हरियाणा सरकार 2021 में CET पॉलिसी लेकर आई थी, जिसमें साफ कहा गया था कि सरकार हर साल CET करवाएगी और CET का स्कोर 3 साल तक मान्य रहेगा।
नवंबर 2022 में पहली बार Group-C का CET करवाया गया। लेकिन सरकार की गलत नीतियों और लगातार होने वाले कानूनी विवादों की वजह से यह प्रक्रिया लंबे समय तक कोर्ट में फंसी रही और 2023 में भी कोई भर्ती पूरी नहीं हो पाई।
इसके बाद सरकार ने 2023 में Group-D का CET करवाया और लगभग 13,500 पदों पर भर्ती की। 2024 में चुनाव के कारण जल्दबाजी में Group-C के Mains करवाए गए और लगभग 25,000 पदों पर भर्ती की गई। लेकिन आज भी 2022 वाले CET के आधार पर कुछ ऐसी vacancies बची हुई हैं, जिनके exam तक अभी pending हैं।
इसके बाद HSSC ने जुलाई 2025 में दोबारा CET करवाया, लेकिन आज तक उस CET के आधार पर एक भी भर्ती पूरी नहीं हुई है।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि HKRN की वजह से हरियाणा में नियमित सरकारी vacancies बहुत कम रह गई हैं। बड़ी संख्या में पद HKRN के तहत भरे जा रहे हैं, जबकि HKRN की चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। कई बार उम्मीदवारों को सिर्फ ईमेल या मैसेज के माध्यम से चयन की सूचना मिलती है और किसी स्पष्ट परीक्षा या मेरिट प्रक्रिया की जानकारी नहीं होती।
हरियाणा के लाखों युवा CET और सरकारी भर्तियों का इंतजार कर रहे हैं। सरकार ने हर साल CET करवाने और उसके आधार पर समय पर भर्तियां निकालने की बात कही थी, लेकिन वास्तविक स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत दिखाई दे रही है।
युवाओं का सवाल सीधा है—अगर CET हर साल होना था और उसका स्कोर 3 साल तक valid रहना था, तो जुलाई 2025 के CET के बाद अब तक ��क भी भर्ती पूरी क्यों नहीं हुई? सरकार को CET का स्पष्ट भर्ती कैलेंडर जारी करके बताना चाहिए कि 2025 CET के आधार पर कितनी vacancies आएंगी और उनकी भर्ती प्रक्रिया कब तक पूरी होगी।
सरकार का वादा था कि 5 साल में 250000 पक्की नौकरी देंगे 2 साल हो गए 1 भी नहीं दी है।