SC ST वालों की असली लड़ाई उन अमीर और संपन्न दलित जातियों और लोगों से है जो आरक्षण की पूरी मलाई खा जाते हैं।
ये अमीर SC ST वाले ही गरीब दलितों के दुशमन हैं।
बेचारे गरीब SC ST वाले लोग तो कल भी आरक्षण से अंजान मजदूरी करते थे और आज भी कर रहे हैं।
यही है वो बामन, जो केवल 15% सवर्णों को कांच के कप में और 85% बहुजनों को "कुल्हड़" में चाय पिलाता है और करोड़ो कमाता है..
बहुजन इस बामन की दुकान पर चाय क्यों पीते हैं ?
अभिजीत दीपके
आशुतोष रांका
सौरव दास
ये कोई साधु संत नहीं हैं बल्कि इनकी अपनी खुद की राजनीतिक महत्वाकांक्षा है और उसी के लिए मेहनत कर रहे हैं।
ये कहना है सोनम वांगचुक का।
ये बातें तो उसी दिन से स्पष्ट हो गई थीं जब अभिजीत दीपके एयरपोर्ट पर लैंड हुआ था और नेता लोग ऐसे ही बनते हैं चाहे वो
किसी प्रोटेस्ट का सहारा लें या फिर किसी अन्य मुद्दे का सबका मकसद सिर्फ एक होता है नेता बनना और यही अंतिम सत्य है।
@awesh29 यहाँ भी मिलावट कर दी नालायको , जब श्वेता सिंह की आवाज़ आती है तो बैकग्राउंड में प्रकृति की नेचुरल आवाज़ आ रही है. और जब वो व्यक्ति बोलता है तब स्टूडियो रिकॉर्डिंग जैसी आवाज़ आ रही है. साउंड वीडियो से अलाइन नहीं हो पा रहा है. 😄😄😄😄
@awesh29 यहाँ भी मिलावट कर दी नालायको , जब श्वेता सिंह की आवाज़ आती है तो बैकग्राउंड में प्रकृति की नेचुरल आवाज़ आ रही है. और जब वो व्यक्ति बोलता है तब स्टूडियो रिकॉर्डिंग जैसी आवाज़ आ रही है. साउंड वीडियो से अलाइन नहीं हो पा रहा है. 😄😄😄😄
@SamarRaj_ यहाँ भी मिलावट कर दी नालायको , जब श्वेता सिंह की आवाज़ आती है तो बैकग्राउंड में प्रकृति की नेचुरल आवाज़ आ रही है. और जब वो व्यक्ति बोलता है तब स्टूडियो रिकॉर्डिंग जैसी आवाज़ आ रही है. साउंड वीडियो से अलाइन नहीं हो पा रहा है. 😄😄😄😄
मिलिये मेरी नई बहन से, इनका भाई नहीं है, इन्होने मुझे अपना भाई बनाने का अनुरोध किया है, इनका नाम सोनम है, कई सालों से मैं इन से फल खरीदता हूं, रिश्ते खून के ही नहीं, आदर और सम्मान के भी होते हैं
Meet my new sister, she doesn't have a brother, she requested me to be her brother,
मुस्लिम -
मेरी जमीन को माफियाओ ने कब्जा लिया था
मेरा बेटा योगीजी के दरबार में गया वहां उसे चाय नास्ता बिस्किट मिला
और खुदा कसम 24 घंटे के अंदर बुलडोज़र आया और मेरी जमीन मुझे वापस कर दी गयी..
मुख्यमंत्री हो तो योगीजी जैसा हो..
अब दलाल छाती पीटेंगे 🔥
सोनम वांगचुक :- मैं आंदोलन से सम्मानजनक तरीके से बाहर निकलना चाहता था।
हमारी योजना 20 जुलाई को संसद तक मार्च करके आंदोलन वापस लेने और इस मुद्दे को विपक्ष को सौंपने की थी।
आशुतोष रांका ने कहा कि मार्च में 10000 लोग शामिल हो सकते हैं, जबकि सौरव दास ने कहा कि संख्या 15000 हो सकती है।
उन्होंने मुझे मार्च के लिए व्हीलचेयर की पेशकश की। मैं चाहता था कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी मेरा अनशन खत्म कराएं
मुझे यह पता नहीं चला कि इन लोगों ने पॉलीटिकल पार्टी के नेताओं से बात करके लाखों लोगों की भीड़ इकट्ठा कर ली है और वह भीड़ हिंसा करने वाली है पुलिसकर्मियों पर पथराव करने वाली है या गंदे गंदे गालियां देने वाली है
मेन बात है वांगचुक है राहुल गांधी का आदमी और काकरोच है केजरीवाल के ये लोग आपस में ही लड़ रहे हैं 🤣
गोरखपुर के प्रतीक त्रिपाठी बेटी पढ़ाओ की नई स्कीम चला रहे हैं।
स्कूल की लड़कियों को पढ़ा रहे हैं खर्चा उठा रहे हैं शहर में कमरा दिलाने का वादा भी।
दसवीं की एक लड़की को इसी तरह ब्लैकमेल करके, 4 महीने यौन शोषण कर चुके हैं,मना कर रही है फिर भी धमका रहे हैं।
"शुद्धिकरण मुस्लिम धार्मिक नारे लगाने पर हुआ, जाति पर नहीं।
मैं खुद दलित हूँ।"
वह जगह रामलीला मैदान है वहां अल्लाह हू अकबर के नारे लगाए गए
हल्द्वानी मामले में इस दलित युवक ने इकोसिस्टम के 'जातिवाद' वाले प्रोपेगेंडा को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। हिंदू एकजुट है!
क्या अब लिबरल गैंग इस दलित भाई पर भी SC/ST एक्ट लगाएगा? 🚩