प्रसिद्ध गायक श्री @dalermehndi जी से फोन पर वार्ता कर उनका कुशलक्षेम जाना। इस दौरान विगत दिनों हुए घटनाक्रम के संबंध में भी चर्चा हुई।
देवभूमि उत्तराखण्ड ‘अतिथि देवो भवः’ की समृद्ध परंपरा का संवाहक है। हमारी लोकसंस्कृति, आत्मीय आतिथ्य और सौहार्द की भावना ही देवभूमि की विशिष्ट पहचान है। यहां कला, संस्कृति और कलाकारों का सदैव स्वागत एवं सम्मान किया जाता रहा है।
हमारा प्रयास है कि इस घटनाक्रम को पीछे छोड़कर आपसी संवाद, सौहार्द और सकारात्मकता की भावना के साथ आगे बढ़ा जाए।
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने कॉकरोचों के वोट चोरी पर ड्रामा पर थूक दिया है |
लेकिन भारत में कबूतर मरने की खबर दिखाने वाले @BBCHindi के पत्रकार इस वीडियो को सर्कुलेट नहीं करेंगे |
क्योंकि यह खबर सर्कुलेट की तो शायद बीबीसी और कांग्रेस का मजबूत बॉन्ड टूट जाएगा |
कोई बात नहीं बीबीसी नहीं दिखा रहा तो राष्ट्रवादी हिंदू बीबीसी भी कई गुणा ज्यादा दिखा सकता है | 🔥🔥
Whatttt Aaa Thrillingggg Matchhh Sriii Lanka Chase 429 Runs Jiyange Finishes Off In Style With A Massive Straight Six (Full Last Over) 🤯😍🔥 https://t.co/kTDTwNPegG
जहां आपके टैलेंट की कद्र न हो वहां पर संन्यास लेना ही बेहतर है इंतजार करने से
मैं बात कर रहा हूं मोहम्मद शमी की जो पिछले कुछ सालों से टीम से बाहर चल रहे हैं और रणजी ट्रॉफी में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भी टीम में वापसी नहीं हो रही।
शमी ने भावुक होकर कहा कि
मैं न तो अभी टीम में हूं और न ही कॉन्ट्रैक्ट में तो मुझसे कौन ही बात करना चाहेगा 😥
शमी को इस दर्द में तड़पते हुए देखना अच्छा नहीं लग रहा है इससे अच्छा तो वो संन्यास ही ले ले क्योंकि यहां की राजनीति बहुत गंदी है।
#Jansangh : बीजेपी को हराना क्यों मुश्किल है ? बीजेपी के पास कैसा रिमोट है? आज भी चुनाव हो जाए तो बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी क्यों बनेगी
?
1. बीजेपी की कहानी जानने से पहले जानिए जनसंघ के बारे में। आज (21 अक्टूबर) जनसंघ का जन्मदिन है। RSS ने जन्मसंघ बनाया साल 1951 में
पहला चुनाव 1951-52 जनसंघ को 3 सीटें मिली
1957 4 सीटें
1962 14 सीटें
1967 35 सीटें
1971 22 सीटें
इसके बाद लगी इमरजेंसी और जनसंघ ने अपनी पार्टी जनता पार्टी में मर्ज़ कर दी । ऐसा पहली बार हुआ था जब एक जमी जमाई पार्टी ने अपना पॉलिटिकल कैपिटल एक आंदोलन को दे दिया
लेकिन जनसंघ से आए लोगों ने सत्ता के चक्कर में विचारधारा नहीं छोड़ी
अगर दो मंत्री कुर्सी से चिपके रहना चाहते तो डबल मेंबरशिप वाली बात पर नहीं अड़ते । वे संघ के स्वयंसेवक थे और यही उनकी ओरिजिनल विचारधारा उनकी असली पहचान थी । सत्ता गई तो गई , विचारधारा बच गई ।
1980
जनसंघ अपने नए अवतार भारतीय जनता पार्टी बनकर आई
1984 2 सीटें
1989 85
1991 120
1996 161
1998 182
1999 182
2004 138
2009 116
2014 282
2019 303
2024 240
एक टॉप लीडर की बात याद आ रही है: ‘हम धीरे धीरे यहां तक पहुंचे हैं , हमें हटाना इतना आसान नहीं’
बीजेपी की सबसे बड़ी ताकत ही उसकी विचारधारा है । यही उसका कोर है , वो एकदम intact है । इस विचारधारा पर उसका इकलौता proven track record है । कोई कंपीटिशन है नहीं ।
कभी आपने सोचा
कांग्रेस से टूटकर कई बड़े नेता अपने अपने राज्य में मुख्यमंत्री बन गए
बीजेपी से जो अलग हुआ वो प्रभावहीन हो गया
इसकी वजह भी वही विचारधारा है
बीजेपी इस वक्त नेशनलिस्ट हिंदू की पहली और इकलौती पसंद है
यही उसका watermark है
पेटेंट उसके पास है
कॉपीराइट उसके पास है
इसकी कोई और शाखा नहीं है
कोई 35 साल पुरानी बात है। दलेर मेंहदी गोरखपुर आए थे, उनका कोई शो था।
हमारे मित्र महेंद्रपाल उनके गुरुभाई थे, दोनों ने एक ही सूफी से संगीत सीखा था। उस दौर में दलेर चमकते हुए सितारे थे। गोरखपुर आने के बाद अपने गुरु के पास गए, दोस्त से मिले।
शराब और अहंकार दोनों उनके आसपास नहीं थे।
उत्तराखंड में उनके साथ किया गया, उसे बदतमीजी कहते हैं। न बुलाते उनको, लोकल लोगों को बुलाते यह आपके और इंतज़ामिया कमेटी के बीच का मामला था। किसी कलाकार को बुलाकर पॉवर का अहंकार दिखाना अभद्रता है।
दलेर मेहंदी मंच पर लिप-सिंक कर रहे थे तो गलत था, पर मंत्री जी का मंच पर चढ़कर अपमान करना उससे बड़ा गलत है। पसंद नहीं आई परफॉर्मेंस तो आयोजक से कहते, माइक छीनकर नशे में होने का आरोप लगाना कलाकार का नहीं, कुर्सी का नशा दिखाता है। यह देवभूमि की संस्कृति नहीं, अहंकार है।
एक वर्ष में 4 बार वियतनाम, ऐसा क्या है वियतनाम में कि एक वर्ष में 4 बार जाना पड़ रहा है।
अगर किसी को घूमने भी जाना होता है तो एक बार या दो बार।
लेकिन यहां तो एक वर्ष में 4 बार।
क्या चल रहा है वहां ? क्या खास है वियतनाम में?
देश को जलाने की पूरी कोशिश करके और कई युवकों को जेल में डलवाकर राहुल गांधी बिजनेस क्लास में विदेश के लिए निकल गए हैं
सुना है कि वह वियतनाम गए हैं वहां चीन के कुछ अधिकारियों और उसके बाद अमेरिका के कुछ लोगों के साथ उनकी मीटिंग होने वाली है
वहां वह राहुल गांधी भारत को जलाने की नई प्लानिंग लेकर आएंगे क्योंकि जब भी राहुल गांधी विदेश यात्रा से आते हैं उनके पास भारत को जलाने की एक नया टूलकिट होता है
कभी राफेल कभी चीन भारत में घुस गया है कभी EvM कभी अंबानी अडानी तो कभी चुनाव आयोग तो कभी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार
यानी उनके विदेशी आका हर बार उनको एक नई टूलकिट देकर भेजते हैं
राहुल गांधी को एसपीजी सुरक्षा मिली है और एसपीजी प्रोटेक्टी को कहीं भी जाना होता है तो वह बगैर एसपीजी सुरक्षा के नहीं जा सकता
लेकिन राहुल गांधी भारत में लंबी चौड़ी फौज लेकर घूमते हैं लेकिन जब विदेश में कुछ खास यात्राओं पर जाना होता है तब वह बिना एसपीजी को बताएं बिना सरकार को सूचित किये वह चुपचाप निकल लेते हैं
राहुल गांधी भी सरकार का एक हिस्सा है, जी हां नेता प्रतिपक्ष भी सरकार का हिस्सा होता है उसे लोकसभा कार्यालय को अपनी यात्राओं की सूचना देना होता है लेकिन राहुल गांधी तो भारत के राजा है वह कानून से संविधान से ऊपर हैं उनके लिए संविधान तो एक दो मिनट का खेल है
अब वह कॉकरोच खुद को कोड़े मार रहे होंगे जो इसके कहने पर हल्ला दंगा किया अब वह पुलिस थाने कोर्ट कचहरी का चक्कर लगा रहे हैं और यह बंदा विदेश निकल गया
बेचारे यह कांग्रेसियों की हालत राहुल गांधी का बचाव करते-करते क्या से क्या हो जाती है
🤣🤣😂
राहुल गांधी आंदोलन छोड़कर बॉटम मसाज करवाने विदेश चला जाता है
और चैनलों पर कांग्रेस प्रवक्ताओं को थेथरई पर थेथरई करना पड़ता है
भाजपा की साजिश ब्ला ब्ला ब्ला करते हैं
अरे मूर्ख कांग्रेसी राहुल गांधी बिजनेस क्लास में बैठकर विदेश निकल गया है उसके कई वीडियो सामने आ चुके हैं और अब तो राहुल गांधी के ऑफिस ने भी कह दिया कि हां राहुल गांधी भारत में नहीं है
एक-दो दिन पहले एक वीडियो देखा, जिसमें कोई मंत्री जी मंच पर दलेर मेहंदी जी से जिस तरह बात कर रहे थे, उसे देखकर बहुत दुख हुआ।
मैं दलेर जी को बहुत सालों से जानता हूँ। यह भी जानता हूँ कि पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत ठीक नहीं रही है। मंत्री जी, आपको उनकी प्रस्तुति से शिकायत हो सकती है। नाराज़गी भी हो सकती है। लेकिन सबके सामने मंच पर जाकर इस तरह उन्हें अपमानित करना ज़रूरी था क्या? यही बात उनसे अलग बैठकर, इज़्ज़त से भी तो कही जा सकती थी।
एक कलाकार अपनी मेहनत से जो पहचान और सम्मान कमाता है, उसके पीछे पूरी ज़िंदगी लगी होती है। दलेर जी ने पिछले तीस-पैंतीस सालों से अपने गानों से हम सबको ख़ुशी दी है। उस योगदान की कुछ तो क़द्र होनी चाहिए।
दलेर जी, मैंने आपको हमेशा एक नेकदिल, प्यार बाँटने वाले इंसान के रूप में जाना है। जहाँ तक मैं आपको जानता हूँ, आप शराब भी नहीं पीते। आपको यह सब सहना पड़ा, इसका मुझे बहुत अफ़सोस है।
अपनी इंडस्ट्री के साथियों से भी कहना चाहूँगा—जो लोग दलेर जी को जानते हैं, वे अपनी बात ज़रूर रखें। उनके साथ खड़े हों। किसी के अच्छे स्वभाव के बारे में, उसकी इंसानियत के बारे में अपने अनुभव से दो शब्द कहना भी बहुत मायने रखता है। ऐसे वक़्त में एक साथी के लिए इतना तो हम कर ही सकते हैं।
दलेर जी, आप बेहतरीन कलाकार हैं और उतने ही प्यारे इंसान भी। अपना ख़याल रखिए। भगवान आपको अच्छी सेहत दे। मेरा प्यार और सम्मान हमेशा आपके साथ है। 🙏❤️
A party held at an entertainment venue turned into a ring following a verbal altercation that began between two female customers for an as-yet-unknown reason.
The war of words quickly escalated into a brawl involving kicks and punches.
पंजाबी सिंगर दलेर मेहंदी की हाल ही में एक सर्जरी हुई है जिसके चलते वो कल के प्रोग्राम में ठीक से परफॉर्म नहीं कर पा रहे थे जहां तक शराब का सवाल है दलेर मेहंदी ने जीवन में शराब को हाथ तक नहीं लगाया.!
लेकिन उत्तराखंड में भाजपा के केबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने उन्हें मंच पर भला बुरा कहा ये कह कर नीचा दिखाया कि तुम शराबी हो और आज भी शराब पीने के करना ठीक से परफॉर्म नहीं कर रहे हो!
उधर मीका सिंह ने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति ये साबित कर दे कि मेरे बड़े भाई शराब पीते हैं तो मैं गायकी छोड़ दूंगा इस घटना के बाद दलेर मेहंदी के समर्थकों में पंजाबी समाज में भारी रोष है!
नरेंद्र मोदी के पास अमित शाह जैसा एक चाणक्य है जो दुश्मनों को परास्त करने की सारी नीतियां जानता है।
अमित शाह ने राहुल गांधी को ऐसा फसाया कि अब उनके लिए निकलना मुश्किल हो गया है।
तिलचट्टो द्वारा बुलाए गए दिल्ली बंद में सरकार ने मेट्रो स्टेशन बंद करवा दिए। जगह-जगह बैरिकेडिंग करवा दिया। कांग्रेसियों के वकील सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए।
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया बेरीकेटिंग कम करो। अमित शाह ने सुप्रीम कोर्ट जाने वाली सड़क से सारी बेरीकेटिंग हटवा दिया। कांग्रेसी वकीलों के कहने पर सुप्रीम कोर्ट से बंदे की धारा 153 (पुराना 144) हटवा दिया।
राहुल गांधी को खबर पहुंचा दिया कि सुप्रीम कोर्ट जाने का रास्ता खुला हुआ है।
राहुल गांधी ने नारा लगाया "सुप्रीम कोर्ट "चलो और पहुंच गए। दिल्ली पुलिस ने रोका भी नहीं।
अब सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को लपेटना शुरू किया है। इसे कहते हैं असली चाणक्य नीति। अपने ही जाल में फसना।
#WATCH | मुंबई, महाराष्ट्र | स्टारलिंक के बारे में मस्क की हालिया टिप्पणी को लेकर AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर AIMIM नेता वारिस पठान ने कहा, "असदुद्दीन ओवैसी ने बहुत सही बात कही कि हमारे कितने भी वैचारिक मतभेद RSS या भाजपा से हो सकते हैं लेकिन जब देश की बात आ गई तो हम बोलेंगे। एलन मस्क कौन हैं?...अब वो बताएंगे कि भारत में कौन प्रधानमंत्री होना चाहिए या कौन नहीं होना चाहिए?... जहां देश की बात आती है तो देश के साथ सब खड़े रहते हैं।"