आज INDI गठबंधन के अप्रासंगिक होने की सीमा तक पहुँचने के बाद ,
समाप्त हो चुके UPA गठबंधन की प्रथम व अंतिम अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी जी ने एक बार फिर कट्टरपंथी वोटों के कारोबार पर नज़र गड़ा कर गाजा के लिये ग़म का इज़हार किया है।
- ग़ाज़ा के लिए गम दिखाकर सोनियाजी को लगता है कि वो सत्ता से बाहर होने का ग़म ग़लत कर लेंगी या मोदी जी का प्रभाव कम लेंगी, तो यह उनकी ग़लतफ़हमी है।
- जब ईरान ने स्वयं प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया है, अब ईरान के साथ अच्छे संबंधों होने का इससे बेहतर प्रमाण क्या चाहिए।
- जो बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदुओं की हत्याओं पर बोलना अपनी तौहीन समझते हैं वही गाजा पर इस क़दर गमगीन हो रहे हैं।
- देश जानना चाहता है और कांग्रेस यह स्पष्ट करे कि अक्टूबर 2023 के नरसंहार पर मुँह में दही जमाकर, पर गाजा पर हाहाकार मचा कर क्या इस लेख के द्वारा कांग्रेस पार्टी प्रकारान्तर से हिज़बुल्ला और हमास जैसे आतंकी संगठनों को कवर फ़ायर दे रही है ?