रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति के ‘रक्षा-संकल्प’ का उत्सव है। श्रावण पूर्णिमा का रक्षा-सूत्र हमें स्मरण कराता है कि रक्षा केवल शरीर की नहीं, धर्म, ज्ञान, संस्कार, संस्कृति और सदाचार की भी होनी चाहिए। पूरी पोस्ट पढ़े 👉🏻 https://t.co/qIOvFZ26Yu
बहन का, भाई का, मित्र का, गुरु का, शिष्य का उस रक्षाबंधन सूत्र में संकल्प होता है और स्थूल जगत में जो ताकत है उससे सूक्ष्म जगत में ज्यादा ताकत है। शरीर से भी मन में ज्यादा ताकत है। हाथी का शरीर बहुत बलवान है। शेर का शरीर हाथी के आगे बहुत नन्हा है। हाथी चाहे तो दसों शेरों को सूंड में पकड़ के पैरों तले दबोच सकता है, लेकिन हाथी का मन, शेर के मन से कमजोर है। हाथी में स्थूल बल है लेकिन शेर में मनोबल है… दर्जनों हाथियों को मार भगाता है और चीर डालता है। तो ये श्रावणी पूनम हमारा मनोबल, बुद्धि बल, आत्मबल, आध्यात्म बल बढ़ाने वाली पूर्णिमा है।
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रक्षाबंधन- 28 अगस्त
रक्षासूत्र बाँधने का मंत्र
वैदिक मंत्र सहित शुभकामना व श्रद्धा से रक्षासूत्र पहनें-पहनायें तो लाभ होता ही है। वैदिक मंत्र है :
येन बद्धो बली राजा, दानवेन्द्रो महाबलः ।
तेन त्वां अभिबध्नामि, रक्षे मा चल मा चल।।
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"रक्षाबंधन कैसे मनाएं"
बहन भाई के ललाट पर तिलक करती है "मेरे भैया का निर्मल विवेक जगे।"
अक्षत लगाती है "अक्षय सूझबूझ, ज्ञान और शांति बनी रहे।"
पतला सा धागा बांधती है "मेरे भैया की विकारों से सुरक्षा रहे।"
भाई भी उऋण होने के लिए वर्षभर, जीवन भर बहन की रक्षा करना मेरा कर्त्तव्य है।
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अपना शुभ संकल्प , औषधियाँ और शरीर के ढाँचे की व्यवस्था... , इन सब को ध्यान में रखते हुए ये श्रावणी पूनम का "रक्षाबंधन" महोत्सव चल पड़ा। हज़ार साल, दो हज़ार साल, पाँच हज़ार साल, लाख-दो लाख नहीं! करोड़ों वर्ष प्राचीन ये उत्सव है।
लक्ष्मीजी ने बली राजा को बांधी थी राखी। सबकुछ देकर त्रिभुवनपति को अपना द्वारपाल बनाने वाले बली को भी लक्ष्मीजी ने राखी बांधी और राखी बांधने वाली बहन अथवा हितैषी व्यक्ति की आगे कृतज्ञता का भाव व्यक्त होता है..।
तो तुम क्या चाहती हो...? बोले:- "वो जो तुम्हारे बौने, नन्हे-मुन्ने चौकीदार हैं, उनको आप छुटा कर दो।"
विश्वनियंता को छुड़ाने के लिए… भक्त के प्रेम से वश होकर जो द्वारपाल की सेवा करते हैं ; उस द्वारपाल की सेवा की पदवी से भगवान नारायण को छुड़ाने के लिए लक्ष्मीजी ने भी "रक्षाबंधन महोत्सव" का उपयोग किया।
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@Asharamjiashram रक्षाबंधन केवल आधुनिक उत्सव नहीं, ऋषि-परंपरा से जुड़ा सांस्कृतिक पर्व है। इसमें स्वाध्याय, आत्मशुद्धि, शुभ संकल्प और आध्यात्मिक उन्नति के संदेश जुड़े हैं। Raksha Sutra इसकी याद दिलाता है। #VedicRakshaBandhan