हम सब हनुमान चालीसा पढते हैं, सब रटा रटाया।
क्या हमें चालीसा पढ़ते समय पता भी होता है कि हम हनुमानजी से क्या कह रहे हैं या क्या मांग रहे हैं?
बस रटा रटाया बोलते जाते हैं। आनंद और फल शायद तभी मिलेगा जब हमें इसका मतलब भी पता हो।
तो लीजिए पेश है श्री हनुमान चालीसा अर्थ सहित!!
श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुरु सुधारि।
बरनऊँ रघुवर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।
《अर्थ》→ गुरु महाराज के चरण.कमलों की धूलि से अपने मन रुपी दर्पण को पवित्र करके श्री रघुवीर के निर्मल यश का वर्णन करता हूँ, जो चारों फल धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को देने वाला हे।
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरो पवन कुमार।
बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेश विकार।
《अर्थ》→ हे पवन कुमार! मैं आपको सुमिरन.करता हूँ। आप तो जानते ही हैं, कि मेरा शरीर और बुद्धि निर्बल है। मुझे शारीरिक बल, सदबुद्धि एवं ज्ञान दीजिए और मेरे दुःखों व दोषों का नाश कर दीजिए।
जय हनुमान ज्ञान गुण सागर, जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥1॥
《अर्थ 》→ श्री हनुमान जी! आपकी जय हो। आपका ज्ञान और गुण अथाह है। हे कपीश्वर! आपकी जय हो! तीनों लोकों,स्वर्ग लोक, भूलोक और पाताल लोक में आपकी कीर्ति है।
राम दूत अतुलित बलधामा, अंजनी पुत्र पवन सुत नामा॥2॥
《अर्थ》→ हे पवनसुत अंजनी नंदन! आपके समान दूसरा बलवान नही है।
महावीर विक्रम बजरंगी, कुमति निवार सुमति के संगी॥3॥
《अर्थ》→ हे महावीर बजरंग बली! आप विशेष पराक्रम वाले है। आप खराब बुद्धि को दूर करते है, और अच्छी बुद्धि वालो के साथी, सहायक है।
कंचन बरन बिराज सुबेसा, कानन कुण्डल कुंचित केसा॥4॥
《अर्थ》→ आप सुनहले रंग, सुन्दर वस्त्रों, कानों में कुण्डल और घुंघराले बालों से सुशोभित हैं।
हाथ ब्रज और ध्वजा विराजे, काँधे मूँज जनेऊ साजै॥5॥
《अर्थ》→ आपके हाथ मे बज्र और ध्वजा है और कन्धे पर मूंज के जनेऊ की शोभा है।
शंकर सुवन केसरी नंदन, तेज प्रताप महा जग वंदन॥6॥
《अर्थ 》→ हे शंकर के अवतार! हे केसरी नंदन! आपके पराक्रम और महान यश की संसार भर मे वन्दना होती है।
विद्यावान गुणी अति चातुर, राम काज करिबे को आतुर॥7॥
《अर्थ 》→ आप प्रकान्ड विद्या निधान है, गुणवान और अत्यन्त कार्य कुशल होकर श्री राम काज करने के लिए आतुर रहते है।
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया, राम लखन सीता मन बसिया॥8॥
《अर्थ 》→ आप श्री राम चरित सुनने मे आनन्द रस लेते है। श्री राम, सीता और लखन आपके हृदय मे बसे रहते है।
सूक्ष्म रुप धरि सियहिं दिखावा, बिकट रुप धरि लंक जरावा॥9॥
《अर्थ》→ आपने अपना बहुत छोटा रुप धारण करके सीता जी को दिखलाया और भयंकर रूप करके लंका को जलाया।
भीम रुप धरि असुर संहारे, रामचन्द्र के काज संवारे॥10॥
《अर्थ 》→ आपने विकराल रुप धारण करके.राक्षसों को मारा और श्री रामचन्द्र जी के उदेश्यों को सफल कराया।
लाय सजीवन लखन जियाये, श्री रघुवीर हरषि उर लाये॥11॥
《अर्थ 》→ आपने संजीवनी बुटी लाकर लक्ष्मणजी को जिलाया जिससे श्री रघुवीर ने हर्षित होकर आपको हृदय से लगा लिया।
रघुपति कीन्हीं बहुत बड़ाई, तुम मम प्रिय भरत सम भाई॥12॥
《अर्थ 》→ श्री रामचन्द्र ने आपकी बहुत प्रशंसा की और कहा की तुम मेरे भरत जैसे प्यारे भाई हो।
सहस बदन तुम्हरो जस गावैं, अस कहि श्री पति कंठ लगावैं॥13॥
《अर्थ 》→ श्री राम ने आपको यह कहकर हृदय से.लगा लिया की तुम्हारा यश हजार मुख से सराहनीय है।
सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा, नारद,सारद सहित अहीसा॥14॥
《अर्थ》→श्री सनक, श्री सनातन, श्री सनन्दन, श्री सनत्कुमार आदि मुनि ब्रह्मा आदि देवता नारद जी, सरस्वती जी, शेषनाग जी सब आपका गुण गान करते है।
जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते, कबि कोबिद कहि सके कहाँ ते॥15॥
《अर्थ 》→ यमराज,कुबेर आदि सब दिशाओं के रक्षक, कवि विद्वान, पंडित या कोई भी आपके यश का पूर्णतः वर्णन नहीं कर सकते।
तुम उपकार सुग्रीवहि कीन्हा, राम मिलाय राजपद दीन्हा॥16॥
《अर्थ 》→ आपनें सुग्रीव जी को श्रीराम से मिलाकर उपकार किया, जिसके कारण वे राजा बने।
तुम्हरो मंत्र विभीषण माना, लंकेस्वर भए सब जग जाना ॥17॥
《अर्थ 》→ आपके उपदेश का विभिषण जी ने पालन किया जिससे वे लंका के राजा बने, इसको सब संसार जानता है।
जुग सहस्त्र जोजन पर भानू, लील्यो ताहि मधुर फल जानू॥18॥
《अर्थ 》→ जो सूर्य इतने योजन दूरी पर है की उस पर पहुँचने के लिए हजार युग लगे। दो हजार योजन की दूरी पर स्थित सूर्य को आपने एक मीठा फल समझ कर निगल लिया।
प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहि, जलधि लांघि गये अचरज नाहीं॥19॥
《अर्थ 》→ आपने श्री रामचन्द्र जी की अंगूठी मुँह मे रखकर समुद्र को लांघ लिया, इसमें कोई आश्चर्य नही है।
दुर्गम काज जगत के जेते, सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥20॥
《अर्थ 》→ संसार मे जितने भी कठिन से कठिन काम हो, वो आपकी कृपा से सहज हो जाते है।
राम दुआरे तुम रखवारे, होत न आज्ञा बिनु पैसारे॥21॥
《अर्थ 》→ श्री रामचन्द्र जी के द्वार के आप.रखवाले है, जिसमे आपकी आज्ञा बिना किसी को प्रवेश नही मिलता अर्थात आपकी प्रसन्नता के बिना राम कृपा दुर्लभ है।
सब सुख लहै तुम्हारी सरना, तुम रक्षक काहू.को डरना॥22॥
《अर्थ 》→ जो भी आपकी शरण मे आते है, उस सभी को आन्नद प्राप्त होता है, और जब आप रक्षक है, तो फिर किसी का डर नही रहता।
आपन तेज सम्हारो आपै, तीनों लोक हाँक ते काँपै॥23॥
《अर्थ 》→ आपके सिवाय आपके वेग को कोई नही रोक सकता, आपकी गर्जना से तीनों लोक काँप जाते है।
भूत पिशाच निकट नहिं आवै, महावीर जब नाम सुनावै॥24॥
《अर्थ 》→ जहाँ महावीर हनुमान जी का नाम सुनाया जाता है, वहाँ भूत, पिशाच पास भी नही फटक सकते।
नासै रोग हरै सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा॥25॥
《अर्थ 》→ वीर हनुमान जी! आपका निरंतर जप करने से सब रोग चले जाते है,और सब पीड़ा मिट जाती है।
संकट तें हनुमान छुड़ावै, मन क्रम बचन ध्यान जो लावै॥26॥
《अर्थ 》→ हे हनुमान जी! विचार करने मे, कर्म करने मे और बोलने मे, जिनका ध्यान आपमे रहता है, उनको सब संकटो से आप छुड़ाते है।
सब पर राम तपस्वी राजा, तिनके काज सकल तुम साजा॥ 27॥
《अर्थ 》→ तपस्वी राजा श्री रामचन्द्र जी सबसे श्रेष्ठ है, उनके सब कार्यो को आपने सहज मे कर दिया।
और मनोरथ जो कोइ लावै, सोई अमित जीवन फल पावै॥28॥
《अर्थ 》→ जिस पर आपकी कृपा हो, वह कोई भी अभिलाषा करे तो उसे ऐसा फल मिलता है जिसकी जीवन मे कोई सीमा नही होती।
चारों जुग परताप तुम्हारा, है परसिद्ध जगत उजियारा॥29॥
《अर्थ 》→ चारो युगों सतयुग, त्रेता, द्वापर तथा कलियुग मे आपका यश फैला हुआ है, जगत मे आपकी कीर्ति सर्वत्र प्रकाशमान है।
साधु सन्त के तुम रखवारे, असुर निकंदन राम दुलारे॥30॥
《अर्थ 》→ हे श्री राम के दुलारे ! आप.सज्जनों की रक्षा करते है और दुष्टों का नाश करते है।
अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता, अस बर दीन जानकी माता॥३१॥
《अर्थ 》→ आपको माता श्री जानकी से ऐसा वरदान मिला हुआ है, जिससे आप किसी को भी आठों सिद्धियां और नौ निधियां दे सकते है।
1.) अणिमा → जिससे साधक किसी को दिखाई नही पड़ता और कठिन से कठिन पदार्थ मे प्रवेश कर.जाता है।
2.) महिमा → जिसमे योगी अपने को बहुत बड़ा बना देता है।
3.) गरिमा → जिससे साधक अपने को चाहे जितना भारी बना लेता है।
4.) लघिमा → जिससे जितना चाहे उतना हल्का बन जाता है।
5.) प्राप्ति → जिससे इच्छित पदार्थ की प्राप्ति होती है।
6.) प्राकाम्य → जिससे इच्छा करने पर वह पृथ्वी मे समा सकता है, आकाश मे उड़ सकता है।
7.) ईशित्व → जिससे सब पर शासन का सामर्थय हो जाता है।
8.)वशित्व → जिससे दूसरो को वश मे किया जाता है।
राम रसायन तुम्हरे पासा, सदा रहो रघुपति के दासा॥32॥
《अर्थ 》→ आप निरंतर श्री रघुनाथ जी की शरण मे रहते है, जिससे आपके पास बुढ़ापा और असाध्य रोगों के नाश के लिए राम नाम औषधि है।
तुम्हरे भजन राम को पावै, जनम जनम के दुख बिसरावै॥33॥
《अर्थ 》→ आपका भजन करने से श्री राम.जी प्राप्त होते है, और जन्म जन्मांतर के दुःख दूर होते है।
अन्त काल रघुबर पुर जाई, जहाँ जन्म हरि भक्त कहाई॥34।।
《अर्थ 》→ अंत समय श्री रघुनाथ जी के धाम को जाते है और यदि फिर भी जन्म लेंगे तो भक्ति करेंगे और श्री राम भक्त कहलायेंगे।
और देवता चित न धरई, हनुमत सेई सर्व सुख करई॥35॥
《अर्थ 》→ हे हनुमान जी! आपकी सेवा करने से सब प्रकार के सुख मिलते है, फिर अन्य किसी देवता की आवश्यकता नही रहती।
संकट कटै मिटै सब पीरा, जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥36॥
《अर्थ 》→ हे वीर हनुमान जी! जो आपका सुमिरन करता रहता है, उसके सब संकट कट जाते है और सब पीड़ा मिट जाती है।
जय जय जय हनुमान गोसाईं, कृपा करहु गुरु देव की नाई॥37॥
《अर्थ 》→ हे स्वामी हनुमान जी! आपकी जय हो, जय हो, जय हो! आप मुझपर कृपालु श्री गुरु जी के समान कृपा कीजिए।
जो सत बार पाठ कर कोई, छुटहि बँदि महा सुख होई॥38॥
《अर्थ 》→ जो कोई इस हनुमान चालीसा का सौ बार पाठ करेगा वह सब बन्धनों से छुट जायेगा और उसे परमानन्द मिलेगा।
जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा, होय सिद्धि साखी गौरीसा॥39॥
《अर्थ 》→ भगवान शंकर ने यह हनुमान चालीसा लिखवाया, इसलिए वे साक्षी है कि जो इसे पढ़ेगा उसे निश्चय ही सफलता प्राप्त होगी।
तुलसीदास सदा हरि चेरा, कीजै नाथ हृदय मँह डेरा॥40॥
《अर्थ 》→ हे नाथ हनुमान जी! तुलसीदास सदा ही श्री राम का दास है। इसलिए आप उसके हृदय मे निवास कीजिए।
पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रुप।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप॥
《अर्थ 》→ हे संकट मोचन पवन कुमार! आप आनन्द मंगलो के स्वरुप है। हे देवराज! आप श्री राम, सीता जी और लक्ष्मण सहित मेरे हृदय मे निवास कीजिए
हिंदू धर्म को लेकर झूठ फैलाने वाले राहुल गांधी को अपने गिरेबान में झांक कर देखना चाहिए। कैसे @RahulGandhi के ईसाई मजहब में आज भी महिलाओं को डायन और चुड़ैल बताकर मारा जाता है। देखें: https://t.co/bjS793qMiA
इन पुजारी की पूरी बात सुनिए l यह पुजारी पूजा शुरू करवाने से पहले कितनी वैज्ञानिकता के साथ पूजा पर ध्यान को एकत्रित करने की बात समझा रहे थे l जब ऐसे पढ़े लिखें लोग कथा वाचन और पूजा का काम करेंगे तो यकीनन विज्ञान और धर्म का बेहतर संबंध लोगों को समझा पाएंगे l और तब कोई फ्रिज में जमी हुई नार्मल बर्फ को शिवलिंग मानकर अन्धविश्वास को नहीं बढ़ाएगा l
अखिलेश यादव की हालत ऐसी हो गई है जैसे कोई व्यक्ति भूख से तड़प रहा हो। पेट पीठ से चिपक गया हो, सामने 56 भोग सजे हों, लेकिन वह एक निवाला तक न उठा सके।
हाथ आगे बढ़ता है, लेकिन अंदर का खौफ उसे वापस खींच लेता है। भारतीय राजनीति में शायद ही कभी किसी बड़े नेता के साथ ऐसी स्थिति देखने को मिली होगी।
पूरे नौ साल के लंबे इंतज़ार के बाद पहली बार उनके हाथ एक ऐसा मुद्दा लगा था, जो विपक्ष के लिए किसी सोने की खान से कम नहीं था।
ऐसा मुद्दा, जो सीधे जनता की भावनाओं, उनकी जेब और उनके भरोसे से जुड़ा है। लेकिन त्रासदी देखिए, अखिलेश यादव इस मुद्दे को देख सकते हैं, मन ही मन कुढ़ सकते हैं, परेशान हो सकते हैं, लेकिन खुलकर इसे उठाकर सरकार को घेरने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
यह कोई सामान्य राजनीतिक लाचारी नहीं है। यह ऐसा चक्रव्यूह है, जिसे उन्होंने और उनकी पार्टी ने अपने ही अतीत के फैसलों से तैयार किया है।
जब सामने रखा हुआ सीधा राजनीतिक फायदा भी आपकी मजबूरी बन जाए, तो समझ लीजिए कि पूरी बिसात पलट चुकी है।
अब देखिए, यह पूरा मामला किसी राज्य सरकार की प्रशासनिक विफलता या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कथित चूक का नहीं है। यदि ऐसा होता, तो अखिलेश यादव अब तक सड़कों पर उतर चुके होते और लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे होते।
यह मुद्दा सीधे जनता की आस्था से जुड़ा है। राम मंदिर के चंदे में कथित हेराफेरी और चोरी के जो आरोप सामने आए हैं, वे ऐसे आरोप हैं जिन पर स्वाभाविक रूप से लोग निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की अपेक्षा करते हैं।
लेकिन वीडियो में यह दावा किया गया है कि अखिलेश यादव इस विषय पर फ्रंट फुट पर आकर खुलकर राजनीति नहीं कर पा रहे हैं। उनके इस रुख को उनकी पार्टी के अतीत और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े पुराने राजनीतिक रुख से जोड़ा गया है।
वीडियो के अनुसार, यह मुद्दा समाजवादी पार्टी के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) राजनीतिक एजेंडे के सामने एक नई चुनौती बनकर खड़ा हो गया है।
वक्ता का दावा है कि अब उत्तर प्रदेश की राजनीति जातीय समीकरणों से आगे बढ़कर सनातन, हिंदुत्व और भगवान राम जैसे विषयों पर केंद्रित होती दिखाई दे रही है।
आपकी क्या राय है? 🤔👇 #RamMandir #UttarPradesh #Politics 🇮🇳
NSSO का 2020 का आंकड़ा बहुत चौकाने वाला है ।
110 करोड़ हिन्दू लगभग 80% आबादी, मंदिर 🎪 मात्र 5 लाख
🤷🤷
जिनमें से 4 लाख सरकारी नियंत्रण में हैं । 😳😳
30 करोड़ लगभग 19% मुस्लिमों के पास 7 लाख मस्जिद हैं ।
सभी सरकारी नियंत्रण से मुक्त हैं । 😡😡
देश में 3500 गुरुकुल के मुकाबले 3.5 लाख मदरसे हैं.....!
1.5% ईसाई आबादी के पास लगभग 75 हजार चर्च हैं ।
प्राचीन काल से ही मंदिर भारतीय अर्थव्यवस्था के बहुत बड़े स्रोत रहे हैं ।
आज भी हैं,, तिरूपति बालाजी मंदिर अपने पैसों से Road, Hospital, College सबकुछ बनवा रहा है ।
हमारे धर्म ग्रंथ कहते हैं "धर्मो रक्षित रक्षित"
लेकिन हम इस बात को भूल गये।
इसलिए हमारे मंदिर और गुरूकुल घटते चले गये ।
जो अपने मजहब पर अडिग रहे, वह आज हमसे अधिक मस्जिद और मदरसे बनाये बैठे हैं ।
उनकी Halal Economy आज आसमान छू रही है, जिससे जिहाद और आतंकवाद चल रहा है।
कांग्रेस नेता निखिल जैन ने #DoTook में मुझसे सवाल पूछा कि राम मंदिर की समर्पण राशि में चोरी हुई तो क्या एक हिंदू होने के नाते मुझे पीड़ा नहीं हुई।
सुनिए मेरा जवाब
BJP की कैंडिडेट रेखा पात्रा (संदेशखली की पीड़िता) को TMC के गुंडों ने अमित शाह की रैली से ठीक पहले गायब कर दिया था।
निशिकांत दुबे ने रैली से कुछ देर पहले शाह को बताया। शाह का जवाब? “मुझे उसका नंबर दो। रैली जारी रहेगी।”
कुछ ही मिनटों में, उनकी टीम ने उसकी लोकेशन ट्रेस कर ली, सिक्योरिटी भेजी गई, और रेखा पात्रा स्टेज पर वापस आ गईं।
एक बड़ी पॉलिटिकल रैली से पहले एक महिला कैंडिडेट का गायब होना पूरे देश को हिला देना चाहिए था।
फिर भी, लुटियंस मीडिया, जो डेमोक्रेसी को बचाने का दावा करते हैं, की चुप्पी बहरा कर देने वाली थी।
देहरादून
इम्तियाज अली अपने 25- 30 साथियों और अपने परिवार की महिलाओं के साथ भाजपा युवा मोर्चा के नेता विनोद कुमार पर धावा बोलता है
फ़ावड़ा से बेलचा शॉवेल से और हथौड़ियों से 50 की संख्या में मुसलमान विनोद कुमार पर टूट पड़ते हैं और उनकी मोब लिंचिंग करके क्रूर हत्या कर दी जाती है
लेकिन जो माहौल किसी मुसलमान के मोब लिंचिंग पर बना दिया जाता है मतलब राहुल गांधी अखिलेश यादव सहित पूरा विपक्ष ट्वीट करता है घटनास्थल पर जाता है मामले को पूरी दुनिया में उठता है
अब सब चुप है
क्योंकि मुसलमानो की भीड़ ने एक हिंदू का मोब लिंचिंग किया है
पुष्कर सिंह धामी @pushkardhami जी सभी आरोपियों का एनकाउंटर होना चाहिए बुलडोजर एक्शन होना चाहिए और देहरादून को इन जेहादियों से आजाद करवाइए
बस इस पाकिस्तानी हिंदू लड़की की हालत को देखिए, जिसका मुसलमानों ने सामूहिक बलात्कार किया। उसकी आवाज़ में मौजूद डर, दर्द और लाचारी दिल दहला देने वाले हैं। किसी भी इंसान को ऐसी भयावहता का सामना नहीं करना चाहिए।
दशकों से, पाकिस्तान की हिंदू समुदाय एक असुरक्षित अल्पसंख्यक के रूप में जी रहा है। हिंदू लड़कियों के अपहरण, यौन उत्पीड़न, जबरन धर्मांतरण और विवाह के लिए मजबूर करने की रिपोर्ट चिंताजनक नियमितता के साथ सामने आती रहती हैं। कई हिंदू परिवार अपनी बेटियों की सुरक्षा और भविष्य के लिए लगातार डर में जीते हैं।
विभाजन के समय, अब पाकिस्तान के क्षेत्र में हिंदू आबादी का एक महत्वपूर्ण प्रतिशत थे। आज, वे केवल एक छोटा सा अल्पसंख्यक हैं। हिंदुओं के खिलाफ उत्पीड़न और भेदभाव की जारी रिपोर्ट तत्काल अंतरराष्ट्रीय ध्यान की हकदार हैं।
दुनिया कमजोर अल्पसंख्यकों के पीड़ित होने पर चुप नहीं रह सकती। मानवाधिकार धर्म, राष्ट्रीयता या राजनीतिक सुविधा पर निर्भर नहीं होने चाहिए।
मैं दुनिया भर के विवेकशील लोगों, मानवाधिकार संगठनों, सरकारों और धार्मिक नेताओं से अपील करता हूँ कि पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं के अधिकारों, गरिमा और सुरक्षा के लिए आवाज़ उठाएँ। चुप्पी अन्याय को और सशक्त बनाती है।
@PakistanJannatt@ForumStrategic@PakistanJannatt@GovtofPakistan@PresOfPakistan@RadioPakistan@UNHumanRights@UN
कल बिजनौर में पाकिस्तान से आए लगभग सोलह सौ हिंदू परिवारों को उत्तर प्रदेश सरकार ने परमानेंट जगह दे दी |
यह वही हिंदू परिवार हैं जो पाकिस्तानी मजहबियों से जान बचाए हुए भारत में शरण लिए हुए थे |
सरकार ने बहुत शानदार काम कर है | अब लग रहा है कि हमारी मेहनत सफल हो रही हैं | 🫡
आप पूरी सच्चाई जानिये कि अभिषेक बैनर्जी गांव की महिलाओं ने हमला क्यों किया
अभिषेक बनर्जी के आने से पहले ही सभी महिलाएं अंडा लेकर खड़ी थी और उन्होंने मीडिया से कहा कि अगर अभिषेक यहां से गुजरेगी तो हम उसको छोड़ेंगे नहीं
दरअसल अभिषेक बैनर्जी जिस व्यक्ति के मरने पर शोक प्रकट करने गए थे वह इलाके का बहुत बड़ा गुंडा था 20 से ज्यादा महिलाओं के साथ छेड़खानी कर चुका था और महिलाएं खुद बता रही थी कि वह गांव की एक लड़की को लेकर भाग गया था उसे अपने साथ रखा था उससे शादी भी नहीं कर रहा था
इस हमले में कोई राजनीति नहीं है
गांव वालों का गुस्सा तृणमूल कांग्रेस और अभिषेक बनर्जी पर था की वह क्यों गुंडागर्दी को बढ़ावा दे रहे हैं
अमित शाह साहब ने जब कहा कि धारा तीन सौ सत्तर हटा देंगे तो सब खुश्की उड़ा रहे थे |
अमित शाह ने कहा कि बंगाल जिता दो घुसपैठियों को भगा देंगे तो लोगों ने मजाक उड़ाया |
आज ना धारा तीन सौ सत्तर बची है और ना ही घुसपैठियों का कॉन्फिडेंस बचा है तो सिर्फ अमित शाह का जोश | 🚩
भारत -बांग्लादेश बॉर्डर पर स्थित हिंदू नामों वाले 8 गांव नियमानुसार भारत में शामिल हुए।
इस पर बांग्लादेश बॉर्डर की सेना ने एतराज जताया तो BSF ने अनुबंध एवं नियमों का हवाला दिया।
ये 8 ग्रामवासी स्वेच्छा से भारत में शामिल हुए हैं।
इनका रोजगार एवं रोटी -बेटी का रिश्ता भारत से है।
33 साल 331 दिन में जो लेफ्ट नहीं कर पाया
22 साल 156 दिन में जो कॉंग्रेस नहीं कर पाई
14 साल 352 दिन में जो ममता नहीं कर पाईं
वो बीजेपी राज में 19 दिन में हो गया
छा गए सुवेंदु
107 साल का इतिहास बदल डाला..