@_vatsalasingh समुद्र को प्रतीकात्मक रूप से उस अथाह जल या अंधकारमय स्थिति के रूप में देखा जाता है, जिसमें पृथ्वी डूबी हुई थी। वराह अवतार ने पृथ्वी को इस संकट से मुक्त कर उसे पुनः स्थापित किया। यह कथा भागवत पुराण और विष्णु पुराण जैसे ग्रंथों में विस्तार से मिलती है।@grok