महिला थानेदारों के लिए reexam और फिजिकल के लिए कड़ी चुनौती है क्योंकि कई महिला थानेदारों इस दौरान बच्चे हुए, प्रेग्नेंसी चल रही हैं।
ऐसे में वो महिलाएं कैसे कर पाएंगी, सब भगवान भरोसे है। #si_भर्ती_2021 में अब तक सर्वाधिक महिलाओं का सलेक्शन हुआ जो शायद ही किसी दूसरे बैच में हो।
@JATbera1@arvindchotia
आज रात 8:00 ईमानदार साथियों के लिए अवश्य लिखें। 🙏
#ईमानदार_SIP_मांगे_न्याय
कुछ लोगों की गलती का बोझ सब पर डालना उचित नहीं है।
योग्य अभ्यर्थियों के भविष्य की रक्षा हो।
चर्चित आईपीएस राहुल प्रकाश सर के पक्ष को सुनकर न्यायपालिका को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए
#si_भर्ती_2021
राजधर्म यहीं कहता है निर्दोष की रक्षा हो और दोषियों को सजा हो
न्याय शास्त्र का मूल सिद्धांत कहता है कि चाहे 100 दोषी छूट जाये मगर एक निर्दोष को सजा नहीं मिलनी चाहिए
जो लोग बेरोज़गार युवाओं के नाम पर अदालत में याचिकाएँ डालकर उनके भविष्य से खेल रहे हैं, वही असल में मौज-मस्ती और जश्न में डूबे हैं।
ये वही लोग हैं जो मेहनती अभ्यर्थियों की ज़िंदगी और सपनों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
सावधान रहिए—जो असली संघर्ष कर रहे हैं, वे सड़कों पर हैं, लेकिन जो झूठा संघर्ष दिखा रहे हैं, वे ऐश कर रहे हैं।
#JusticeForSI2021 #si_भर्ती_2021
राजस्थान में इंटेलेक्चुअल तबका जाग चुका है जिसमें, पत्रकार, सोशल एक्टिविस्ट, सामाजिक लोग, नेता और वरिष्ठ अधिकारियों में सब जगह एक ही चर्चा हैं, एडीजी वीके सिंह ने #SI_भर्ती में अच्छे से जांच नहीं कर रही, अगर प्रभावी निष्पक्ष जांच होती तो दोषियों और निर्दोषों को अलग किया जा सकता हैं, यही कारण हैं रात भर जद्दोजद चलता रहा, किसी को गिरफ्तार करूं किसको नहीं।कागज पर नाम लिखे गए, और फिर काट दिए गए। आनन फानन में पूछताछ के लिए बुलाया भी गया। तो एक बार फिर रद्दी गैंग एक्टिव हुई और जैसे पहले सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को गलत इंटरप्रेट किया था वैसे ही आज भी गलत लोगों के नामों को सोशल मीडिया में प्रचारित कर रहे हैं। अभी तक आधिकारिक रूप से कोई गिरफ्तारी नहीं हुईं हैं। 130 लोग 59 ट्रेनी सब इंस्पेक्टर्स गिरफ्तार हुए हैं 23 महीनों की जांच में ऐसा क्यों?????
वो कौनसे कारण हैं जो एडीजी वीके सिंह को गिरफ्तारी से रोक रहे हैं?????
पुनः न्यायप्रिय मुख्यमंत्री भजनलाल जी @BhajanlalBjp से मांग हैं कि एडीजी वीके सिंह जी को बर्खास्त करो, दूसरे काबिल अफसर को लगाओ। SOG बहुत अफसर ईमानदार हैं, लेकिन हाथ बंधे हुए हैं उनके हाथ खोलो, सेनापति को बदलो ताकि सेना अच्छे से युद्ध कर सके भ्रष्टाचार के खिलाफ।
वरना याद रहे दिल्ली, पटना, उत्तराखंड और बैंगलोर में बेरोजगार सड़कों पर हैं जल्द ही राजस्थान में भी आवाजें उठेंगी।
#पेपर_चोरों को गिरफ्तार करो।
सिस्टम ने मार डाला। झोपड़ी में रहता है दारोगा का परिवार
Rajasthan SI भर्ती रद्द होने से परेशान भरतपुर के राजेंद्र सैनी ने जान दे दी।
क्या ये सिस्टम कभी उनके परिवार के साथ न्याय कर पाएगा?
#rajasthan#News#Bharatpur
दौसा में (Si भर्ती 2021) में चयनित अभ्यर्थी राजेंद्र सैनी का रेलगाड़ी के आगे आकर सुसाइड करना अत्यंत दु:खद है साथ ही सरकार की नाकामी को दर्शाता हैं व मै सरकार से मांग करता हूं सरकार पीड़ित परिवार को मुआवजा व सरकारी नौकरी दे।
@RajCMO@BhajanlalBjp@SachinPilot@INCRajasthan
मुख्यमंत्री जी की नीति “दोषियों को सजा और ईमानदार को न्याय” के खिलाफ जाकर VK सिंह ने ऐसा बयान दिया कि आज मुख्यमंत्री जी के गृह जिले #भरतपुर के होनहार युवा राजेंद्र माली ने आत्महत्या कर ली।
👉 उन्हें अवसाद में ले जाने का जिम्मेदार सिर्फ VK सिंह है।
#SI_राजेंद्र_को_न्यायदो
दौसा हादसे में ट्रेनी SI राजेंद्र सैनी की मौत ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
2021 की विवादित भर्ती में चयन हुआ, पर परीक्षा रद्द होने के बाद से वो डिप्रेशन में थे।
सुसाइड से पहले लिखा था– “शादी करूं या बहन की पढ़ाई… पापा की तबीयत कब तक रहेगी, कुछ समझ नहीं आता।”
ये हाल सिर्फ राजेंद्र का नहीं, उन सभी युवाओं का है जिन्होंने ईमानदारी से मेहनत की थी, लेकिन आज घर बैठने को मजबूर हैं।
दल्ले पत्रकार ,राजनैतिक गिद्ध और छपरी नेता आज फिर एक घर का चिराग़ बुझाने में सफल रहे ।बस अब ये देखना है debate में बैठकर कुत्तों की तरह झगड़ कर इसका credit सबसे पहले कौन लेने में सफल होता है ?
# दुखद 😓भगवान परिवार को हिम्मत प्रदान करे
#si_ bharati_ 2021
यह आत्महत्या नहीं हत्या है क्योंकि इंसान मानसिक उत्पीड़न आखिर कब तक झेल सकता है 🙏
ट्रेनी सब इंस्पेक्टर श्री राजेंद्र कुमार भरतपुर के पिछड़े क्षेत्र से आते हैं जिनके कंधों पर बीमार पिता, बहन एवं बूढ़ी मां की जिम्मेदारी थी, मेहनत और कठोर परिश्रम के द्वारा इन्होंने सब इंस्पेक्टर परीक्षा 2021 पास करी लेकिन 2 साल से मानसिक पीड़ा झेलकर आखिर यह कदम उठाना पड़ा 😭😭😭😭 भाई कुछ भी हो लेकिन ऐसा तो नहीं करना था न्यायपालिका पर भरोसा रखता💔
खैर इनका कसूर सिर्फ इतना था कि इनका जन्म गरीब परिवार में हुआ था।
आखिर इस भाई की मौत के जिम्मेदार कौन?
सोचना चाहिए कि इंसान मशीन नहीं है आखिर कब तक वो मानसिक उत्पीड़न झेल सकता है,
कुछ दिन पहले ग्रुप में लिखा था कि इस मोड़ पर खड़ा हूं कि करूं क्या, खुद की शादी या बहन को पढ़ाऊं, पिताजी बीमार रहते हैं कब दुनिया छोड़कर चले जाए 💔 भाई के आखिरी शब्द इंसान को अंदर से तोड़ने वाले हैं 🙌🙏
भगवान आत्मा को शांति दे 😓