माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष, भीम आर्मी चीफ एवं नगीना से लोकप्रिय सांसद भाई चंद्रशेखर आज़ाद जी के विचारों, संघर्ष और सामाजिक न्याय के मिशन से प्रेरित होकर जनपद गौतम बुद्ध नगर से बसपा के जिला उपाध्यक्ष भाई हरिश्चंद्र गौतम जी ने अपने सैकड़ों साथियों के साथ माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष भाई चंद्रशेखर आज़ाद जी के नेतृत्व में आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) की सदस्यता ग्रहण की।
इस अवसर पर पार्टी के उत्तर प्रदेश कोर कमेटी सदस्य भाई दिनेश आज़ाद जी, गौतम बुद्ध नगर जिला सलाहकार भाई डॉ. भारत भूषण जी, भाई ओमप्रकाश मधुर जी (एडवोकेट), जिला कोषाध्यक्ष भाई अरविंद कुमार जी सहित वरिष्ठ पदाधिकारीगण एवं समर्पित कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने नवसदस्यों का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) का यह निरंतर बढ़ता हुआ परिवार सामाजिक न्याय, समानता एवं भारतीय संविधान की रक्षा के लिए एक सशक्त जनआंदोलन का स्वरूप ले रहा है। पार्टी का उद्देश्य एक समतामूलक समाज की स्थापना करना है, जहाँ प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर, सम्मान और न्याय प्राप्त हो।
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) भाई हरिश्चंद्र गौतम जी एवं उनके सभी नवआगंतुक साथियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करती है तथा सामाजिक परिवर्तन, सामाजिक न्याय और और उन्हें सामाजिक बदलाव के इस आंदोलन में सहभागी बनने के लिए बधाई देती है।
जय भीम | जय भारत | जय संविधान | जय भाईचारा।
राजस्थान के डांगावास हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मेरी बात हुई। 11 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद 5 अगस्त को आए फैसले से वे बेहद आहत हैं। उनकी एक ही पीड़ा है यदि सभी 40 आरोपी बरी हो गए, तो फिर उनके 5 परिजनों सहित कुल 6 लोगों की हत्या किसने की?
वर्ष 2015 में राजस्थान के नागौर जिले के डांगावास गांव में हुए इस जघन्य हत्याकांड में 5 दलितों सहित कुल 6 लोगों की नृशंस हत्या हुई, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था। अब एससी-एसटी विशेष अदालत द्वारा सभी 40 आरोपियों को संदेह का लाभ देकर बरी किए जाने से पीड़ित परिवार स्वयं को न्याय से वंचित महसूस कर रहा है।
यह केवल एक परिवार का मामला नहीं है। इस फैसले ने पूरे क्षेत्र, विशेषकर दलित समाज के लोगों के बीच असुरक्षा और न्याय व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। लोगों के मन में यह सवाल है कि यदि इतनी बड़ी घटना में भी दोषियों की जवाबदेही तय नहीं हो पाती, तो पीड़ितों को न्याय कैसे मिलेगा और कानून के प्रति विश्वास कैसे कायम रहेगा?
डांगावास का फैसला उन पुराने जख्मों को फिर ताज़ा कर गया है, जो लक्ष्मणपुर बाथे जैसे नरसंहारों ने दलित समाज को दिए थे। वर्ष 1997 में बिहार के लक्ष्मणपुर बाथे में 58 दलितों का नरसंहार किया गया था, जिसमें 27 महिलाएं और 16 मासूम बच्चे भी शामिल थे। वर्षों बाद उस मामले में भी सभी आरोपी बरी हो गए। आज देश जानना चाहता है कि यदि सभी आरोपी निर्दोष हैं, तो इन निर्दोष लोगों की हत्या आखिर किसने की?
परिवार ने बताया है कि वे इस फैसले को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। हम न्यायपालिका का सम्मान करते हैं, लेकिन न्याय की इस लड़ाई में पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं। हमें विश्वास है कि राजस्थान हाईकोर्ट में मामले के सभी तथ्यों की निष्पक्ष समीक्षा होगी और पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा।
कुछ तो है बात चंद्रशेखर आज़ाद में।
यूं ही नहीं हर पीड़ित शोषित साथ में।।
दिल इंसानियत से जिनका आबाद है।
वो इस दौर के चंद्र शेखर आजाद हैं।।
जन हित के लिए बढ़ा रहे हर कदम।
उनके हर कदम क्रांति का आगाज़ हैं।।
@BhimArmyChief@AzadSamajParty@rampanwar213
पेपर लीक और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर कल जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के दौरान हुई सरकारी बर्बरतापूर्ण कार्रवाई तथा जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर चलाने के आदेश के विरोध में भीम आर्मी–आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) 25 जुलाई को पूरे देश के जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन देगी।
परम पूज्य बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी एवं मान्यवर कांशीराम साहब जी की विचारधारा 'बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय' को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की संगठनात्मक मजबूती हेतु 'आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) राजस्थान' के निम्नलिखित साथियों को नियुक्त किया जाता है।
प्रदेश में अपराधियों के हौसले सातवें आसमान पर है, कानून नाम का कोई डर-भय नहीं है।
र्बरतापूर्ण मारपीट का यह दृश्य करौली जिले का है जहां एक गरीब दलित मजदूर मजदूरी कर घर लौट रहा था तब उसके साथ यह बर्बरता की गई!
यह जघन्य कांड भाजपा सरकार की कानून व्यवस्था पर करारा तमाचा है।
यह वीडियो न सिर्फ Rajasthan Police की नाकामी दिखाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि प्रदेश की कमान उन हाथों में है जो अपराधियों के आगे पूरी तरह से नतमस्तक हो चुके हैं।
@RajCMO@PoliceRajasthan
दूसरों के जीवन के गहरे राज़ उजागर करने का दावा करने वाले ढोंगी बाबा, आज राम के नाम पर हुए इतने बड़े घोटाले के दोषियों का नाम बताने से क्यों डर रहे हैं? 'जान के खतरे' का बहाना बनाकर नाम लेने से बचने का स्वांग रच रहे हैं। जब ईश्वर की पर्ची के नाम पर इतना बड़ा धार्मिक व्यापार खड़ा कर दिया, तो आज ईश्वर के घर में हुई इस कथित लूट पर बाबा के चमत्कारिक दावे कहाँ गायब हो गए?
सच तो यह है कि चमत्कार के नाम पर सदियों से जनता को मूर्ख बनाया जाता रहा है। अब लोगों को समझ जाना चाहिए कि न्याय धर्मग्रंथों या पर्चियों से नहीं, बल्कि देश के संविधान, कानून और पुलिस की जांच से ही मिलेगा।
50 प्रतिशत महिला आरक्षण की सदन में मांग उठाने वाला देश का एकमात्र सांसद होने के नाते अपने भाई के आवास पर पहुँची महिला शक्ति के नाम मेरा संदेश—
महिलाओं की बराबरी और राजनीतिक हिस्सेदारी की लड़ाई बहुत पुरानी, हमारे वैचारिक महापुरुषों ने इसकी मजबूत नींव रखी थी।
संविधान निर्माता परम पूज्य बाबा साहेब ने महिलाओं को संपत्ति का अधिकार, विवाह और तलाक में अधिकार, निजी जीवन में अधिकार दिलाने के साथ ही हिन्दू कोड बिल के माध्यम से समानता और गरिमा दिलाकर ऐतिहासिक परिवर्तन किया था।
उसी विचार को आगे बढ़ाते हुए मेरे लिए महिलाओं के लिए 50% आरक्षण की मांग, सामाजिक न्याय का सवाल है न कि केवल राजनीतिक एजेंडा।
“मैं और हमारी पार्टी देश की सभी माताओं-बहनों को आश्वस्त करना चाहते हैं जिस दिन आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) संसद में मज़बूत ताकत बनेगी महिलाओं के लिए 50% आरक्षण लागू कराने का पूरा प्रयास करेंगे और तब तक संघर्ष करेंगे, जब तक इसे लागू नहीं करा देते।”
जब तक देश की आधी आबादी को सत्ता, नीति निर्माण और प्रतिनिधित्व में बराबर हिस्सेदारी नहीं मिलेगी, तब तक लोकतंत्र अधूरा रहेगा।
महिलाओं की भागीदारी ही मजबूत लोकतंत्र और सामाजिक बदलाव की असली कुंजी है।
सादर जय भीम, जय भारत।
आइए झुक कर सलाम करें उनको, जिनके हिस्से में यह मुकाम आता है।
बहुत खुशनसीब होते हैं वह योद्धा, जिनका लहू मिशन के काम आता है।
2 अप्रैल बहुजनों के ऐतिहासिक आंदोलन में बलिदान हुए हमारे वीर शहीदों को नमन, आप सब हमारे दिलों में हमेशा जिंदा है और रहेंगे।
#2अप्रैल_बलिदान_दिवस
परम पूज्य बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी एवं मान्यवर कांशीराम साहब जी की विचारधारा 'बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय' को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की संगठनात्मक मजबूती हेतु 'आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) राजस्थान' के निम्नलिखित साथियों को नियुक्त किया जाता है।
राजस्थान के मेड़ता विधानसभा क्षेत्र के निवासी एवं जीव रक्षा व पर्यावरण संरक्षण समिति के प्रदेशाध्यक्ष माननीय लुणा राम मेघवाल जी ने करकेड़ी क्षेत्र में खेजड़ी वृक्षों की अवैध कटाई का साहसपूर्वक विरोध किया।
इस पर्यावरणीय अपराध के विरुद्ध आवाज़ उठाने पर वन माफियाओं द्वारा उन पर जानलेवा हमला किया गया, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना अत्यंत पीड़ादायक और दण्डनीय है।
उन्हें जयपुर के SMS हॉस्पिटल में रेफर किया गया है, लेकिन उचित व समय पर इलाज न मिल पाने के कारण उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है।
भीम आर्मी–आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) खेजड़ी वृक्षों की अवैध कटाई का कड़ा विरोध करती है।
खेजड़ी केवल एक वृक्ष नहीं, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान, पर्यावरण संतुलन और जनजीवन का आधार है।
हम पर्यावरण रक्षक लुणा राम मेघवाल जी के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रकृति से प्रार्थना करते हैं।
हम @RajGovOfficial से मांग करते हैं - कि लुणा राम मेघवाल जी को तत्काल सर्वोत्तम एवं विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए, इस हमले में शामिल सभी अपराधियों की तुरंत गिरफ्तारी की जाए,खेजड़ी वृक्षों की अवैध कटाई में संलिप्त माफियाओं पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
@rajcmo@BhajanlalBjp
भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) राजस्थान की *संयुक्त बैठक*
दिनांक - 08 फरवरी 2026, समय - सुबह 11:00 बजे स्थान - डॉ. अंबेडकर वेलफेयर सोसाइटी, झालाना डूंगरी, जयपुर।
आप सभी साथी सादर आमंत्रित है!
वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर नारी शक्ति, साहस, वीरता और न्याय की अनोखी मिसाल, होल्कर साम्राज्य की महारानी माता अहिल्याबाई होल्कर जी की प्राचीन मूर्तियों का तोड़ा जाना अत्यंत निंदनीय, शर्मनाक और अक्षम्य है।
मणिकर्णिका घाट का निर्माण लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी द्वारा वर्ष 1771 में कराया गया था। यह स्थल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण धरोहर है।
लोकमाता अहिल्याबाई जी केवल इतिहास की नहीं, बल्कि न्याय, सुशासन और सांस्कृतिक गरिमा की प्रतीक हैं। उनकी प्रतिमाओं के साथ हुआ यह कृत्य गंभीर प्रशासनिक चूक और संवेदनहीनता को दर्शाता है।
यह भी स्मरणीय है कि AMASR (प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल तथा अवशेष अधिनियम), 1958 के तहत संरक्षित धरोहरों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून मौजूद है। ऐसे में इस अधिनियम के अंतर्गत आने वाली विरासत को क्षति पहुंचना कानूनी उल्लंघन की श्रेणी में आता है।
हम वाराणसी के माननीय सांसद एवं प्रधानमंत्री @narendramodi जी से मांग करते हैं कि इस मामले में स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही मूर्तियों की सुरक्षित संरक्षण व्यवस्था और समयबद्ध पुनर्स्थापना सुनिश्चित की जाए।
लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी के सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। यह केवल एक मूर्ति का प्रश्न नहीं, बल्कि हमारी ऐतिहासिक चेतना और सांस्कृतिक जिम्मेदारी का विषय है।
@mygovindia@UPGovt@PMOIndia@CMOfficeUP@myogiadityanath
राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM)
(National Livestock Mission)
वर्तमान में इस योजना के आवेदन बंद है जिससे किसान भाइ योजना के लाभ से वंचित हैं सरकार से निवेदन है कि इस योजना को पुन चालू करें जिससे किसानों का भला हो सके
@PMOIndia@AgriGoI@icarindia@Agribih@HMOIndia@hanumanbeniwal