मा. प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा नमक खाने के एवज में वोट मांगना न केवल गरीबों का अपमान है अपितु लोकतंत्र की कीमत भी। क्या उन्हें नहीं मालूम कि वह जो नमक या कुछ भी खाते हैं वह भी देश की जनता की गाढ़ी कमाई का ही है। यदि उन्हें नमक की कीमत पता होता तो सरकारी संस्थानों को बेचते नहीं।