@SushantBSinha देखो यार तुम पत्रकारिता कम बक_दी ज्यादा करते हो।
हिंदुस्तान मे कोई अच्छा खबर नह��� मिला था।
तुम जैसे को कोई बीमारी है लगता है, बिना पाकिस्तान के रह ही नही सकते हो।
सोचा था इतने दिन के बाद नया जॉब मिला है तो कुछ अच्छा करोगे लेकिन तुमसे उम्मीद करना बेकार है।
@SushantBSinha देखो यार तुम पत्रकारिता कम बक_दी ज्यादा करते हो।
हिंदुस्तान मे कोई अच्छा खबर नही मिला था।
तुम जैसे को कोई बीमारी है लगता है, बिना पाकिस्तान के रह ही नही सकते हो।
सोचा था इतने दिन के बाद नया जॉब मिला है तो कुछ अच्छा करोगे लेकिन तुमसे उम्मीद करना बेकार है।
Far from the maddening crowd. Finally!
Amid trees, hillocks, paddy fields, lush green farmlands and peace. The only true environmentalists are our tribal communities. Grateful to them.
'मिमी' की तारीफ क्यों कर रहे हैं लोग? एक संजीदा सब्जेक्ट पर बेहद सतही टेक है 'मिमी'. सख्त भाषा के लिए सॉरी लेकिन जिस फ़िल्म का ये रीमेक है, वो मराठी ��िल्म 'मला आई व्हायचय' एक बार देख लीजिएगा. समझ जाएंगे मैं क्या कह रहा हूँ. प्राइम पर है. या मेघना गुलज़ार की 'फिलहाल' ही देख लीजिए.
इस सरकार में जाँच नहीं होती!
हथियार और आतंकवादियों के साथ पकड़��� गए देविंदर सिंह की जाँच से राज्य की सुरक्षा को क्या ख़तरा हो सकता है? क्यों नहीं चाहती सरकार की सच्चाई बाहर आए?
यह कौन सी राष्ट्रभक्ति है!
बिहार में सुशासन का एक और कारनामा । सरकारी लूटतंत्र के भेंट चढ़ा एक और पुल ।
गया जिले के डोभी ब्लॉक के कोठवारा वरीया गांव के पास निरंजना नदी पर 13 करोड़ की लागत से बन रहा पुल मामूली बाढ़ में ही भरभरा कर ढह गया ।
@RJDforIndia@yadavtejashwi@sanjuydv@NitishKumar@UtkarshSingh_
रफ़ीक़ ज़करिया की बुक सरदार पटेल तथा भारतीय मुसलमान पढ़िये जिससे सरदार पटेल को लेकर आरएसएस और बीजेपी ने जो प्रोपेगेंडा फैलाया है उन सब प्रोपेगेंडा का जवाब यह बुक देती है|सरदार पटेल भी गांधी की तरह हिंदू-मुस्ल���म एकता में विश्वास रखते थे|
यह बुक @RajkamalBooks से प्रकाशित हुई है|