स्वामीप्रसाद मौर्य के मुताबिक, सनातन धर्म की पुस्���कें महिला में भेदभाव करती है। इसलिए इस्लाम को अपनाओ, यहां महिला में कोई भेदभाव नहीं है, बहन ही पत्नी है और पत्नी ही माँ है। चूंकि मौर्य सपा नेता है तो कह सकते हैं कि हिंदुओं में फूट डालकर मुस्लिमों को अपने पक्ष में करना है।
मथुरा-वृन्दावन विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित कैलाश नगर (वृन्दावन) को जाने वाले तीन रास्तों में एक कच्चा है जोकि कॉलोनी के लोगों के साथ धोखा है जबकि दूसरा रास्ता सकरा और टूटा-फूटा है। अब यह कॉलोनी नगरनिगम के अधीन आ गई है। @NVrindavan ध्यान दे।
@dmmathura7512 @myogioffice
कितने हिन्दू हैं जो 75 रुपए में बिकेंगे? पक्का सनातनी कतई नहीं जाएगा, ऐसा मेरा विश्वास है। गोरों की मुफ्त चाय का खामियाजा गुलामी की बेड़ियां पाकर मिला। अब इनके जाल में न फंसकर बॉलीवुड के खिलाफ शुरू हुये अभियान को कुंद नहीं पड़ने देना है, अंजाम तक ले जाना है।
@Chandreshdixit_
शेर का मुंह खुलने के बाद से ED भी दहाड़ मारकर घूम रहा है।
लेकिन भाजपा नेताओं की कोठियों के आस-पास से बिल्ली बनकर निकल जा रहा है। वहां की इजाजत नहीं या फिर सब गंगा नहा लिए हैं। राजस्व को खाने वाले कीड़े तो सभी जगह हैं, कोस कोस पर हैं तो क्यों न जिला स्तर पर ED के दफ्तर खोल दें।
आम आदमी पार्टी ने आजादी के नायकों का बदल डाला इतिहास।
1950 में जन्मे बांग्लादेश के ��स्लामिक स्कोलर को बताया स्वतंत्रता सेनानी।
दिल्ली के जामिया नगर में लगाया होर्डिंग, अधिकतर मुस्लिम नेताओं को दी जगह।
@Chandreshdixit_
कक्षा एक में प्रवेश लेने के दौरान ही कॉलम में पांच साल के बच्चे को अपनी जात बतानी पड़ती है। 'विशेष वर्ग' को प्रमाण पत्र भी बनवाना पड़ता है। ऐसा कॉलम बनाने वाली कांग्रेस आज सेना में जा��ि पर बवाल मचा रही है। राजनीति में सेना को घसीटना विपक्ष की आदत बन गई है।
@Chandreshdixit_
#बसपा और #सपा ने अपने शासनकाल में एक-एक एक्सप्रेस-वे बनवाया जबकि #भाजपा ने दो एक्सप्रेस-वे बनाकर #डबल_इंजन सरकार का होना सार्थक किया है। एक्सप्रेस-वे बनने से पूर्वी उत्तर प्रदेश दिल्ली-एनसीआर के साथ पश्चिम यूपी से जोड़ना सहायक साबित होगा। @PMOIndia
सवाल :- यमुना नदी कहाँ से निकलती है और कहां जाकर मिलती है?
जवाब :- यमुना नदी उत्तरकाशी से निकलती है और दिल्ली में आकर खत्म हो जाती है!
@Chandreshdixit_
@rahulagrawal97@Chandreshdixit_ अम्बेडकर के बौद्ध धर्म को अपना लेने के बाद लाखों लोग उनके पीछे बौद्ध धर्म में चले गए। हिन्दू धर्म छोड़कर गए, अफसोस होगा, लेकिन दुखद यह है कि वहां से ईसाई धर्म में ��रिवर्तित हो गए। अगर हिन्दू धर्म में कुरीतियां थीं तो बौद्ध धर्म क्यों छोड़ा? धर्म है या कोई कपड़ा। जब चाहें बदल दिया
हिन्दू धर्म में कुरीतियां बताकर बौद्ध धर्म में गए भीमराव अंबेडकर इतने पढ़े लिखे थे तो धर्म चुना ही क्यों? बिना किसी धर्म के जीवन नहीं गुजार सकते थे? या हिन्दू धर्म को नीचा दिखाने के लिए उन्होंने यह साजिश रची!
@Chandreshdixit_
जाट छोड़ रहे साथ तो जाटवों पर डोरे डाल रहे जयंत।
विधायकों से निधि का 35 फीसदी से अधिक पैसा दलितों पर खर्च करने के आदेश।
विधानसभा चुनाव ��ें करारी शिकस्त के बाद राष्ट्रीय लोकदल ने बदला जातिगत स्टैंड?
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