर्फ एक राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि सम्मान, संघर्ष और प्रेरणा की प्रतीक हैं। उनका सम्मान सर्वोपरि है।
असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, ��ेकिन अपमान किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं।
जिनको इनका सम्मान नहीं, वे मेरी पोस्टों से दूरी बनाए रखें।
न्याय, सम्मान और अधिकार तभी मजबूत होंगे, जब समाज की लोकतांत्रिक भागीदारी मजबूत होगी।
**न्याय भी चाहिए, सम्मान भी चाहिए...
तो सत्ता में भागीदारी ज़रूरी है।
"सत्ता ही मास्टर चाबी है।"
आदरणीया बहन जी जिन्दाबाद..!
बहुजन समाज पार्टी जिन्दाबाद..!
#मिशनबसपा2027
समाजवादी पार्टी के प्रमुख एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा वर्तमान में सपा सांसद श्री अखिलेश यादव जी को आज उनके जन्मदिन पर उन्हें व उनके पर��वार वालों को हार्दिक बधाई एवं उनके अच्छे जीवन व लम्बी उम्र की शुभकामनायें।
"बिखरा हुआ समाज और बिखरा हुआ परिवार कभी भी बादशाह नहीं बन सकता लेकिन वह आपस में लड़ कर दूसरों को बादशाह बना देता है।"
~ बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी
#bsp I #india I #jaibhim
बहुजन समाज के सम्मान, स्वाभिमान और आंदोलन को बदनाम करने वाली खबरों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध होना चाहिए।
सभी बहुजन, अम्बेडकरवादी एवं बसपा समर्थक एकजुट होकर सत्य और न्याय के पक्ष में अप��ी आवाज़ बुलंद करें।
#BoycottDainikBhaskar
#JaiBhim
#BSP
#BahujanEkta
#Mission2027
"जिसकी बराबरी नहीं की जा सकती, उसकी बदनामी शुरू कर दी जाती है।
1984 से आज तक मीडिया ने BSP को जितना दबाने की कोशिश की, बहुजन समाज ने उतना ही मजबूती से उसे आगे बढ़ाया।
संघर्ष हमारी पहचान है, और जनता हमारा विश्वास।
#BSP#Mission2027#bahanMayawatiji#BahujanSamajParty
सबको देखा, सबको परखा,
सबका शासन ढीला है।
2027 में सरकार उसकी होगी,
जिसका हाथी वाला झण्डा नीला है।
सर्वजन हिताय • सर्वजन सुखाय
माननीया बहन कुमारी मायावती जी के नेतृत���व में
सुरक्षा, सम्मान, विकास और सामाजिक न्याय की नई पहचान।
जय बसपा। विजय बसपा। 🐘💙
#Mission2027 #Jaibsp
बसपा में पुराने नेताओं की घर वापसी बहुत तेजी से होने जा रहा है,
आप देखिएगा जो माहौल 2022 में समाजवादी पार्टी के लिए था उससे चार गुना ज्यादा माहौल बहुजन समाज पार्टी के लिए बनेगा 27 में और भाजपा हार��गी।