पुलिस द्वारा मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
बस्ती जिले के थाना छावनी के पुलिस कर्मियों द्वारा महिलाओं के साथ मारपीट का एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा
आरोप है के पुलिस द्वारा जबरदस्ती जमीन कब्जा करने के मामले में रिश्वत लेकर महिलाओं और बच्चों के साथ मारपीट की गई है,
फिलहम मामले की जांच चल रही है
CJP प्रोटेस्ट के समर्थन में व्हाट्सएप्प ग्रुप बनाने के आरोप में तीन मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया, मामला असम के लखीमपुर का है। गिरफ्तार युवकों के नाम असराफ़ुल इस्लाम, मंज़ूर रहमान और अब्दुल कासेम हैं। इन मुस्लिम युवकों पर आरोप है कि वे छात्रों के आंदोलन के समर्थन में एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित करने की कोशिश कर रहे थे। चलो मान लेते हैं कि ये प्रोटेस्ट कि तैयारी भी कर रहे हों तो अब सवाल ये उठता है कि अगर किसी ने हिंसा नहीं की, कानून नहीं तोड़ा, और सिर्फ़ लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की तैयारी की, तो क्या उसे गिरफ्तार कर के जेल भेज देना न्याय है?
लड़की ने क्या बोल दी
बोली कि हम मंदिर गई थी नवरात्रों में धक्का मुक्की हुई कहीं इधर- टच कर रहे, कभी उधर टच कर रहे
ये तो बहुत गंभीर आरोप है
ऐसा नहीं होता है ✅
यदि ऐसा हुआ है तो गलत है ❌
तीन मुस्लिम युवकों को पुलिस ने हिरासत में!
गुनाह. कॉकरोच जनता पार्टी के नाम से WhatsApp पर ग्रुप बनाना 😱
मतलब सजा के हकदार होने के लिए मुसलमान होना जरूरी है!
लखीमपुर..
@tarunjatav50 Supreem court ko itni brutality ka to suo moto consensus lena chaiye, bachho pr pallet gun, shock batten ko use Kiya Gaya , girls ko assault kiya gaya
🚨 रायबरेली में महिला पर लाठी से हमला! 🚨
उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन रायबरेली के कप्तानगंज थाना क्षेत्र से सामने आया यह वीडियो उन दावों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।बताया जा रहा है कि जमीन के विवाद को लेकर आरोपियों ने एक महिला के ऊपर लाठी से हमला किया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद सवाल उठता है—
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ है ,हमारा आंदोलन खत्म नहीं हुआ !
मतलब हमारे सवाल अब भी जारी है...
बताओ तीन दिन से लावारिस ट्रक क्यों खड़ा है ,जहां नो एंट्री है ?
भागलपुर में प्रदर्शन कर रही जेन - जी छात्रा ने महिला पुलिसकर्मी से कहा ‘हिम्मत है तो हाथ लगा कर दिखाओ।’
इस हिम्मती लड़की और महिला पुलिसकर्मी की नोकझोक की वीडियो सोशल पर वायरल हो रही है।
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लोग कह रहे हैं जेन-जी को आप लाठी और वर्दी से डरा नहीं सकते। अगर अपने हक के लिए रोड पर उतर आए हैं तो आपको उनकी बात माननी पड़ेगी।
आज सबसे बड़ी चुनौती अब जंतर मंतर पर धरनास्थल खाली हो गया युवा सब अपने अपने घर पहुच रहे हैं
लेकिन उस जुनैद का क्या जिसने 37 दिन पूरे इस आंदोलन में इन सब युवाओ को खाना खिलाया पानी पिलाया पूरे आंदोलन में अपनी इंसानियत की सेवा दिया ।
उसके साथ बहुत बुरा हो गया पिता बहन रिश्तेदार सबको पुलिस गिरफ्तार कर लिया उठाकर ले गयी ।
उसका क्या दोष था क्या वी मुस्लिम था इस कारण उसको टोपी की और मुस्लिम होने की सजा मिली कब तक मुस्लिम समाज को देशभक्ति और अपनी पहचान बतानी पड़ेगी
कब तक मुस्लिम समुदाय के साथ इस देश मे यह नफरत की राजनीति होगी बताओ जवाब दो और जुनैद को न्याय दिलाओ अब सब मिलकर।