जय हिंद
भारत सरकार से अनुरोध है कि समस्त सुतार,लोहार,इलेक्ट्रिक कारीगर,प्लम्बर,पीओपी,एल्युमीनियम कारीगर,लोहे के कारीगर लोगो को भी इस लोक डाउन के दिनों में कुछ मदद की कोशिश करें ।इनके बैंक खातों की शोभा कौन बढ़ाएगा बिचारे भूखों मर रहे है कोई देखने वाला नही है।
मैं जानता हूँ कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। लाखों विद्यार्थी और उनके अभिभावकों के लिए बहुत ही पीड़ादायक है। और इसलिए, पेपर लीक की घटना से अब तक पिछले ढाई महीनों में अनेक कदम उठाए गए। गुनहगारों को पकड��ा गया है, वे जेल में पड़े हैं।
सरकार ने अपनी पूरी शक्ति का उपयोग करके कम से कम समय में 22 लाख विद्यार्थियों के एग्जाम हो जाएं, इसका प्रबंध किया। और अभी पांच-छह दिन पहले 19 तारीख को रिजल्ट भी आ गया। और देश भर में उत्तीर्ण हो ��ए विद्यार्थियों की खुशियों की खबरें भी आ रही हैं।
लेकिन हम यहां पर संतोष मानने वाले लोगों में से नहीं हैं, और इसलिए मैंने आज फास्ट-ट्रैक कोर्ट के लिए विभागों को निर्देश दिए थे। आज विभागों ने लगातार मेहनत करके देर रात मुझे मसौदा भी दे दिया। फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कठोर सजा के प्रावधान वाले इस मसौदे पर कल कैबिनेट में चर्चा होगी। कैबिनेट के साथियों के सुझाव के बाद उसका अंतिम रूप दिया जाएगा। और सो���वार से संसद का दूसरा सप्ताह शुरू हो रहा है, तब जल्द-से-जल्द इस बिल को सदन में पारित कराने का प्रयास किया जाएगा।
- प्रधानमंत्री श्री @NarendraModi जी NEET पेपर लीक पर देश के नाम जरूरी संदेश
जय हिंद
सर्वप्रथम मीडिया कर्मिय���ं को चाहिए कि जंतर मंतर का कवरेज बंद कर दे और सरकार को चाहिए कि इंटरनेट बंद कर दे ताकि देश के बाहर से आने वाले सपोर्ट समाप्त हो जाय तब प्रोटेस्ट बराबर चलेगा कोई दंगा नहीं होगा
@epanchjanya देश विरोधी नारे लगाने वालो को कभी भी सपोर्ट नहीं करना है
केवल पेपर लीक वाली बात होती तो जरूर सपोर्ट करता यहां तो देश के बच्चे आजादी के नारे लगा रहे है इस्लाम लागू कर रहे है 370 हटाने की बात कर रहे है प्रधान मंत्री जिनके 13वि की खाना खाने की बात कर रहे है भला कौन सा विद्यार्थी है
जय हिंद प्रभादेवी दक्षिण की तरफ से आना जाना भारी मुश्किल होता है कृपया रेलवे विभाग तुरंत अपना ध्यान केंद्रित करे।नो स्कूलेटर नो लिफ्ट कब होगा रेलवे का अमृत महोत्सव कैसे
जय हिंद
मुंबई DRM से निवेदन है प्रभादेवी रेलवे स्टेशन साउथ के तरफ से आने जाने वाले यात्रियों को भारी असुवि��ा का सामना करना पड़ता है क्योंकि वहां की सीढ़िया बहुत ही ऊंचाई वाली है और ना ही लिफ्ट की सुविधा ना ही स्कूलेटर की सुविधा है वयोवृद्ध नागरिक के लिए असहनीय वेदना का समाना करना
हिंदुओं को सो करने के लिए |
अगर बागेश्वर बाबा पैदल।यात्रा कर सकते हैं |
तो क्या हम हिंदू सोशल मीडिया से समर्थन नहीं कर सकते |
हिंदुओं साथ आओ और सोशल मीडिया से ताकत दुनिया को दिखाओ |