2nd ग्रेड में 62% पद वृद्धि - मामला कोर्ट में
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फॉर्म Re-Open करना RPSC के अधिकार क्षेत्र में आता है, लेकिन हठधर्मिता के अलावा कुछ नहीं !
माननीय हाईकोर्ट पर भरोसा है न्याय होगा !
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इस लड़ाई को लड़ने वाले विद्यार्थी - दीपिका वर्मा, सुनील माली, केशव, वीरेंद्र, सीताराम, गोविंद दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, CMO जाना हो, नेताओं से मिलना, सचिवालय में अधिकारियों से मिलना और RPSC जाकर अपनी बात रखना आपका प्रयास काबिले तारीफ है .... हार- जीत जो भी होगी देखा जाएगा !
आप सभी विद्यार्थियों से मेरा अनुरोध है,अगर आप इनके साथ नहीं जा सकते तो कम से कम घर बैठे सोशल मीडिया पर इनका साथ दीजिए,टाँग खींचने की बजाय इनका हौसला अफजाई कीजिये, मुझे भरोसा है आप प्रत्यक्ष - अप्रत्यक्ष साथ देंगे ।
कल शाम को जयपुर आवास पर द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2025 में पद वृद्धि की मांग को लेकर छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने मुझसे मुलाकात कर ज्ञापन दिया |
ज्ञापन के माध्यम से यह अवगत करवाया कि द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2025 में RPSC द्वारा पहले 17 जुलाई 2025 को लगभग 6500 पदों पर विज्ञापन जारी किया गया था। अब परीक्षा से कुछ दिन पूर्व लगभग 4037 पदों की वृद्धि की गई है, जो कुल पदों में 50 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि इस मध्य अनेक छात्र बी.एड. अंतिम वर्ष उत्तीर्ण कर भर्ती हेतु पात्र हो चुके हैं, लेकिन उन्हें आवेदन का अवसर नहीं मिल पाया। अभ्यर्थियों के अनुसार यदि पात्र अभ्यर्थियों को आवेदन का अवसर ही नहीं मिलेगा, तो पद वृद्धि का उद्देश्य भी अधूरा रह जाएगा और कई सीटें रिक्त रहने की संभावना बनेगी।
अत: प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
से अपील है कि इस विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2025 के आवेदन पुनः (Re-open) खोलने की मांग का सकारात्मक हल निकालने हेतु RPSC को निर्देशित करें |
@RajCMO
जब पद बढ़े हैं, तो अवसर भी बढ़ने चाहिए।
वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2025 में 6500 से बढ़ाकर 10537 पद (62% वृद्धि) किए गए हैं। नई श्रेणियाँ भी जोड़ी गई हैं, फिर भी ऑनलाइन आवेदन (Form Re-open) दोबारा शुरू नहीं किए गए।
इससे लाखों नए बी.एड. डिग्रीधारी अभ्यर्थी आवेदन से वंचित हो रहे है!
सरकार एवं आयोग से माँग है कि ऑनलाइन आवेदन पुनः शुरू (Form Re-open) किए जाएँ।
हर पात्र अभ्यर्थी को समान अवसर मिलना ही न्यायसंगत और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की पहचान है।
@BhajanlalBjp@RajCMO@madandilawar@RPSC1
#2nd_ग्रेड_फॉर्म_रिओपन_किजिए
#NirmalChoudhary
राजस्थान लोक सेवा आयोग : वरिष्ठ अध्यापक भर्ती 2025 से जुड़ा मामला।
राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा वरिष्ठ अध्यापक भर्ती 2025 का नोटिफिकेशन 17 जुलाई 2025 को जारी किया गया था, जिसके महज 4 दिन बाद यानि 21 जुलाई 2025 को सरकार की ओर से भर्तियों में पद बढ़ाने की सीमा 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत कर दी गई। यानि 21 जुलाई 2025 से पहले की भर्तियों में यह नियम था कि अगर किसी भी भर्ती में उस भर्ती के पदों की कुल संख्या के 50% से ज्यादा पदों पर वृद्धि होती है तो उस भर्ती की आवेदन प्रक्रिया पुनः खोली जाएगी।
सरकार का 100% पद बढ़ाने का यह नया नियम 21 जुलाई 2025 को जारी किया गया था जो 21 जुलाई 2025 से लागू हुआ, जबकि वरिष्ठ अध्यापक भर्ती 2025 का नोटिफिकेशन 17 जुलाई को आयोग द्वारा जारी किया गया।
ऐसे में अभ्यर्थियों की मांग है कि वरिष्ठ अध्यापक भर्ती 2025 में आवेदन हेतू पॉर्टल रि-ऑपन किया जाए क्योंकि नया नियम इस भर्ती पर लागू नहीं हो सकता।
• आदरणीय @alokrajRSSB जी प्लीज़ अध्यापक भर्ती-2025 लेवल-1 व लेवल-2 में डिलीट और आंसर चेंज क्वेश्चन के बारे में अपडेट साझा करें।
• अभ्यर्थी इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद है आप जल्द ही इस बारे में अवगत कराएंगे। प्लीज़...!
@educationnagari
धन्यवाद नागौर और बाड़मेर 🫡🫡🫡🫡🫡
ओएमआर घोटाला सामने आये ,CBI जाँच हो सभी भर्तियों की और बड़ा मगरमच्छ पकड़ा जावें ।।
PTI जाँच रिपोर्ट सबमिट हो वंचित को न्याय मिले
रोस्टर समस्या दूर हो
सामान्यीकरण बंद हो एक पारी में ही सभी एग्जाम हो जैसे एक दिन में चुनाव होते है उसी प्रकार ।।
वोट लेने वाले युवाओं के सपनों के रक्षक बने
RPSC और अधीनस्त बोर्ड को तुरंत भंग करे:~ राजेंद्र कड़वासरा
4th ग्रेड भर्ती की भी CBI जाँच हो क्योकि इस भर्ती में बड़ा घोटाला हुआ है…!!!
#OMR_घोटाला_मांगे_CBI_जांच#OMR_का_खेल_बंद_करो
बाड़मेर को फिर से सलाम 🙌
पहले सुनते थे लू पश्चिम राजस्थान से आती है, अब देखते हैं हर मांग की आवाज पश्चिमी राजस्थान से ही उठती है,,,
#OMR_घोटाला_मांगे_CBI_जांच
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में ओएमआर शीट बदलने वाले गिरोह के पकड़े जाने के 5 दिन बीत चुके हैं, लेकिन राज्य सरकार की रहस्यमयी चुप्पी चिंताजनक है।
हमारी सरकार ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आजीवन कारावास, 10 करोड़ जुर्माना और दोषियों की संपत्ति ज़ब्त जैसा देश का सबसे सख्त कानून बनाया और बिना किसी भेदभाव के RPSC सदस्य तक को जेल की सलाखों के पीछे भेजकर नजीर पेश की। हमने गड़बड़ी मिलने पर कभी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़कर केवल पूर्ववर्ती सरकारों पर दोष नहीं मढ़ा, बल्कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की।
अब 'जीरो टॉलरेंस' का दावा करने वाली भाजपा सरकार बताए कि वह अपने कार्यकाल (2024-25) के दौरान हुई परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच करवाने की घोषणा करने से क्यों बच रही है? क्या भाजपा सरकार युवाओं के साथ न्याय नहीं करना चाहती है?