कोई तो आगे आओ
इन छात्रों की मदद करें।
इनके साथ अन्याय हो रहा है।
इनके हक का पैसा लूटा जा रहा है।
बारिश में भी IVRI बरेली के छात्र अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। धरने का चौथा दिन है।
IVRI बरेली में छात्रों के साथ नाइंसाफी क्यों?
देशभर में छात्रों को इंटर्नशिप अमाउंट 20000 से 25000 दिया जाता है लेकिन बरेली में सिर्फ 3000 रुपए?
आखिर इतनी असमानता क्यों? इसी मुद्दे को लेकर छात्र 3 दिन से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इस पूरे मामले को 10 बिंदुओं से समझिए-
1-
आईवीआरआई के बीवीएससी एवं एएच छात्रों की अनिवार्य रोटेटिंग इंटर्नशिप 12 ��हीने की है, परंतु स्टाइपेंड केवल 6 महीने के लिए ₹3,000 प्रतिमाह दिया जा रहा है।
2-
यह अवधि और राशि दोनों में अपर्याप्त है।
इंटर्न पूरे वर्ष क्लिनिकल ड्यूटी, अस्पताल कार्य, फील्ड ड्यूटी और पेशेवर जिम्मेदारियाँ निभाते हैं, इसलिए भत्ता भी पूरी 12 महीने की अवधि के लिए मिलना चाहिए।
3-
छात्र देश के अन्य पशु चिकित्सा संस्थानों के स्तर पर स्टाइपेंड की मांग कर रहे हैं। उनके अनुसार बीएचयू में लगभग ₹23,500, लुवास (हरियाणा) में लगभग ₹24,310 और गडवासु (पंजाब) में लगभग ₹22,500 प्र���िमाह दिया जाता है।
4-
इन्हीं तुलनाओं के आधार पर मांग है कि आईवीआरआई में भी स्टाइपेंड ₹3,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रतिमाह किया जाए और वह पूरी इंटर्नशिप अवधि पर लागू हो।
5-
₹3,000 की राशि आज के किराए, भोजन, आवागमन और व्यावसायिक खर्च के सामने प्रतीकात्मक है। इससे छात्र पढ़ाई और ड्यूटी पर पूरा ध्यान नहीं दे पाते।
6-
आईवीआरआई राष्ट्रीय स्तर का संस्थान है। यहाँ के इंटर्न का भत्ता अन्य राज्य पशु चिकित्सा विश्वविद्यालयों से बहुत कम होना असमानता और असम्मान की स्थिति पैदा करता है।
7-
स्टाइपेंड की फंडिंग, बजट आवंटन और भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता हो। छात्र चाहते हैं कि राशि किस मद से दी जाती है और क्यों आधी अवधि तक सीमित है, यह स्पष्ट किया जाए।
8-
यह आंदोलन संस्थान ���ा पशु चिकित्सा शिक्षा के विरुद्ध नहीं है। छात्र केवल इंटर्नशिप की जिम्मेदारी के अनुरूप सम्मानजनक और समयबद्ध भत्ते की माँग कर रहे हैं।
9-
मुद्दा पहले भी संस्थान और संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखा जा चुका है, परंतु संतोषजनक समाधान नहीं मिला। इसलिए अब लिखित और समयबद्ध उत्तर माँगा जा रहा है।
10-
निवेदन है कि पेशेवर परीक्षाओं के बाद शुरू होने वाली अनिवार्य इंटर्नशिप से पहले ��्टाइपेंड को ₹25,000 प्रतिमाह, पूरी 12 महीने के लिए, संशोधित करने का निर्णय लिया जाए, ताकि छात्र बिना आर्थिक दबाव के प्रशिक्षण पूरा कर सकें।